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रीमेक का दांव: 'दृश्यम' ही नहीं, मोहनलाल की इन फिल्मों पर भी बॉलीवुड ने उठाया जोखिम; लिस्ट में कई बड़े नाम
Thu, 01 Oct 2026 05:40 AM IST
राजश्री वर्मा
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: राजश्री वर्मा
Updated Thu, 01 Oct 2026 05:40 AM IST
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बॉलीवुड ने खेला रीमेक का दांव
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अमर उजाला
विस्तार
साउथ इंडस्ट्री के उन कलाकारों में मोहनलाल का नाम सबसे ऊपर आता है, जिन्होंने अलग-अलग तरह के किरदारों को पर्दे पर इतनी सहजता से निभाया कि उनकी फिल्मों ने भाषा की सीमाएं पार कर लीं। थ्रिलर हो, कॉमेडी, रोमांस, इमोशनल ड्रामा या फिर गंभीर सामाजिक कहानी मोहनलाल की कई फिल्मों ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को भी आकर्षित किया।'दृश्यम' का नाम हिंदी रीमेक की चर्चा में सबसे पहले आता है, लेकिन आपको बता दें कि बॉलीवुड इससे काफी पहले मोहनलाल की फिल्मों की कहानियों पर दांव लगा चुका था। खास बात यह है कि इनमें से कई फिल्मों को हिंदी में भी उन्हीं निर्देशक प्रियदर्शन ने बनाया, जिन्होंने मलयालम में मोहनलाल के साथ कई यादगार फिल्में दीं।
हंगामा
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1. पूछक़्कोरु मूक्कुती (हंगामा)
साल 1984 में 'पूचक्कोरु मूक्कुथि' को भी प्रियदर्शन ने डायरेक्ट किया था। इसमें मोहनलाल, शंकर, मेनका और एम. जी. सोमन नजर आए। फिर साल 2003 में इसका हिंदी रीमेक बनाया गया। फिल्म का नाम 'हंगामा' था, जिसमें अक्षय खन्ना, आफताब शिवदासानी, रिमी सेन और परेश रावल नजर आए। 'हंगामा' को भी प्रियदर्शन ने डायरेक्ट किया था।
'पूछक़्कोरु मूक्कुती' की कहानी गलतफहमियों, झूठ और नकली पहचान पर टिकी हुई थी। अलग-अलग किरदार अपनी जरूरतों के लिए अलग-अलग झूठ बोलते हैं और एक झूठ दूसरे झूठ को जन्म देता चला जाता है। इसके साथ ही फिल्म में भरपूर कॉमेडी देखने को मिली। कुछ ऐसी ही हंगामा भी थी।
साल 1984 में 'पूचक्कोरु मूक्कुथि' को भी प्रियदर्शन ने डायरेक्ट किया था। इसमें मोहनलाल, शंकर, मेनका और एम. जी. सोमन नजर आए। फिर साल 2003 में इसका हिंदी रीमेक बनाया गया। फिल्म का नाम 'हंगामा' था, जिसमें अक्षय खन्ना, आफताब शिवदासानी, रिमी सेन और परेश रावल नजर आए। 'हंगामा' को भी प्रियदर्शन ने डायरेक्ट किया था।
'पूछक़्कोरु मूक्कुती' की कहानी गलतफहमियों, झूठ और नकली पहचान पर टिकी हुई थी। अलग-अलग किरदार अपनी जरूरतों के लिए अलग-अलग झूठ बोलते हैं और एक झूठ दूसरे झूठ को जन्म देता चला जाता है। इसके साथ ही फिल्म में भरपूर कॉमेडी देखने को मिली। कुछ ऐसी ही हंगामा भी थी।
बोइंग बोइंग
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2. बोइंग बोइंग (गरम मसाला)
