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Usha Uthup: 'इंस्टा, व्हॉट्सएप ठीक है, लेकिन किताबों और साहित्य से जुड़िए', ऊषा उत्थुप ने युवाओं से की गुजारिश

Fri, 10 Jan 2025 08:04 PM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: ज्योति राघव Updated Fri, 10 Jan 2025 08:04 PM IST
सार

Apeejay Kolkata Literary Festival: एपीजे कोलकाता साहित्य महोत्सव आज 10 जनवरी से शुरू हो गया है। इसका उद्घाटन मशहूर गायिका, भारतीय पॉप आइकन ऊषा उत्थुप ने किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं से साहित्य से जुड़ने का आग्रह किया।

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Books leave more impact on young minds than social media posts says pop icon Usha Uthup
ऊषा उत्थुप, इला अरुण - फोटो : पीटीआई

विस्तार

एपीजे कोलकाता साहित्य महोत्सव (AKLF) आज 10 जनवरी से शुरू हो गया है। इसका उद्घाटन गायिका उषा उत्थुप ने किया। इस मौके पर इला अरुण, डॉ. अलका पांडे, आनंद नीलकांतन, अनीता अग्निहोत्री, आशीष नंदी, ब्लॉसम कोचर, कुणाल बसु, मणिशंकर अय्यर, राजदीप सरदेसाई, रामचंद्र गुहा, रुचिर जोशी, शोभा डे आदि भी मौजूद रहे। महोत्सव में दिग्गज फिल्म निर्माता श्याम बेनेगल को विशेष श्रद्धांजलि दी गई। प्रतिष्ठित लेखक अर्जुन सेनगुप्ता की किताब 'श्याम बेनेगल: फिल्ममेकर ऑफ द रियल इंडिया' का विमोचन किया गया। ऊषा उत्थुप ने इस अवसर पर युवाओं से किताबें पढ़ने और साहित्य से जुड़ने का आग्रह किया।

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जड़ों को तलाशने के लिए किताबों की ओर लौटना होगा
महोत्सव ने ऊषा उत्थुप ने किताबों के महत्व पर बात करते हुए कहा कि किताबें युवाओं के दिमाग पर सोशल मीडिया पोस्ट के मुकाबले कहीं ज्यादा सकारात्मक असर डालती हैं। कोलकाता में शुरू हुए एपीजे कोलकाता साहित्य महोत्सव (एकेएलएफ) के 16वें संस्करण का उद्घाटन करते हुए उन्होंने युवा पीढ़ी से साहित्य से फिर से जुड़ने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "किताबें पढ़ना... किताबों को महसूस करना... यह एक ऐसा अनुभव है, जो बिल्कुल अलग है, जो कभी पुराना नहीं होगा। छपे हुए शब्द युवा दिमाग पर स्थायी प्रभाव डालते हैं। व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम ठीक हैं, लेकिन हमें अपनी जड़ों को तलाशने के लिए किताबों की ओर लौटना होगा'।

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गणेश वंदना और  'स्काईफॉल' की प्रस्तुति से जीता दिल
गायिका ने गणेश वंदना और जेम्स बॉन्ड के मशहूर गीत 'स्काईफॉल' की प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया, जिसे मूल रूप से एडेल ने गाया था। इस प्रस्तुति में उन्होंने परंपरा और आधुनिकता का मिश्रण पेश किया। गायिका ने साहित्यिक सम्मेलन को साहित्यिक हस्तियों और कला के अन्य क्षेत्रों के लोगों का एक शानदार समागम बताया, जिसमें दुनिया भर की हस्तियां हिस्सा लेती हैं और विचारों का आदान-प्रदान करती हैं।

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मिलिंद सोमन, अंकिता - फोटो : पीटीआई

मिलिंद सोमन ने की किताब पर चर्चा
गायिका ने मजाक में कहा कि जब वे पहली बार इस महोत्सव में शामिल हुईं तो लोगों को लगा कि एक गायिका साहित्यिक सम्मेलन में क्या कर रही है? लेकिन जैसे-जैसे साहित्यिक सम्मेलनों में उनकी भागीदारी जारी रही, दर्शकों को उस वास्तविकता समझने में देर नहीं लगी। इस दौरान गायिका ने अपने 55 साल के गायिकी करियर पर बात करते हुए कहा कि दर्शकों के बिना हम कुछ नहीं कर सकते। दिन के दौरान एक सत्र में मॉडल और फिटनेस आइकन मिलिंद सोमन ने अपनी मां उषा और पत्नी अंकिता के साथ मिलकर लिखी गई पुस्तक 'कीप मूविंग' पर चर्चा की।


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