गजल रिलीज: मेरे हाथ लग गया था कोई नूर का खजाना...यूट्यूब पर देखें वीडियो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरे हाथ लग गया था कोई नूर का खजाना
अभी तक उसी से रौशन है मेरा गरीब खाना...
प्यार और जिंदगी के फलसफों से लबरेज गजल नूर अब लोगों के बीच है। मुंबई में आयोजित गजलों के कार्यक्रम खजाना में इसे रिलीज किया गया। मशहूर गीतकार और कवि आलोक श्रीवास्तव के लिखे इन अलफाजों को सुदीप बनर्जी ने अपने सुरों से सजाया है। यह पहला मौका है जब गजल और ऊर्दू कविता की दुनिया की दो नामचीन हस्तियां आलोक श्रीवास्तव और सुदीप बनर्जी किसी प्रोजेक्ट के लिए साथ आए हैं।नूर का वीडियो भी यूट्यूब पर देखा जा सकता है। इसमें चर्चित कार्यक्रम 'जिंदगी लाइव' फेम एंकर और पत्रकार ऋचा अनिरुद्ध ने मॉडलिंग की है। आलोक श्रीवास्तव ने इस गजल को भले ही पारंपरिक शैली में लिखा है, मगर इसके संगीत में शास्त्रीय के साथ साथ आधुनिक वाद्य यंत्रों का इस्तेमाल किया गया है।
फतेह अली खान ने सारंगी और अमित चौबे ने तबले की थाप ने गजल में चार चांद लगाए हैं। इस गजल की रिकॉर्डिंग मशहूर गायिका लता मंगेशकर के एलएम स्टूडियो में की गई है। वहीं, तलत अजीज, पंकज उधास और गायिका रेखा भारद्वाज ने इसका विमोचन किया।
देखें इस गाने का वीडियो-