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'सलमान' के बिना बॉलीवुड में छाने को तैयार हैं 'सूरज', वैलेंटाइन डे पर दोस्तों को देंगे बड़ा तोहफा
Tue, 12 Feb 2019 10:48 AM IST
भावना शर्मा
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: भावना शर्मा
Updated Tue, 12 Feb 2019 10:48 AM IST
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hum chaar
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साथ खाने वाले और साथ पूजा करने वाले परिवार कभी टूटते नहीं हैं, जैसा संदेश देने वाले निर्माता निर्देशक सूरज बड़जात्या इस वैलेंटाइस डे दोस्ती की एक नई कहानी लेकर आ रहे हैं।
1964 की फिल्म 'दोस्ती' से 2019 की फिल्म 'हम चार' तक हम कितने बदल चुके हैं?
आज के परिवारों में औपचारिकता आ गई है। परिवार के लोग एक-दूसरे से कुछ भी कहने में संकोच करने लगे हैं, कि कहीं किसी को कुछ बुरा न लग जाए। पहले किसी बड़े फैसले से पहले सबकी राय ली जाती थी, अब डर ये रहता है कि कोई बुरा न मान जाए। ऐसे में मुझे तलाश थी ऐसी कहानी की जो आज के दौर की बात कह सके। हमारी फिल्म 'हम चार' फिल्म में ये सब कुछ है।
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1964 की फिल्म 'दोस्ती' से 2019 की फिल्म 'हम चार' तक हम कितने बदल चुके हैं?
आज के परिवारों में औपचारिकता आ गई है। परिवार के लोग एक-दूसरे से कुछ भी कहने में संकोच करने लगे हैं, कि कहीं किसी को कुछ बुरा न लग जाए। पहले किसी बड़े फैसले से पहले सबकी राय ली जाती थी, अब डर ये रहता है कि कोई बुरा न मान जाए। ऐसे में मुझे तलाश थी ऐसी कहानी की जो आज के दौर की बात कह सके। हमारी फिल्म 'हम चार' फिल्म में ये सब कुछ है।
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Sooraj Barjatya
क्या वाकई अब दोस्ती बिना किसी मतलब के भी होती है?
दोस्ती का वैसे तो कोई मतलब नहीं होता, दोस्ती एक रिश्ता है जिसे केवल विश्वास और प्यार के साथ निभाया जा सकता है।
हम चार का क्या संदेश है आज के युवाओं के लिए?
आज के युवा अपने सपने पूरा करने, नौकरी और पढ़ाई के लिए घर से दूर चले जाते हैं। फिर उनके घर और परिवार के सदस्य उनके दोस्त ही बन जाते हैं। त्योहार और अपना बर्थ डे तक आज के युवा अपने दोस्तों संग मनाते हैं क्योंकि उस टाइम उनके पास उनका परिवार वही हो जाते हैं।
दोस्ती का वैसे तो कोई मतलब नहीं होता, दोस्ती एक रिश्ता है जिसे केवल विश्वास और प्यार के साथ निभाया जा सकता है।
हम चार का क्या संदेश है आज के युवाओं के लिए?
आज के युवा अपने सपने पूरा करने, नौकरी और पढ़ाई के लिए घर से दूर चले जाते हैं। फिर उनके घर और परिवार के सदस्य उनके दोस्त ही बन जाते हैं। त्योहार और अपना बर्थ डे तक आज के युवा अपने दोस्तों संग मनाते हैं क्योंकि उस टाइम उनके पास उनका परिवार वही हो जाते हैं।
आज के अभिनेताओं में कौन सा चेहरा आपको अपनी कहानियों के प्रेम जैसा लगता है?
नए चेहरों में सबसे ज्यादा चार्म नजर आता है। क्योंकि नए आर्टिस्ट टाइप्ड होकर काम नहीं करते। राजश्री प्रोडक्शन ने राखी, मिथुन चक्रवर्ती, जया बच्चन और सलमान खान जैसे चेहरे दिए हैं। बड़े एक्टर को कहानी में फिट करना मुश्किल होता है। स्टार्स को लेकर डायरेक्टर के मुताबिक काम उस तरह से नहीं हो पाता जैसा वो कहानी में चाहता है।
क्या दर्शक अब भी सिनेमा में संस्कार पसंद करते हैं?
दर्शकों हो हमेशा ऐसी कहानी चाहिए होती है जिसमें परिवार हो,संस्कृति हो। आज के युवा भी ऐसी फिल्में खूब पसंद करते हैं जिसे देखने के लिए वह परिवार के साथ जा सकते हों। ये सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
नए चेहरों में सबसे ज्यादा चार्म नजर आता है। क्योंकि नए आर्टिस्ट टाइप्ड होकर काम नहीं करते। राजश्री प्रोडक्शन ने राखी, मिथुन चक्रवर्ती, जया बच्चन और सलमान खान जैसे चेहरे दिए हैं। बड़े एक्टर को कहानी में फिट करना मुश्किल होता है। स्टार्स को लेकर डायरेक्टर के मुताबिक काम उस तरह से नहीं हो पाता जैसा वो कहानी में चाहता है।
क्या दर्शक अब भी सिनेमा में संस्कार पसंद करते हैं?
दर्शकों हो हमेशा ऐसी कहानी चाहिए होती है जिसमें परिवार हो,संस्कृति हो। आज के युवा भी ऐसी फिल्में खूब पसंद करते हैं जिसे देखने के लिए वह परिवार के साथ जा सकते हों। ये सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।