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संजीव कुमार की कौन सी इच्छा रह गई अधूरी

Sat, 09 Jul 2016 12:56 PM IST
मधु पाल/ बीबीसी
मधु पाल/ बीबीसी Updated Sat, 09 Jul 2016 12:56 PM IST
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Sanjeev Kumar which desire remained unfulfilled
संजीव कुमार - फोटो : BBC

फिल्म अभिनेता संजीव कुमार की 78वीं जयंती पर उनकी करीबी दोस्त और मुंहबोली बहन अंजू महेंद्रू ने बीबीसी हिन्दी को बताई उनसे जुड़ी कई दिलचस्प बातें। अंजू महेंद्रू ने बताया कि संजीव कुमार की मुंबई में अपना एक बंगला खरीदना चाहते थे।

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जब उन्हें कोई बंगला पसंद आता और उसके लिए पैसे जुटाते तब तक उसके भाव बढ़ जाते। यह सिलसिला कई सालों तक चला। अंजू बताती हैं, "जब पैसा जमा हुआ, घर पसंद आया तो पता चला की वह प्रॉपर्टी कानूनी पचड़े में फंसी है।
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मामला सुलझे उससे पहले 6 नवंबर 1985 को 47 साल की उम्र में वह चल बसे।" संजीव कुमार का असली नाम हरीभाई जरीवाला था और करीबी लोग उन्हें हरीभाई कहते थे। पर्दे पर अक्सर गंभीर किरदार निभाने वाले संजीव कुमार असल जिन्दगी में भी संजीदा थे।

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जिन महिलाओं के साथ भी उनका अफेयर रहा

Sanjeev Kumar which desire remained unfulfilled
संजीव कुमार - फोटो : BBC

अंजू कहती हैं, "जिन महिलाओं के साथ भी उनका अफेयर रहा उन पर संजीव बहुत शक किया करते थे। उन्हें लगता था कि वे उन्हें नहीं उनके पैसों को चाहती हैं। इसी धारणा के चलते उनकी शादी नहीं हो पाई।

मैं हरीभाई को कहती थी की अगर किसी औरत पर भरोसा नहीं किया तो कुंवारे ही मर जाओगे, और देखिए वही हुआ।" गुरु दत्त और संजीव कुमार का जन्म एक ही तारीख 9 जुलाई को हुआ।

अब इसे संयोग ही कहेंगे की गुरु दत्त की असमय मौत के बाद निर्माता-निर्देशक के आसिफ अपनी फिल्म 'लव एंड गॉड' के लिए एक ऐसे अभिनेता की तलाश कर रहे थे, जो पर्दे पर अपनी अदाकारी से अपनी छाप छोड़ जाए।

उन्हें वो अभिनेता संजीव कुमार के रूप में मिला संजीव कुमार और के आसिफ का रिश्ता तब से था जब वे अपनी एक फिल्म 'सस्ता खून मंहगा पानी' की शूटिंग कर रहे थे, किसी वजह से उन्होंने गुस्से में संजीव कुमार को एक्टिंग भूल कर घर जाने को कहा था।

संजीव को हमेशा एक फिक्र रहती थी

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संजीव कुमार - फोटो : BBC

हालांकि जब ये फिल्म रिलीज हुई तब तक संजीव कुमार और के आसिफ दोनों का देहांत हो चुका था। इस फिल्म को के आसिफ की पत्नी अख्तर आसिफ ने पूरा किया।

संजीव को हमेशा एक फिक्र रहती थी कि उनके परिवार में ज्यादातर पुरुषों की मौत 50 से पहले हुई थी। संजीव के छोटे भाई की मृत्यु भी कम उम्र में होने से उन्हें बहुत बड़ा धक्का लगा था, जिसकी वजह से उन्हें भी ज्यादा ना जी पाने का डर बैठ गया।

संजीव कुमार को स्क्रीन पर अपनी जोड़ी जया बच्चन के साथ पसंद थी, दोनों ने साथ में कई फिल्में कीं। संजीव कुमार के किरदारों को दिलीप साहब कई बार सराहा। वो जब भी कहते कि, मैं भी जल्द चला जाऊंगा, तो अंजू उनसे कहतीं, "हरि चुप रहो। ज्यादा पिया मत करो खाने-पीने का ध्यान रखो तुम्हें कुछ नहीं होगा।"

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