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पंकज उधास की बेबाक राय, गायकी के लिए शास्त्रीय संगीत का ज्ञान जरूरी
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Updated Mon, 28 May 2018 02:00 PM IST
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टीवी पर जिस तरह सिंगिंग रियलिटी शो आ रहे हैं, उसे लेकर मशहूर गजल गायक पंकज उधास ने अपनी बेबाक राय जाहिर की है। उनके मुताबिक गजल में शास्त्रीय संगीत के अलग-अलग रागों का इस्तेमाल होता है।
अगर किसी को गजल सिंगर बनना है तो उसके पास शास्त्रीय संगीत का ज्ञान होना जरूरी है। आजकल गजल उर्दू में नहीं लिखी जाती और न पूरी तरह हिंदी में, बल्कि हिंदुस्तानी में लिखी जाती है जो हिंदी और उर्दू का घालमेल है। इसलिए वह इन दोनों भाषाओं का ज्ञान भी जरूरी मानते हैं।
उनकी नजर में किसी गीत या गजल के लोकप्रिय होने का कोई फॉर्मूला नहीं है पर कभी-कभी अच्छे शब्द, अच्छा संगीत, अच्छी तर्ज और अच्छी बातें गाने को हिट करा देती हैं। यह पूछने पर कि सिंगिंग रियलिटी शो का प्लेबैक सिंगिंग पर कितना असर पड़ता है, उन्होंने जवाब दिया कि ‘प्लेबैक सिंगिंग एक अलग तरह का आर्ट है।
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रियलिटी शो से बहुत से नए गायकों को आगे आने का मौका मिलता है। उनके लिए यह बहुत अच्छा चांस है प्लेबैक सिंगिंग में आने का। कई सिंगर ऐसे ही रियलिटी शो से आगे आकर प्लेबैक सिंगर बने हैं।’ उनके मुताबिक गजलों का खजाना फेस्टिवल पिछले 16 साल से हो रहा है और यह इसका 17वां साल है।
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अगर किसी को गजल सिंगर बनना है तो उसके पास शास्त्रीय संगीत का ज्ञान होना जरूरी है। आजकल गजल उर्दू में नहीं लिखी जाती और न पूरी तरह हिंदी में, बल्कि हिंदुस्तानी में लिखी जाती है जो हिंदी और उर्दू का घालमेल है। इसलिए वह इन दोनों भाषाओं का ज्ञान भी जरूरी मानते हैं।
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उनकी नजर में किसी गीत या गजल के लोकप्रिय होने का कोई फॉर्मूला नहीं है पर कभी-कभी अच्छे शब्द, अच्छा संगीत, अच्छी तर्ज और अच्छी बातें गाने को हिट करा देती हैं। यह पूछने पर कि सिंगिंग रियलिटी शो का प्लेबैक सिंगिंग पर कितना असर पड़ता है, उन्होंने जवाब दिया कि ‘प्लेबैक सिंगिंग एक अलग तरह का आर्ट है।
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रियलिटी शो से बहुत से नए गायकों को आगे आने का मौका मिलता है। उनके लिए यह बहुत अच्छा चांस है प्लेबैक सिंगिंग में आने का। कई सिंगर ऐसे ही रियलिटी शो से आगे आकर प्लेबैक सिंगर बने हैं।’ उनके मुताबिक गजलों का खजाना फेस्टिवल पिछले 16 साल से हो रहा है और यह इसका 17वां साल है।
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आर्टिस्ट अलाउड टैलेंट हंट भारत का पहला गजलों का टैलेंट हंट है जिसमें कई नए गजल गायकों को मंच पर आने का मौका मिला। उधास ने होनहारों को टिप्स देते हुए कहा, ‘हम जानते हैं कि देश में बहुत से नए कलाकार हैं, जो बहुत अच्छा गाते हैं।
हम चाहते हैं कि जो भी इस फील्ड में आना चाहते हैं वे आर्टिस्ट अलाउड डॉट कॉम पर अपनी गजल अपलोड करें। हमें यकीन है कि कई टैलेंटेड गायक सामने आएंगे।’ कई शो को जज कर चुके उधास ने खजाना आर्टिस्ट अलाउड टैलेंट हंट को भी जज किया है।
इस शो में बतौर जज अपने अनुभव को शेयर करते हुए उन्होंने कहा, ‘फिल्मी गानों को लेकर कई टैलेंट हंट शो हो रहे हैं, पर गजलों को लेकर कोई टैलेंट हंट इसके पहले नहीं हुआ। इसलिए खजाना आर्टिस्ट अलाउड टैलेंट हंट के जरिए हम चाहते हैं कि पूरे देश से नए गायक सामने आएं। हम ये भी चाहते हैं कि छोटी-छोटी जगह के नए गजल गायक इस हंट का फायदा उठाएं और सामने आएं।’
हम चाहते हैं कि जो भी इस फील्ड में आना चाहते हैं वे आर्टिस्ट अलाउड डॉट कॉम पर अपनी गजल अपलोड करें। हमें यकीन है कि कई टैलेंटेड गायक सामने आएंगे।’ कई शो को जज कर चुके उधास ने खजाना आर्टिस्ट अलाउड टैलेंट हंट को भी जज किया है।
इस शो में बतौर जज अपने अनुभव को शेयर करते हुए उन्होंने कहा, ‘फिल्मी गानों को लेकर कई टैलेंट हंट शो हो रहे हैं, पर गजलों को लेकर कोई टैलेंट हंट इसके पहले नहीं हुआ। इसलिए खजाना आर्टिस्ट अलाउड टैलेंट हंट के जरिए हम चाहते हैं कि पूरे देश से नए गायक सामने आएं। हम ये भी चाहते हैं कि छोटी-छोटी जगह के नए गजल गायक इस हंट का फायदा उठाएं और सामने आएं।’