Avinash Das: नहीं कम हुईं अविनाश दास की मुश्किलें, गुजरात हाईकोर्ट ने भी खारिज की अग्रिम जमानत याचिका
सुनवाई के दौरान मुंबई के फिल्ममेकर ने अपने वकील के माध्यम से अदालत के सामने अपनी गलती के लिए बिना शर्त माफी मांगने की पेशकश की। लेकिन अदालत में उनकी याचिका को खारिज कर दिया गया।
विस्तार
गुजरात उच्च न्यायालय ने सोमवार को फिल्ममेकर अविनाश दास की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। अहमदाबाद पुलिस द्वारा एक गिरफ्तार आईएएस अधिकारी के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की एक तस्वीर और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर राष्ट्रीय ध्वज का कथित रूप से अपमान करने वाली एक तस्वीर साझा करने के मामले में उन पर केस दर्ज किया गया था।
सुनवाई के दौरान मुंबई के फिल्ममेकर ने अपने वकील के माध्यम से अदालत के सामने अपनी गलती के लिए बिना शर्त माफी मांगने की पेशकश की। लेकिन अदालत में उनकी याचिका को खारिज कर दिया गया। इस दौरान कोर्ट ने कहा कि यह मामला राष्ट्रीय सम्मान अधिनियम के अपमान की रोकथाम के प्रावधानों का उल्लंघन करने का है।
कोर्ट में फिल्ममेकर के वकील ने सुनवाई के दौरान दलील दी कि उनके मुवक्किल का अपराध आईपीसी की धारा 469 के तहत आता है जो जमानती धारा है। साथ ही उनके वकील ने कोर्ट में बताया कि दास इसके लिए बिना शर्त माफी मांगने के लिए तैयार हैं। हालांकि वकील की इन दलीलों के बाद भी दास को राहत न मिल सकी।
बता दें कि सत्र न्यायालय द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज करने के बाद दास ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने उनकी ट्रांजिट अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। गौरतलब है कि अहमदाबाद शहर की अपराध शाखा ने 46 वर्षीय फिल्म निर्माता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी जब उन्होंने हाल ही में निलंबित आईएएस अधिकारी सिंघल के साथ अमित शाह की एक पुरानी तस्वीर साझा की थी। फिल्म निर्माता पर तिरंगा पहने एक महिला की अपने इंस्टाग्राम और फेसबुक अकाउंट पर एक तस्वीर साझा करके राष्ट्रीय सम्मान का अपमान करने के लिए भी मामला दर्ज किया गया था।