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मौत को भी हराया 'मुकद्दर के सिकंदर' ने
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Thu, 11 Oct 2012 03:25 PM IST
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आज अमिताभ अपना 70वां जन्मदिन मना रहे हैं। लेकिन उन्होंने अपनी जिंदगी में कई बार मौत को मात देकर फिर से जिंदगी हासिल की। जी हां, सदी के महानायक अमिताभ ने कई बात मौत से भी संघर्ष किया है। लेकिन मुकद्दर का सिकंदर की तरह उन्होंने खुद को दोबारा खड़ा किया।
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फिल्म 'कुली' की दुर्घटना
बंगलुरु में फिल्म 'कुली' की शूटिंग के दौरान अपने को स्टार पुनीत इसार के साथ एक फाइटिंग सीन में अचानक उन्हें गंभीर चोट आ गयी थी। उन्हें इतनी गहरी चोट आयी कि वह स्पाइनल रैप्चर के शिकार हो गये थे। उन्हें आईसीयू में भर्ती कर दिया गया था। बताते हैं कि करीब 15 मिनट के लिए उनकी सांस रुक गयी थी। लेकिन किसी चमत्कार की तरह ही वह वापस आये। उन्हें नयी जिंदगी मिली। उस वर्ष पूरे भारत में अमिताभ की जिंदगी की दुआ की गयी थी।
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माइस्थेनिया ग्रेविस की चपेट में
'कुली' की दुघर्टना के बाद वे लगातार बीमार रहने लगे थे। उस दौरान उन्होंने इतनी ज्यादा दवाईयां खा ली थी कि उन्हें न्यूरोमस्कूलर एलिमेंट की बीमारी हो गयी थी, जिसे माइस्थेनिया ग्रेविस भी कहते हैं। यह बीमारी दुनिया में गिने-चुने लोगों को ही अपनी चपेट में लेती है। उस दौरान वे ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे। उसी वक्त उन्होंने निर्णय ले लिया था कि अब वह फिल्में नहीं करेंगे। लेकिन बाद में दोस्त टीनू आनंद की जिद पर आकर 'शहंशाह' की शूटिंग पूरी की थी।
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जब हाथ में फट पड़े पटाखे
एक बार दिल्ली निवास के दौरान उन्होंने दीवाली में इस कदर पटाखे जलाये कि उनके बायीं हथेली बुरी तरह जल गयी थी। इसके बाद उन्होंने फिल्म 'शराबी' की शूटिंग में उन्होंने पूरी फिल्म में अपना बायां हाथ अपनी पॉकेट में रखा। और कभी अगर सीन में उन्हें हाथ दिखाने की जरूरत भी पड़ी तो उन्होंने हाथ में सफेद रंग का रुमाल बांध रखा था। भले ही ऐसा उन्हें मजबूरी में करना पड़ा हो मगर बाद मे यह एक स्टाइल आइकन बन गया।
पेट में भयंकर दर्द
वर्ष 2005, उसके बाद 2008 और फिर 2011 में अमिताभ पेट के दर्द से भयंकर तरीके से ग्रसित हुए थे। उस वक्त भी उन्हें लीलावती हॉस्पीटल में भर्ती हुए और कई दिनों बाद उन्होंने वापसी की थी। और आज अमिताभ मुकद्दर के सिकंदर की तरह 70वां जन्मदिन मना रहे हैं।