साल 1985 में 'बोइंग बोइंग' को प्रियदर्शन ने डायरेक्ट किया था। इसमें मोहनलाल, मुकेश और जगती श्रीकुमार नजर आए। फिर साल 2005 में इसका हिंदी रीमेक बना। फिल्म का नाम 'गरम मसाला' रखा गया, जिसमें अक्षय कुमार, जॉन अब्राहम, परेश रावल, रिमी सेन और नेहा धूपिया नजर आए। इसे भी प्रियदर्शन ने ही निर्देशित किया। इन दोनों फिल्मों की कहानी भी लगभग एक जैसी ही थी।
साल 1985 में 'बोइंग बोइंग' को प्रियदर्शन ने डायरेक्ट किया था। इसमें मोहनलाल, मुकेश और जगती श्रीकुमार नजर आए। फिर साल 2005 में इसका हिंदी रीमेक बना। फिल्म का नाम 'गरम मसाला' रखा गया, जिसमें अक्षय कुमार, जॉन अब्राहम, परेश रावल, रिमी सेन और नेहा धूपिया नजर आए। इसे भी प्रियदर्शन ने ही निर्देशित किया। इन दोनों फिल्मों की कहानी भी लगभग एक जैसी ही थी।
क्योंकि मूवी
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3. थलवट्टम (क्योंकि)
साल 1986 में आई 'थलवट्टम' को प्रियदर्शन ने डायरेक्ट किया था। इसमें मोहनलाल, कार्तिका, लिजी और एम. जी. सोमन समेत कई कलाकार नजर आए। फिर साल 2005 में इसका हिंदी रीमेक बनाया गया। फिल्म का नाम 'क्योंकि...' था, जिसमें सलमान खान, करीना कपूर, जैकी श्रॉफ, सुनील शेट्टी और ओम पुरी नजर आए। इन दोनों फिल्मों को भी प्रियदर्शन ने ही निर्देशित किया था।
'थलवट्टम' विनोद उर्फ विनु नाम के एक ऐसे मरीज की कहानी है, जिसे मानसिक बीमारी के बाद एक संस्थान में भर्ती कराया जाता है। उसके पास्ट में अपनी प्रेमिका अनिता की मौत का गहरा सदमा छिपा है। इलाज के दौरान डॉ. सवित्री और डॉ. उन्नीकृष्णन उसे ठीक करने की कोशिश करते हैं। इस दौरान धीरे-धीरे विनोद और सवित्री के बीच इमोशनल कनेक्शन बन जाता है, लेकिन सवित्री के पिता इस रिश्ते के खिलाफ होते हैं।
हिंदी फिल्म 'क्योंकि...' में सलमान खान ने आनंद का किरदार निभाया और करीना कपूर ने डॉ. तन्वी की भूमिका निभाई। जैकी श्रॉफ, सुनील शेट्टी और ओम पुरी भी फिल्म में अहम भूमिकाओं में नजर आए। हिंदी फिल्म की कहानी भी साउथ मूवी की तरह ही थी।
4. सनमनसुल्लावर्क्कु समाधानम (ये तेरा घर ये मेरा घर)
साल 1986 में 'सनमनसुल्लावर्क्कु समाधानम' को सत्यन अंतिक्कड़ ने डायरेक्ट किया था। इसमें मोहनलाल, कार्तिका और श्रीनिवासन नजर आए। फिर साल 2001 में इसका हिंदी रीमेक बनाया गया। फिल्म का नाम 'ये तेरा घर ये मेरा घर' था, जिसमें सुनील शेट्टी, महिमा चौधरी और परेश रावल नजर आए। इसका निर्देशन प्रियदर्शन ने किया था।
साल 1986 में आई 'थलवट्टम' को प्रियदर्शन ने डायरेक्ट किया था। इसमें मोहनलाल, कार्तिका, लिजी और एम. जी. सोमन समेत कई कलाकार नजर आए। फिर साल 2005 में इसका हिंदी रीमेक बनाया गया। फिल्म का नाम 'क्योंकि...' था, जिसमें सलमान खान, करीना कपूर, जैकी श्रॉफ, सुनील शेट्टी और ओम पुरी नजर आए। इन दोनों फिल्मों को भी प्रियदर्शन ने ही निर्देशित किया था।
