Daredevil Born Again Review: दिन में अंधा वकील, रात में शैतानों का महाकाल, जानिए कैसी है एमसीयू की ये नई कहानी
अगर आपको अरसे से किसी ऐसी सीरीज की तलाश रही है जिसे आप एक साथ बैठकर पूरी रात बिंज वॉच कर सकें तो मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स के बेहद लोकप्रिय किरदार ‘डेयरडेविल’ की नई सीरीज जियो हॉटस्टार पर आ चुकी है। नेटफ्लिक्स पर प्रसारित होती रही इस किरदार की सीरीज के पहले तीन सीजन लोगों ने खूब देखे और जब खबर आई थी कि इसका चौथा सीजन अब नहीं आएगा तो लाखों एमसीयू के प्रशंसकों के दिल टूटे। फिर, मैट मरडॉक जब स्पाइडरमैन के वकील के रूप में दिखा तो फिल्म ‘स्पाइडरमैन नो वे होम’ देख रहे लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा हॉल गुंजा दिया था। लेकिन, इस बार डेयरडेविल बदला बदला सा है, अपनी इंद्रियों से ज्यादा वह इस बार अपने ज्ञान के गुमान में है। अपराधियों के राजनीति में दबदबा बनाने की कोशिशों से उसका सीधा मुकाबला है और इस मुकाबले में जीत हुई है उस एमसीयू की, जिसका आभामंडल बीते कई साल से लगातार क्षीण होता दिख रहा था।
डेयरडेविल संग एमसीयू का पुनर्जन्म
वेब सीरीज ‘डेयरडेविल: बॉर्न अगेन’ कई लिहाज से जबर्दस्त है। एक तो ये सीरीज मैंने पूरी एक साथ देखी है। दर्शकों को ये सीरीज किस्तों में देखने को मिलेगी। दर्शकों के लिए भी अगर इसके सारे नौ एपिसोड एक साथ जारी कर दिए जाते तो इसके बिंच वॉच का आनंद दर्शकों को लंबे समय तक याद रहता। कहानी की शुरुआत वहां से होती है जहां मैट मरडॉक और उसके साथी चेरी सेवानिवृत्ति का जश्न मना रहे हैं। यहां बुल्सआई का हमला पूरा माहौल पलक झपकते बदल देता है। मैट को डेयरडेविल बनना होता है, और इस सबके बीच उसका जिगरी दुनिया छोड़ जाता है। अब उसे अपनी इंद्रियों की इन शक्तियों से नफरत होती दिखती है। डेयरडेविल का मास्क वह त्याग देता है और इस घटना के साल भर बाद, कहानी का नया केंद्र बिंदु सामने आता है। अब उसकी अपराधियों से लड़ाई अदालत में होनी है। वह मास्क नहीं पहनना चाहता। लेकिन, किंगपिन का नया चेहरा वह पहचान जाता है। विल्सन फिस्क ने इसे न्यूयॉर्क का मेयर बनकर हासिल किया है।
स्कारडापेन की टीम की कामयाबी
डारियो स्कारडापेन रचित वेब सीरीज ‘डेयरडेविल: बॉर्न अगेन’ कई मायनों में समय के साथ चलती दिखती सीरीज है। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रम्प किस तरह से देश चलाने की कोशिश कर रहे हैं, सबको दिख ही रहा है। यहां सीरीज में न्यूयॉर्क का मेयर शहर कब्जाने की फिराक में है। अपराधियों की नकेल कसने वाले ‘विजिलांटी’ के वह खिलाफ है। उनको निपटाने के वह नए नए तरीके खोज रहा है। मीडिया उसके हिसाब से कहानियां और हेडलाइंस गढ़े, इसके लिए भी उसने टीम लगा रखी है। असली और फिल्मी का फर्क मिटाती ये सीरीज बताती चलती है कि हीरो कौन होता है? हीरो वह होता है जो अपनी अंतरात्मा की आवाज पर वह काम करता है, जो सही होता है। व्हाइट टाइगर के शब्दों में कहें तो ‘इट इज द राइट थिंग टू डू’। वह ये भी कहता है कि मास्क लगा लेने भर से कोई मर्द नहीं बन जाता। असली ताकत भीतर से आती है, अन्याय के खिलाफ लड़ने की, अत्याचार को न सहने की।
