वो बच्चा जिसने गाया, जंगल जंगल बात चली है पता चला है
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तब नौ साल के रहे अमोल सहदेव अब 33 साल के चुके हैं। तब स्कूल में पढने वाले अमोल अब बडी टेलीकॉम कंपनी में काम करते हैं। अमोल उन चंद बच्चों में शामिल थे जिन्होंने गुलजार का लिखा मशहूर गाना ‘जंगल जंगल बात चली है पता चला है’, गाया था।
दूरदर्शन पर आने वाले सीरियल 'द जंगल बुक' के करीब दो दशकों बाद अब जंगल बुक नाम से फिल्म रिलीज हुई है। गुलजार के लिखा गाना आज भी कई लोगों की जबान पर है।
उस समय को याद करते हुए अमोल बताते हैं, 'मैं पहली बार किसी स्टूडियो में गया था। मैं बच्चा था और गाना गाते समय हुए बहुत डरा हुआ था। रिकॉर्डिंग के समय स्टूडियो में गुलजार साहब, विशाल भारद्वाज और रेखा भारद्वाज भी थे। विशाल भारद्वाज ने कहा कि आंखे बंद करके गाओ। विशाल जी ने मुझे गोद में लिया और गाने का तरीका भी बताया।'
'तब मुझे कुछ भी मालूम नहीं था, सबने मिलकर हमें कविता की तरह गाना याद कराया और मैंने कविता के तौर पर ही गा दिया था। बाद में पता चला कि गाना इतना हिट हो गया।'
तब के जमाने में न तो स्मार्टफोन थे न सोशल मीडिया
तब के जमाने में न तो स्मार्टफोन थे न सोशल मीडिया और न इतने टीवी चैनल लेकिन अमोल बताते हैं कि बिना किसी पब्लिसिटी के ही वे काफी हिट हो गए थे। स्कूल की बात याद करते हुए अमोल ने बताया, 'मैं स्कूल में भी मशहूर हो गया। जंगल बुक की वजह से ही मुझे हर सुबह स्कूल में राष्ट्रीय गीत गाने के लिए चुना गया था।'
अमोल का बेटा पौने दो साल का है। अमोल कहते हैं कि हालांकि वो अभी ठीक से बोल भी नहीं पाता है लेकिन यू यूट्यूब पर जंगल बुक का गाना सुनते ही वो पापा-पापा करने लगता है।
अब तक अमोल भले ही कमोबेश गुमनाम रहे हों लेकिन जंगल बुक के रिलीज होने के बाद से सोशल मीडिया पर अचानक वो लोकप्रिय हो गए हैं। अमोल ने बताया कि फेसबुक पर इतनी फ्रेंड रिक्वेस्ट आई कि उन्हें लगा शायद अकाउंट हैक हो गया।
अमोल बतौर बाल कलाकार मुंबई में शो भी करते थे लेकिन गायन को अपना करियर नहीं बना सके। अमोल कहते हैं कि परिवार में पढाई को ही अहमियत दी जाती थी। लेकिन अमोल म्यूजिक से हमेशा जुडे रहे और अब चाहते हैं कि अगर मौका मिले तो जरूर गाएंगे।