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Uttara Baokar: मशहूर अभिनेत्री उत्तरा बावकर का निधन, पुणे के अस्पताल में ली अंतिम सांस
Thu, 13 Apr 2023 01:13 AM IST
गुलाम अहमद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
Published by: गुलाम अहमद
Updated Thu, 13 Apr 2023 01:13 AM IST
सार
बावकर ने ‘मुख्यमंत्री’ में पद्मावती, ‘मेना गुर्जरी’ में मेना, शेक्सपियर के ‘ओथेलो’ में डेसडेमोना और नाटककार गिरीश कर्नाड के नाटक ‘तुगलक’ में मां की भूमिका निभाई थी।
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Uttara Baokar
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
मशहूर अभिनेत्री और रंगमंच कलाकार उत्तरा बावकर का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 79 वर्ष की थीं। बावकर पिछले एक साल से बीमार चल रही थीं। उनके परिवार के करीबी सूत्रों ने बताया कि बावकर ने मंगलवार को पुणे के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। बुधवार सुबह उनका अंतिम संस्कार किया गया।
अभिनेत्री उत्तरा बावकर ने दिल्ली के राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से अभिनय की शिक्षा ली थी। बावकर ने फिल्म 'मुख्यमंत्री' में पद्मावती, 'मेना गुर्जरी' में मेना, शेक्सपियर के 'ओथेलो' में डेसडेमोना और नाटककार गिरीश कर्नाड के नाटक 'तुगलक' में मां की भूमिका निभाई थी। वह गोविंद निहलानी की फिल्म तमस में अपनी भूमिका के बाद सुर्खियों में आई थीं। बावकर ने फिल्मकार सुमित्रा भावे की फीचर फिल्मों में भी काम किया।
फिल्म निर्माता सुनील सुख्तनकर ने कहा कि उत्तरा बावकर ने उनके साथ लगभग आठ फीचर फिल्मों में काम किया और उनकी लंबे समय से सहयोगी रहीं सुमित्रा भावे उन्हें मजबूत महिला पात्रों को चित्रित करने वाली अभिनेत्री के रूप में मानती थीं। उन्होंने बताया कि बावकर ने उनकी फिल्मों में कई तरह की महिला भूमिकाएं निभाईं। वह अनुशासित अदाकारा थीं। जब सेट पर होती थीं तो कोई बकवास रवैया नहीं होता था।
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बता दें कि गोविंद निहलानी की फिल्म ‘तमस’ में अपने अभिनय के बाद उत्तरा बावकर सुर्खियों में छा गई थीं। उन्होंने सुमित्रा भावे की फीचर फिल्मों में भी काम किया था। इसके अलावा उन्होंने उड़ान, अंतराल, रिश्ते कोरा कागज, नजराना, जस्सी जैसी कोई नहीं और जब लव हुआ जैसे कई टीवी सीरियल्स में भी काम किया था।
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अभिनेत्री उत्तरा बावकर ने दिल्ली के राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से अभिनय की शिक्षा ली थी। बावकर ने फिल्म 'मुख्यमंत्री' में पद्मावती, 'मेना गुर्जरी' में मेना, शेक्सपियर के 'ओथेलो' में डेसडेमोना और नाटककार गिरीश कर्नाड के नाटक 'तुगलक' में मां की भूमिका निभाई थी। वह गोविंद निहलानी की फिल्म तमस में अपनी भूमिका के बाद सुर्खियों में आई थीं। बावकर ने फिल्मकार सुमित्रा भावे की फीचर फिल्मों में भी काम किया।
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फिल्म निर्माता सुनील सुख्तनकर ने कहा कि उत्तरा बावकर ने उनके साथ लगभग आठ फीचर फिल्मों में काम किया और उनकी लंबे समय से सहयोगी रहीं सुमित्रा भावे उन्हें मजबूत महिला पात्रों को चित्रित करने वाली अभिनेत्री के रूप में मानती थीं। उन्होंने बताया कि बावकर ने उनकी फिल्मों में कई तरह की महिला भूमिकाएं निभाईं। वह अनुशासित अदाकारा थीं। जब सेट पर होती थीं तो कोई बकवास रवैया नहीं होता था।
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बता दें कि गोविंद निहलानी की फिल्म ‘तमस’ में अपने अभिनय के बाद उत्तरा बावकर सुर्खियों में छा गई थीं। उन्होंने सुमित्रा भावे की फीचर फिल्मों में भी काम किया था। इसके अलावा उन्होंने उड़ान, अंतराल, रिश्ते कोरा कागज, नजराना, जस्सी जैसी कोई नहीं और जब लव हुआ जैसे कई टीवी सीरियल्स में भी काम किया था।