स्वागत कीजिए 2014 की इन फिल्मों का
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जिस वर्ष अनुराग कश्यप रणबीर कपूर और अनुष्का शर्मा के साथ 'बॉम्बे वेलवेट' लाने की तैयारी में जुटे हों, उस साल कुछ खास नएपन की उम्मीद नहीं की जा सकती। बावजूद इसके कि करण जौहर यहां अभिनय करवाते नहीं, करते दिखाई देंगे। आने वाले साल की फिल्मों पर नजर डालें, तो कह सकते हैं कि साल 2014 कुछ बड़ी उम्मीदों का होगा।
देखना है कि 'जाने भी दो यारों' जैसी कालजयी सिनेमा के बाद कुंदन शाह इस साल आने वाली 'पी से पी एम' तक में अपने व्यंग्य का वही जादू जगाने में सफल हो सकेंगे।
प्रदीप सरकार ने अपनी पहली ही फिल्म `परिणीता' से दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई, लेकिन जब 'लागा चुनरी में दाग' और 'लफंगे परिंदे' लेकर आए, तो दर्शक उसमें 'परिणीता' की परिपक्वता ढूंढते रह गए। इस वर्ष देखना दिलचस्प होगा कि वह मुख्य धारा से लगभग बाहर हो चुकी रानी मुखर्जी के साथ 'मर्दानी' में किस हद तक दर्शकों को संभाल पाते हैं।
हाइवे और माधुरी का है इंतजार
साल 2014 शायद शेखर सुमन के लिए भी उम्मीदें लेकर आए। लंबी गुमनामी के बाद वे निर्देशक के रूप में दर्शकों की अदालत में होंगे ‘हार्टलेस’ में। इम्तियाज अली ने हिंदी सिनेमा के परंपरागत रोमांस को एक नई ताजगी दी थी। इस वर्ष वे दिखेंगे `हाई वे’ में आलिया भट्ट और रणदीप हूडा की बेमेल जोड़ी के साथ।
यूं 2014 में माधुरी दीक्षित पर भी सबकी निगाहें टिकी हैं। इस साल माधुरी दीक्षित एक ओर 'गुलाबी गैंग' में एक रियल लाइफ कैरेक्टर को साकार करती दिखेंगी, दूसरी ओर नसीरुद्दीन शाह और अरशद वारसी के बीच संतुलन कायम करती दिखेंगी अभिषेक चौबे की 'डेढ़ इश्किया' में। माधुरी का यह कमबैक इस मायने में भी महत्वपूर्ण है कि आमतौर पर हिंदी सिनेमा में शादीशुदा नायिकाओं की सफलता संदिग्ध देखी गई है।
सलमान की भी होगी जय
2014 की शुरुआत बॉलीवुड के सुपर खान के `जय हो' से होगी। इस फिल्म का ट्रेलर तो अभी से लोगों में लोकप्रिय हो रहा है। दर्शकों के एक खास वर्ग को सलमान की फिल्म का बेसब्री से इंतजार रहता है। काफी अरसे के बाद तब्बू भी इस फिल्म के जरिए बॉलीवुड में दिखाई देंगी।
जनवरी 2014 एक और मायने से भी खास है। हिंदी सिनेमा के इतिहास की महत्वपूर्ण फिल्म `शोले' फिर से दर्शकों के सामने होगी `शोले- थ्री डी' के रूप में। यह 3 जनवरी को सिनेमाघरों में आ जाएगी। आने वाले साल में सनी देओल की `ढिश्कियाऊं’ से भी ज्यादा उम्मीदें बंध नहीं रहीं।
सर चढ़ेगा आमिर का जादू
2014 में दर्शकों को बॉलीवुड के तीनों खान के जलवे सिल्वर स्क्रीन पर देखने को मिलेंगे। जहां साल का आगाज सलमान खान कर रहे हैं। वहीं साल के मध्य में मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान की राजकुमार हीरानी द्वारा निर्देशित `पी.के' आएगी।
उम्मीद है 2014 में फराह खान सितंबर में ही अपने दर्शकों को `हैप्पी न्यू ईयर' कहने को उतावली दिखेंगी, शाहरुख खान के साथ। इस साल बॉलीवुड में आते ही दो फिल्मों का हिट स्कोर कार्ड पाने वाले सुशांत सिंह राजपूत की भी दो फिल्में दौड़ में शामिल हैं।
`ये जवानी है दीवानी' की रिकॉर्ड सफलता के बावजूद `बेशरम' की घनघोर असफलता ने रनबीर कपूर के लिए 2013 सुखद नहीं रहने दिया। उम्मीद है `रॉय' और 2014 के आखिर में `बॉम्बे वेलवेट' के साथ वे 2015 उत्साह के साथ सेलिब्रेट कर पाएंगे।
नायिकाओं के लिए भी अहम साल
नायिकाओं में देखें, तो प्रियंका चोपड़ा के लिए साल 2014 अहम होगा। भारत के ओलंपिक में बॉक्सिंग कांस्य पदक विजेता मैरी कॉम पर आधारित एक अलग शैली की कहानी `मैरी कॉम' लेकर पर्दे पर दिखाई देंगी प्रियंका। सुखद है कि आमतौर पर जोखिम से भागने वाला हिंदी सिनेमा 'शाहिद', 'पान सिंह तोमर' और 'भाग मिल्खा भाग' की कामयाबी के बाद समकालीन रियल लाइफ कैरेक्टर पर आधारित कहानियों को चुनने की हिम्मत दिखा रहा है।
करोड़ों के सेट्स, शानदार लाइटिंग, बड़े बैनर, पॉपुलर स्टारकास्ट...फिल्मों की दशकों से चली आ रही यह परिभाषा बदलने का जोखिम 2014 उठा सकेगा, यह उम्मीद तो कतई नहीं की जा सकती।
यह जरूर उम्मीद की जा सकती है कि नागेश कुक्नूर, `लक्ष्मी’ जैसी फिल्मों से `लंच बॉक्स' और `मद्रास कैफे' जैसी फिल्मों की परंपरा भी कायम रखेंगे। निश्चित ही दर्शकों को इस वर्ष भी कुछ उत्कृष्ट कहानियों का इंतजार रहेगा, जो करोड़ों की दौड़ से अलग हकीकत की मशाल लेकर सीधे दर्शकों के दिल में उतरने की कोशिश करते दिखाई देंगी।