इंसानी एहसासों के करीब लौटता एमसीयू
मैट मरडॉक और विल्सन फिस्क की इस लड़ाई के कई नए आयाम भी वेब सीरीज ‘डेयरडेविल: बॉर्न अगेन’ में निकलते दिखाई देते हैं। मसलन, खुद मैट मरडॉक के जीवन में नया प्यार आ चुका है। उधर, फिस्क और उसकी पत्नी वैनेसा के बीच जो कुछ पक रहा है, वह सीरीज की कहानी को बुदबुदाते रहने का सा एहसास देता रहता है। दर्शकों को आखिर तक ये समझने की कोशिश में रहना होता है कि दोनों मिलकर कुछ खतरनाक करने की फिराक में हैं या दोनों एक दूसरे के खिलाफ ही कुछ खतरनाक करने की योजना बना रहे हैं। ये मानवीय द्वंद्व, किरदारों की कमजोरियों, उनके नए निश्चय और उनके नए संघर्ष ही वेब सीरीज ‘डेयरडेविल: बॉर्न अगेन’ को दर्शनीय बनाते हैं। एमसीयू एक बार फिर से स्पेशल विजुअल इफेक्ट्स के मायाजाल से निकलकर इंसानी एहसासों के करीब आता दिख रहा है और यही इस सीरीज की असल संजीवनी बूटी भी है।
साउंड डिजाइनिंग में भी अव्वल नंबर
देखा जाए तो वेब सीरीज ‘डेयरडेविल: बॉर्न अगेन’ के असल हीरो इस बार इसके रचयिता स्कारडापेन और निर्देशकद्वय जस्टिन बेन्सन और आरोन मूरहेड हैं जिन्होंने सीरीज के पहले तीन एपिसोड में ही कहानी का रंग जमा दिया है। सीरीज की एक और खास बात है जो नोट करने लायक है, वह है इसकी साउंड डिजाइन। आमतौर पर सिनेमा और वेब सीरीज में हाशिये पर ही रहने वाला ये विभाग हॉलीवुड के सिनेमा में फ्रंट से सिनेमा को साधता है। साउंड डिजाइन में लगा दिमाग चीजों का असर कैसे बदल देता है, ये समझना हो तो सीरीज के तीसरे एपिसोड के एंड क्रेडिट में सुनाई देने वाली पक्षियों की आवाज सुननी चाहिए। पूरे एपिसोड का निचोड़ है ये साउंड डिजाइन। एपिसोड पांच में कहानी का एक नया उनवान भी दिखता है जो पूरी सीरीज के मूड से अलग है और दर्शकों में बन रहे कहानी के तनाव को भी कम करने में मदद करता है।
चार्ली कॉक्स फिर बने चैंपियन
वेब सीरीज ‘डेयरडेविल: बॉर्न अगेन’ दो वजहों से देखे जाने लायक सीरीज बन पड़ी है। पहली तो वही है कि ये किरदार मार्वेल सिनेमैटिक यूनिवर्स का सबसे दुलारा किरदार रहा है। वह देख नहीं सकता लेकिन लोगों को दिल की धड़कनें तक पढ़ सकता है। दूर दराज की आवाजें सुनकर खतरे को भांप सकता है और चार्ली कॉक्स ने एक बार फिर इस किरदार को हकीकत के करीब रखते हुए दर्शकों के दिल जीत लिए हैं। विंसेंट डी ऑनफ्रियो भी सीरीज को अलग स्तर पर लाने में कामयाब रहे हैं। उनका परदे पर होना ही अलग विकर्षण पैदा करता है। कॉफी शॉप में दोनों किरदारों का आमना-सामना अखाड़े के पाले तय करता है और फिर पूरी सीरीज में ये जंग पकती रहती है। मार्गरीटा लैविएवा का किरदार सीरीज का एक नया टेंटपोल है, लेकिन, इसे देखकर ही परखना ठीक रहेगा। यहां बताने से उनके किरदार का मजा जाता रहेगा।