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फिल्म महोत्सव: तीसरे दिन भारतीय फिल्म उद्योग से जुड़ा सुनहरा अध्याय, तैरते क्रूज पर फिल्म के ट्रेलर हुए लॉन्च
Sat, 23 Nov 2024 07:12 AM IST
शुभम कुमार
पूनम मेहता
पूनम मेहता
Published by: शुभम कुमार
Updated Sat, 23 Nov 2024 07:12 AM IST
सार
भारतीय फिल्म निर्माता संघ (इंपा) के सहयोग से अगले दो दिन में इस पर फिल्म हार्ड विषय, छबीला व टेंपलेट का ट्रेलर लॉन्च किया जाएगा। इस नई शुरुआत से भारतीय उद्योग को एक नया आयाम मिलने की संभावना है।
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फिल्म महोत्सव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अपने खूबसूरत समुद्र तटों के लिए विख्यात गोवा में चल रहे भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (इफ्फी) के तीसरे दिन शुक्रवार को भारतीय फिल्म उद्योग के साथ एक सुनहरा अध्याय जुड़ा। पहली बार मांडवी नदी में तैरते क्रूज पर फिल्मों के ट्रेलर लॉन्च और मास्टर क्लास की शुरुआत हुई। तेरव फीचर फिल्म का ट्रेलर लॉन्च किया गया और इसके लिए राही नाम के क्रूज को चुना गया। अब तक इस तरह के आयोजन विदेश में ही होते रहे हैं।
भारतीय फिल्म निर्माता संघ (इंपा) के सहयोग से अगले दो दिन में इस पर फिल्म हार्ड विषय, छबीला व टेंपलेट का ट्रेलर लॉन्च किया जाएगा। इस नई शुरुआत से भारतीय उद्योग को एक नया आयाम मिलने की संभावना है। गोवा के तट पर इफ्फी की तरफ से एक शानदार झांकी भी निकाली गई। आइनेक्स (मीडिया सेंटर) से मीरामार समुद्र तट गई इस झांकी में भारतीय सिनेमा की यात्रा व गोवा की संस्कृति की झलक पेश की गई।
पिता के सपने को पूरा करने में जुटे हैं...
नागार्जुन ने कहा कि पिता के सपने को पूरा करने के लिए 20 लोगों का परिवार एकजुटता के साथ काम कर रहा है। उनके लगाए सिनेमा स्टूडियो, और प्रशिक्षण संस्थान के पौधे को पूरे परिवार के साथ सींच रहे हैं। इसलिए भले ही कोई कहीं हो लेकिन एएनआर के लिए पूरा परिवार एक साथ एकत्रित होता है। पिता कहते थे की तेलगु सिनेमा सर्वोच्चता हासिल करें, इसलिए वह प्रयास कर रहे हैं कि तेलुगु सिनेमा भाषाई दीवार तोड़कर लोकप्रिय बनाने के लिए काम करे। वैसे वह मानते हैं कि मौजूदा समय में सिनेमा में भाषा की बाधा समाप्त हो गई है। अब केवल भारतीय सिनेमा ही शाश्वत है। इस मौके पर एएनआर के जीवन पर आधारित एक लघु वृत्तचित्र भी पेश किया गया।
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विधु विनोद ने बांधा समां...