'थलवट्टम' विनोद उर्फ विनु नाम के एक ऐसे मरीज की कहानी है, जिसे मानसिक बीमारी के बाद एक संस्थान में भर्ती कराया जाता है। उसके पास्ट में अपनी प्रेमिका अनिता की मौत का गहरा सदमा छिपा है। इलाज के दौरान डॉ. सवित्री और डॉ. उन्नीकृष्णन उसे ठीक करने की कोशिश करते हैं। इस दौरान धीरे-धीरे विनोद और सवित्री के बीच इमोशनल कनेक्शन बन जाता है, लेकिन सवित्री के पिता इस रिश्ते के खिलाफ होते हैं।
हिंदी फिल्म 'क्योंकि...' में सलमान खान ने आनंद का किरदार निभाया और करीना कपूर ने डॉ. तन्वी की भूमिका निभाई। जैकी श्रॉफ, सुनील शेट्टी और ओम पुरी भी फिल्म में अहम भूमिकाओं में नजर आए। हिंदी फिल्म की कहानी भी साउथ मूवी की तरह ही थी।
4. सनमनसुल्लावर्क्कु समाधानम (ये तेरा घर ये मेरा घर)
साल 1986 में 'सनमनसुल्लावर्क्कु समाधानम' को सत्यन अंतिक्कड़ ने डायरेक्ट किया था। इसमें मोहनलाल, कार्तिका और श्रीनिवासन नजर आए। फिर साल 2001 में इसका हिंदी रीमेक बनाया गया। फिल्म का नाम 'ये तेरा घर ये मेरा घर' था, जिसमें सुनील शेट्टी, महिमा चौधरी और परेश रावल नजर आए। इसका निर्देशन प्रियदर्शन ने किया था।
खट्टा मीठा
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5. वेलानाकालुडी नाडु (खट्टा मीठा)
साल 1988 में 'वेलानाकालुडी नाडु' को प्रियदर्शन ने डायरेक्ट किया था। इसमें मोहनलाल, शोभना और श्रीनिवासन समेत कई कलाकार नजर आए। फिर साल 2010 में इसका हिंदी रीमेक बनाया गया। फिल्म का नाम 'खट्टा मीठा' था, जिसमें अक्षय कुमार, त्रिशा, राजपाल यादव और उर्वशी शर्मा नजर आए खास बात ये थी कि इसे भी प्रियदर्शन ने ही निर्देशित किया था।
वेलानाकालुडी नाडु में सी.पी. नाम के एक सड़क निर्माण ठेकेदार के इर्द-गिर्द घूमती है। वह अपने काम को आगे बढ़ाना चाहता है, लेकिन सरकारी तंत्र, भ्रष्टाचार और सिस्टम की अड़चनों से परेशान है। ऊपर से उसकी मुलाकात अपनी पूर्व प्रेमिका राधा से होती है, जो अब एक प्रभावशाली अधिकारी है।
हिंदी संस्करण में अक्षय कुमार ने सचिन तिचकुले का किरदार निभाया और त्रिशा ने उनकी पूर्व प्रेमिका का किरदार निभाया, जो नगरपालिका आयुक्त बन चुकी है। 'खट्टा मीठा' ने मूल फिल्म के भ्रष्टाचार और सरकारी व्यवस्था वाले व्यंग्य को बरकरार रखा, लेकिन इसे ज्यादा हिंदी मसाला-कॉमेडी के साथ पेश किया गया। फिल्म में सड़क निर्माण, ठेकेदारी, रिश्वत और सरकारी मशीनरी के बीच फंसे आम आदमी को हास्य के जरिए दिखाया गया।
साल 1988 में 'वेलानाकालुडी नाडु' को प्रियदर्शन ने डायरेक्ट किया था। इसमें मोहनलाल, शोभना और श्रीनिवासन समेत कई कलाकार नजर आए। फिर साल 2010 में इसका हिंदी रीमेक बनाया गया। फिल्म का नाम 'खट्टा मीठा' था, जिसमें अक्षय कुमार, त्रिशा, राजपाल यादव और उर्वशी शर्मा नजर आए खास बात ये थी कि इसे भी प्रियदर्शन ने ही निर्देशित किया था।
