प्रतिभाशाली होने के बाद भी इन्हें क्यों नहीं देखते हैं हिन्दी के दर्शक?
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विशाल भारद्वाज की ज्यादातर फिल्में मूल रूप से अंग्रेजी लेखकों की कलम में निकली हैं। यही कारण है कि वह प्रतिभाशाली फिल्मकार कहे जाने के बावजूद हिंदी पट्टी के दर्शकों के दिलों में जगह नहीं बना सके हैं। अब विशाल की अगली फिल्म की प्रेरणा भी हॉलीवुड का सिनेमा है और हॉलीवुड के लेखक ही उनकी फिल्म के स्क्रिप्ट राइटर भी...
विशाल भारद्वाज भले ही हिंदी पट्टी से आते हैं लेकिन उन्होंने मकड़ी और मटरू की बिजली का मंडोला के अलावा ऐसी कोई फिल्म नहीं बनाई है, जिसकी जड़े विदेशी या अंग्रेजी साहित्य में न हो। उनकी द ब्लू अंब्रेला (नीली छतरी) और सात खून माफ अंग्रेजी के लेखक रश्किन बॉन्ड की कहानियां हैं, जबकि कमीने की स्क्रिप्ट उन्होंने केन्याई लेखक कात्जेन बॉय से खरीद कर उसका हिंदी करण किया था।
विशाल की मकबूल, ओमकारा और हैदर सीधे-सीधे अंग्रेजी साहित्य के दिग्गज शेक्सपीयर के नाटकों का हिंदी सिनेमाई रूंपातर है। यही कारण है कि मकड़ी के अलावा उनके निर्देशन में बनी किसी फिल्म का बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड औसत या उससे कुछ ही बेहतर रहा।
अब अपनी अगली फिल्म की शूटिंग की तैयारी में हैं
इधर विशाल अब अपनी अगली फिल्म की शूटिंग की तैयारी में हैं, जो इसी महीने दीवाली के बाद फ्लोर पर जा रही है। परंतु खास बात यह है कि विशाल की यह फिल्म भी पूरी तरह से अंग्रेजी की बेहतरीन फिल्मों की छाया है। फिल्म में सैफ अली खान और शाहिद कपूर जैसे ऐक्टर हैं जो फ्लॉप फिल्मों के संकट से जूझ रहे हैं, जबकि कंगना रनौत की आखिरी फिल्म कट्टी बट्टी का भी बुरा हुआ था।
बताया जा रहा है कि विशाल की अगली फिल्म बेहद महत्वाकांक्षी है। परंतु अब इसमें हिंदी और हिंदी पट्टी की कितनी गंध होगी यह समय बताएगा। वैसे खुद विशाल इस फिल्म के बारे में मीडिया में कह चुके हैं, ‘इस फिल्म का म्यूजिकल आकर्षण मूलां रूज की तरह होगा। इसमें रोमांस कासाब्लांका जैसा रहेगा और भावनात्मक तीव्रता तथा ड्रामा सेविंग प्राइवेट रायन की याद दिलाएगा।
मेरी अगली फिल्म सेविंग प्राइवेट रायन की तरह ही द्वितीय विश्व युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित है।’ कुल मिला कर एक अच्छी फिल्म बनाने की बात करते हुए विशाल सिर्फ हॉलीवुड की अंग्रेजी फिल्मों के उदाहरण देते हैं। हिंदी की किसी फिल्म की संवेदना, प्रेम कहानी के अच्छे पल या दृश्य उन्हें याद नहीं आते।
पिछले आठ साल से यह फिल्म बनाना चाहते थे
फिल्म के लिए विशाल ने साजिद नाडियाडवाला के बैनर से हाथ मिलाया है। विशाल का कहना है कि वह पिछले आठ साल से यह फिल्म बनाना चाहते थे। परंतु अच्छा प्रोड्यूसर नहीं मिल रहा था। यह फिल्म बहुत ही विशाल पैमाने पर भव्यता के साथ बननी है।
ऐसे में बॉलीवुड के बड़े प्रोड्यूसरों में शुमार साजिद नाडियाडवाला का साथ उनकी मदद करेगा। असल में फिल्म का बजट बहुत बड़ा है। वैसे विशाल खुद प्रोड्यूसर हैं और अब तक आठ फिल्में बना चुके हैं, परंतु उनकी आठ फिल्मों का बजट एक तरफ और नई फिल्म का बजट दूसरी तरफ है।
इसीलिए इस फिल्म को उनकी महत्वाकांक्षी फिल्म कहा जा रहा है। मजेदार बात यह है कि हिंदी से दूर होकर हिंदी का सिनेमा बनाने वाले विशाल की इस महत्वाकांक्षी फिल्म की स्क्रिप्ट हॉलीवुड के लेखक मैथ्यू रॉबिन्स ने लिखी है। फिल्म की शूटिंग मुंबई, अरुणाचल प्रदेश और अमेरिका में होगी।