फिल्म निर्माता-निर्देशक विधु विनोद चोपड़ा ने मास्टर क्लास में गीत संगीत और संघर्ष की कहानी को अनोखे अंदाज में पेश कर संमा बांध दिया। मनोरंजन, शिक्षा और उत्थान पर विचार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि उनके जीवन का लक्ष्य केवल यह तीन सिद्धांत हैं। जिनका वह पालन करते हैं।
एएनआर की शताब्दी पर विशेष सत्र
इससे पहले, 55वें फिल्म महोत्सव के तीसरे दिन की शुरुआत तेलुगु फिल्म कि दिग्गज अक्किनेनी नागेश्वर राव के शताब्दी वर्ष के मौके पर आयोजित विशेष संवाद से हुई। एएनआर के नाम से मशहूर नागेश्वर राव के सिनेमा और तकनीक के संयोजन, तेलगु को अव्वल दर्जे का सिनेमा बनाने के पैशन से लेकर परिवार को एकजुट रखने तक के विजन पर उनके बेटे नागार्जुन ने प्रकाश डाला।
इसके साथ ही नागार्जुन ने कहा उनकी पिता का एक ही लक्ष्य था। सिनेमा में तकनीकों का ऐसा समावेश हो कि दोनों एक दूसरे के पूरक बन जाएं। शायद यहीं वजह है उन्हें फिल्मों का प्रशिक्षण देने के बजाए तकनीक यानी इंजीनियरिंग की पढ़ाई कराई गई। इसलिए जब आरआरआर जैसी फिल्मों को डॉल्बी के लिए जर्मनी जाना पड़ा तो देश को पहला डॉल्बी हैदराबाद में अक्किनेनी परिवार के समर्थन से मिला, जो दुनिया के 13 डॉल्बी में से एक है।
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भारतीय फिल्म निर्माता संघ (इंपा) के सहयोग से अगले दो दिन में इस पर फिल्म हार्ड विषय, छबीला व टेंपलेट का ट्रेलर लॉन्च किया जाएगा। इस नई शुरुआत से भारतीय उद्योग को एक नया आयाम मिलने की संभावना है। गोवा के तट पर इफ्फी की तरफ से एक शानदार झांकी भी निकाली गई। आइनेक्स (मीडिया सेंटर) से मीरामार समुद्र तट गई इस झांकी में भारतीय सिनेमा की यात्रा व गोवा की संस्कृति की झलक पेश की गई।
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पिता के सपने को पूरा करने में जुटे हैं...
नागार्जुन ने कहा कि पिता के सपने को पूरा करने के लिए 20 लोगों का परिवार एकजुटता के साथ काम कर रहा है। उनके लगाए सिनेमा स्टूडियो, और प्रशिक्षण संस्थान के पौधे को पूरे परिवार के साथ सींच रहे हैं। इसलिए भले ही कोई कहीं हो लेकिन एएनआर के लिए पूरा परिवार एक साथ एकत्रित होता है। पिता कहते थे की तेलगु सिनेमा सर्वोच्चता हासिल करें, इसलिए वह प्रयास कर रहे हैं कि तेलुगु सिनेमा भाषाई दीवार तोड़कर लोकप्रिय बनाने के लिए काम करे। वैसे वह मानते हैं कि मौजूदा समय में सिनेमा में भाषा की बाधा समाप्त हो गई है। अब केवल भारतीय सिनेमा ही शाश्वत है। इस मौके पर एएनआर के जीवन पर आधारित एक लघु वृत्तचित्र भी पेश किया गया।
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विधु विनोद ने बांधा समां...
फिल्म निर्माता-निर्देशक विधु विनोद चोपड़ा ने मास्टर क्लास में गीत संगीत और संघर्ष की कहानी को अनोखे अंदाज में पेश कर संमा बांध दिया। मनोरंजन, शिक्षा और उत्थान पर विचार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि उनके जीवन का लक्ष्य केवल यह तीन सिद्धांत हैं। जिनका वह पालन करते हैं।
एएनआर की शताब्दी पर विशेष सत्र
इससे पहले, 55वें फिल्म महोत्सव के तीसरे दिन की शुरुआत तेलुगु फिल्म कि दिग्गज अक्किनेनी नागेश्वर राव के शताब्दी वर्ष के मौके पर आयोजित विशेष संवाद से हुई। एएनआर के नाम से मशहूर नागेश्वर राव के सिनेमा और तकनीक के संयोजन, तेलगु को अव्वल दर्जे का सिनेमा बनाने के पैशन से लेकर परिवार को एकजुट रखने तक के विजन पर उनके बेटे नागार्जुन ने प्रकाश डाला।
इसके साथ ही नागार्जुन ने कहा उनकी पिता का एक ही लक्ष्य था। सिनेमा में तकनीकों का ऐसा समावेश हो कि दोनों एक दूसरे के पूरक बन जाएं। शायद यहीं वजह है उन्हें फिल्मों का प्रशिक्षण देने के बजाए तकनीक यानी इंजीनियरिंग की पढ़ाई कराई गई। इसलिए जब आरआरआर जैसी फिल्मों को डॉल्बी के लिए जर्मनी जाना पड़ा तो देश को पहला डॉल्बी हैदराबाद में अक्किनेनी परिवार के समर्थन से मिला, जो दुनिया के 13 डॉल्बी में से एक है।