वेलानाकालुडी नाडु में सी.पी. नाम के एक सड़क निर्माण ठेकेदार के इर्द-गिर्द घूमती है। वह अपने काम को आगे बढ़ाना चाहता है, लेकिन सरकारी तंत्र, भ्रष्टाचार और सिस्टम की अड़चनों से परेशान है। ऊपर से उसकी मुलाकात अपनी पूर्व प्रेमिका राधा से होती है, जो अब एक प्रभावशाली अधिकारी है।
हिंदी संस्करण में अक्षय कुमार ने सचिन तिचकुले का किरदार निभाया और त्रिशा ने उनकी पूर्व प्रेमिका का किरदार निभाया, जो नगरपालिका आयुक्त बन चुकी है। 'खट्टा मीठा' ने मूल फिल्म के भ्रष्टाचार और सरकारी व्यवस्था वाले व्यंग्य को बरकरार रखा, लेकिन इसे ज्यादा हिंदी मसाला-कॉमेडी के साथ पेश किया गया। फिल्म में सड़क निर्माण, ठेकेदारी, रिश्वत और सरकारी मशीनरी के बीच फंसे आम आदमी को हास्य के जरिए दिखाया गया।
भूल भुलैया
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6. मणिचित्रथाझु (भूल भुलैया)
साल 1993 में 'मणिचित्रथाझु' को फाजिल ने डायरेक्ट किया था। इसमें मोहनलाल, शोभना और सुरेश गोपी नजर आए। 2007 में इसका हिंदी रीमेक बनाया गया। फिल्म का नाम 'भूल भुलैया' था, जिसमें अक्षय कुमार, विद्या बालन, शाइनी आहूजा, अमीषा पटेल और परेश रावल नजर आए। हिंदी फिल्म का निर्देशन प्रियदर्शन ने किया था। प्रियदर्शन की इन फिल्मों की कहानी में ज्यादा बदलाव नहीं था, बस दर्शकों के अनुसार मेकर्स ने इसमें थोड़े बहुत बदलाव किए।
साल 1993 में 'मणिचित्रथाझु' को फाजिल ने डायरेक्ट किया था। इसमें मोहनलाल, शोभना और सुरेश गोपी नजर आए। 2007 में इसका हिंदी रीमेक बनाया गया। फिल्म का नाम 'भूल भुलैया' था, जिसमें अक्षय कुमार, विद्या बालन, शाइनी आहूजा, अमीषा पटेल और परेश रावल नजर आए। हिंदी फिल्म का निर्देशन प्रियदर्शन ने किया था। प्रियदर्शन की इन फिल्मों की कहानी में ज्यादा बदलाव नहीं था, बस दर्शकों के अनुसार मेकर्स ने इसमें थोड़े बहुत बदलाव किए।
दृश्यम
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7. दृश्यम (दृश्यम)
अब बात आती है 'दृश्यम' की, जिसे साउथ और हिंदी दोनों में ही इसी नाम से बनाया गया। दोनों ही फिल्मों के अभी तक तीन-तीन पार्ट बन चुके हैं। जहां मोहनलाल की फिल्म का तीसरा पार्ट रिलीज हो गया, वहीं अब बॉलीवुड वर्जन का तीसरा पार्ट 2 अक्टूबर को रिलीज होने वाला है।
ये फिल्में भी हैं मोहनलाल की फिल्मों की रीमेक
अब बात आती है 'दृश्यम' की, जिसे साउथ और हिंदी दोनों में ही इसी नाम से बनाया गया। दोनों ही फिल्मों के अभी तक तीन-तीन पार्ट बन चुके हैं। जहां मोहनलाल की फिल्म का तीसरा पार्ट रिलीज हो गया, वहीं अब बॉलीवुड वर्जन का तीसरा पार्ट 2 अक्टूबर को रिलीज होने वाला है।
ये फिल्में भी हैं मोहनलाल की फिल्मों की रीमेक
- मुस्कुराहट
- गर्दिश
- सात रंग के सपने
- हर दिल जो प्यार करेगा
- तीसरा कौन