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डिजिटल रिव्यू: फिकर, राहत फतेह अली खान और नेहा कक्कड़ का मिस्री सा मीठा पंजाबी गीत
Sat, 12 Jan 2019 11:43 AM IST
anand anand
मुंबई डेस्क, अमर उजाला
मुंबई डेस्क, अमर उजाला
Published by: anand anand
Updated Sat, 12 Jan 2019 11:43 AM IST
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fikar
- फोटो : amar ujala
कलाकार – राहत फतेह अली खान, नेहा कक्कड़ (गायक), विंदर नाथू माजरा (गीतकार), बादशाह (संगीतकार)
म्यूजिक लेबल – सोनी म्यूजिक। फिल्म – दो दूनी पंज
हिंदी सिनेमा में पंजाबी गाने भले सिर्फ पार्टी और रैप सॉन्ग तक सीमित होते जा रहे हों, एक जमाना ऐसा भी था जब हिंदी सिनेमा में मैं जट यमला पगला दीवाना जैसे गाने मोहब्बत की तासीर समझाने के लिए बनते रहे हैं। तो जब हिंदी सिनेमा संगीत में पंजाबियत की खनक भूल चुका है, पंजाबी सिनेमा के गीतों में वे कलाकार सुनाई देने लगे हैं, जिनकी शोहरत आमतौर पर हिंदी सिनेमा से ही जोड़कर देखी जाती है।
बादशाह जिस पंजाबी फिल्म दो दूनी पंज फिल्म के प्रोड्यूसर बने हैं, उसमें उन्होंने सुपरहिट सिंगर्स राहत फतेह अली खान और नेहा कक्कड़ से अपनी ही धुन पर गाना गवाया है, फिकर। फिकर के बोल ही इस गाने की जान बन पड़े हैं। राहत फतेह अली खान को ठेठ पंजाबी में सुनना और उनके साथ नेहा का उनसे कदमताल करते हुए बराबर के सुर मिलना, सुनने वालों के लिए वीकएंड में लूप पर बजाने वाला गाना बन गया है।
कोरियोग्राफर मेहुल गदानी ने निर्देशक हैरी भट्टी की सोच को बहुत ही सुंदर तरीके से कैमरे में कैद किया है। असली पंजाब के रंग और ढंग के साथ बने इस गाने के विजुअल्स भी उतने ही सादा और सरल हैं, जितना ये गाना है। गाने को सुनते ही महसूस ये भी होता है कि संगीत को जितना इसके सुरों के और इसके कलेवर के करीब रखा जाए, उतना ही ये कर्णप्रिय और दिल को सुकून पहुंचाता है। पंजाबी संगीत सिर्फ वही नहीं है जो यो यो हनी सिंह गाते हैं। ये संगीत ऐसा भी है जैसा दिलजीत दोसांझ और राहत फतेह अली खान ठेठ पंजाबी में गाते हैं। इस गाने को सुनिएगा जरूर।
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म्यूजिक लेबल – सोनी म्यूजिक। फिल्म – दो दूनी पंज
हिंदी सिनेमा में पंजाबी गाने भले सिर्फ पार्टी और रैप सॉन्ग तक सीमित होते जा रहे हों, एक जमाना ऐसा भी था जब हिंदी सिनेमा में मैं जट यमला पगला दीवाना जैसे गाने मोहब्बत की तासीर समझाने के लिए बनते रहे हैं। तो जब हिंदी सिनेमा संगीत में पंजाबियत की खनक भूल चुका है, पंजाबी सिनेमा के गीतों में वे कलाकार सुनाई देने लगे हैं, जिनकी शोहरत आमतौर पर हिंदी सिनेमा से ही जोड़कर देखी जाती है।
बादशाह जिस पंजाबी फिल्म दो दूनी पंज फिल्म के प्रोड्यूसर बने हैं, उसमें उन्होंने सुपरहिट सिंगर्स राहत फतेह अली खान और नेहा कक्कड़ से अपनी ही धुन पर गाना गवाया है, फिकर। फिकर के बोल ही इस गाने की जान बन पड़े हैं। राहत फतेह अली खान को ठेठ पंजाबी में सुनना और उनके साथ नेहा का उनसे कदमताल करते हुए बराबर के सुर मिलना, सुनने वालों के लिए वीकएंड में लूप पर बजाने वाला गाना बन गया है।
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कोरियोग्राफर मेहुल गदानी ने निर्देशक हैरी भट्टी की सोच को बहुत ही सुंदर तरीके से कैमरे में कैद किया है। असली पंजाब के रंग और ढंग के साथ बने इस गाने के विजुअल्स भी उतने ही सादा और सरल हैं, जितना ये गाना है। गाने को सुनते ही महसूस ये भी होता है कि संगीत को जितना इसके सुरों के और इसके कलेवर के करीब रखा जाए, उतना ही ये कर्णप्रिय और दिल को सुकून पहुंचाता है। पंजाबी संगीत सिर्फ वही नहीं है जो यो यो हनी सिंह गाते हैं। ये संगीत ऐसा भी है जैसा दिलजीत दोसांझ और राहत फतेह अली खान ठेठ पंजाबी में गाते हैं। इस गाने को सुनिएगा जरूर।
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