Political Map: आज के चुनाव नतीजों से देश के सियासी नक्शे पर होगा कितना असर? मोदी राज में ऐसे बदली तस्वीर
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Political Map: 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के वक्त कितने राज्यों में भाजपा और कितने राज्यों में कांग्रेस की सरकार थी? कितने राज्यों में अन्य दल सत्ता में थे? बीते 10 साल में इसमें कितना बदलाव आया है? आइये समझते हैं...
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विस्तार
महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव के नतीजे शनिवार को घोषित हो रहे हैं। सुबह आठ बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी। कहां किस पार्टी को बहुमत मिलेगा। किसे जनता का जनादेश मिलेगा यह सब आज तय होगा। महाराष्ट्र में भाजपा नीत महायुति सत्ता में है। वहीं, झारखंड में बीते 5 साल से झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व वाली महागठबंधन की सरकार है। 2014 में केंद्र में भाजपा की सरकार आने के बाद देश की सियासत में बहुत कुछ बदला है। ये बदलाव देश के सियासी नक्शे पर भी झलका है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश की सत्ता में आने बाद देश का सियासी नक्शा कैसे बदला है? मोदी सरकार बनने के वक्त कितने राज्यों में भाजपा और कितने राज्यों में कांग्रेस की सरकार थी? कितने राज्यों में अन्य दल सत्ता में थे? कब देश की सबसे ज्यादा आबादी वाले हिस्सों में भाजपा और उसके सहयोगी सरकारों का शासन आया? इस वक्त देश का सियासी नक्शा कैसा है? आइये जानते हैं...
मई 2014 में नरेंद्र मोदी ने भारत के प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी। उनके सत्ता में आने के समय देश के सात राज्यों में भाजपा और उसके सहयोगी दल सरकार चला रहे थे। इनमें पांच राज्यों में भाजपा के मुख्यमंत्री थे, जबकि आंध्र प्रदेश और पंजाब में उसकी सहयोगी पार्टी सत्ता में थी। इन दो राज्यों में देश की छह फीसदी से ज्यादा आबादी रहती है। बाकी पांच राज्यों छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान में भाजपा के मुख्यमंत्री थे। इन राज्यों में देश की 19 फीसदी से ज्यादा आबादी रहती है।
यानी, जब नरेंद्र मोदी देश की सत्ता में आए उस वक्त करीब 26 फीसदी आबादी पर भाजपा और उसकी सहयोगी सरकारें चल रही थीं। उस वक्त देश के 14 राज्यों में कांग्रेस और उसके सहयोगी पार्टियों की सरकार थी। कांग्रेस शासित इन राज्यों में देश की 37 फीसदी से ज्यादा आबादी रहती है। इन राज्यों में महाराष्ट्र, कर्नाटक जैसे बड़े राज्य शामिल थे।
2018 में पीक पर पहुंची भाजपा
2014 में सात राज्यों में भाजपा और उसके सहयोगियों की सरकार थी। चार साल बाद मार्च 2018 में 21 राज्यों में भाजपा और उसके सहयोगियों की सरकार थी। इन राज्यों में देश की करीब 71 फीसदी आबादी रहती है। ये वो दौर था, जब भाजपा शासन आबादी के लिहाज से पीक पर था। वहीं, चार राज्यों में कांग्रेस की सरकार थी। इन राज्यों की सात फीसदी आबादी रहती है।
| राज्य | किससे गठबंधन? |
| अरुणाचल प्रदेश | भाजपा |
| असम | भाजपा, एजीपी, यूपीपीएल, बीपीएफ |
| गोवा | भाजपा, एमजीपी |
| गुजरात | भाजपा |
| हरियाणा | भाजपा |
| मध्य प्रदेश | भाजपा |
| महाराष्ट्र | भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट), एनसीपी (अजित गुट) |
| मणिपुर | भाजपा |
| मेघालय | भाजपा |
| नगालैंड | एनडीपीपी, एनपीएफ, भाजपा |
| पुडुचेरी | एआईएनआरसी, भाजपा |
| सिक्किम | एसकेएम |
| त्रिपुरा | भाजपा, आईपीएफटी |
| उत्तर प्रदेश | भाजपा |
| उत्तराखंड | भाजपा |
| बिहार | भाजपा, जदयू |
| राज्य | किससे गठबंधन? |
| हिमाचल प्रदेश | कांग्रेस |
| झारखंड | जेएमएम, कांग्रेस |
| तमिलनाडु | डीएमके, कांग्रेस |
| कर्नाटक | कांग्रेस |
| तेलंगाना | कांग्रेस |
महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले हरियाणा और जम्मू कश्मीर में चुनाव हुए। हरियाणा में भाजपा ने अपनी सत्ता बरकरार रखी। वहीं, जम्मू कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेस सत्ता में आई। उसे कांग्रेस का बाहर से समर्थन मिला। देश की 2.00% आबादी 1.3 फीसदी भू-भाग वाले इस राज्य में रहती है। वहीं, जम्मू कश्मीर में देश की करीब एक फीसदी आबादी निवास करती है।
महाराष्ट्र में देश की 10.00% आबादी रहती है। देश के 9.4 फीसदी भू-भाग वाले महाराष्ट्र में यहां भाजपा नीत महायुति की सरकार है। वहीं, देश के 2.4 फीसदी भू-भाग वाले झारखंड में देश की करीब तीन फीसदी आबादी निवास करती है।