Updates: 'EVM हैक होने के कारण हम हारे', महाराष्ट्र में एमवीए को मिली करारी हार पर कर्नाटक कांग्रेस के नेता
Maharashtra, Jharkhand Election 2024 Updates: महाराष्ट्र और झारखंड के विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ गठबंधों की आंधी चली। कल आए नतीजों में जहां महाराष्ट्र में महायुति ने राजनीति की नई कहानी रच दी। भगवा आंधी में भाजपा, शिवसेना, एनसीपी ने 80 फीसदी सीटें जीत लीं, तो झारखंड में हेमंत सोरेन के नेतृत्व में इंडिया गठंबधन ने करीब 70 फीसदी सीटों पर कब्जा जमा लिया। आइये जानते हैं चुनाव से जुड़े अपडेट्स...
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महाराष्ट्र चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन को प्रचंड बहुमत मिला है। गठबंधन 226 सीटों पर आगे है। भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। वहीं महाविकास अघाड़ी गठबंधन को बुरी हार का सामना करना पड़ा है। इसके उलट, झारखंड में सीएम हेमंत सोरेन की झारखंड मुक्ति मोर्चा पर लोगों ने भरोसा जताया। इंडिया गठबंधन में शामिल झामुमो ने 34 सीटों पर जीत हासिल की। जबकि कांग्रेस ने 16 सीटों पर जीत हासिल की। वहीं भाजपा 21 सीटें जीत सकी। आइये जानते हैं कि चुनाव को लेकर देश में क्या चल रहा है...
कल्पना सोरेन के आंसू भाजपा पर पड़े भारी: मनोज पांडेय
झारखंड विधानसभा चुनाव के नतीजों पर झामुमो नेता मनोज पांडेय ने कहा, 'झारखंड की जनता ने कल्पना सोरेन के आंसुओं का हिसाब चुकता कर दिया है। उन्होंने हेमंत सोरेन को बिना किसी कारण के जेल भेजे जाने पर आंसू बहाए थे। यह पांच महीने कौन लौटाएगा, ये बात हर जगह हो रही थी। कल्पना के आंसू भाजपा पर भारी पड़ गए। उनका (भाजपा) तानाशाही रवैया और बड़े मुंह वाले नेताओं की बयानबाजी साफ नजर आ रही थी। वे डबल इंजन की बात करते थे, लेकिन यहां डबल इंजन देखने को मिला, कल्पना सोरेन और हेमंत सोरेन की सरकार के रूप में। अगर झारखंड में कुछ अच्छा होता है तो यह (झामुमो-कांग्रेस) सरकार करेगी। सरकार की योजनाओं का भी सबसे ज्यादा असर पड़ा है। झारखंड के लोग पूरी तरह से एकजुट हैं।
घुसपैठियों का मुद्दा राष्ट्रीय मुद्दा: मरांडी
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि घुसपैठियों का मुद्दा राष्ट्रीय मुद्दा है। आपने देखा होगा कि मुंबई में भी इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं। झारखंड में आदिवासियों की आबादी कम हुई है। आदिवासी आबादी में कमी के कई कारण हैं, लेकिन यह बड़े कारकों में से एक है। यहां एक वर्ग विशेष की आबादी बढ़ी, तो हम मानते हैं कि ऑर्गनिक तरीके से तो अब आबादी बढ़ नहीं सकती है। निश्चित तौर पर घुसपैठ हुआ है। सरकार ने उनके राशन कार्ड, आधार कार्ड बनवाए और उनके वोटर कार्ड बनवाए। इसलिए यह जांच का विषय है।'
हम महाराष्ट्र में जीते तो वे दोष मढ़ रहे: किरीट सोमैया
'ईवीएम हैक होने के कारण हम महाराष्ट्र हार गए'
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव पर कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा, 'ऐसा लगता है कि ईवीएम हैक होने के कारण हम महाराष्ट्र हार गए हैं, यह हमारे नेताओं की राय है। हम चुनाव के लिए उचित रणनीति बनाने में भी असफल रहे हैं। हमने सोचा था कि महाराष्ट्र में एमवीए सत्ता में आएगी, लेकिन सब कुछ उल्टा हो गया।'
हम दोनों राज्यों के फैसले का आत्मनिरीक्षण करेंगे: गोगोई
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, 'हमने महाराष्ट्र में भी वही मुद्दे उठाए जो हमने झारखंड में उठाए, चाहे वह एससी, एसटी और ओबीसी के अधिकार हों या बेरोजगारी या महंगाई का मुद्दा हो। हां, झारखंड का फैसला महाराष्ट्र के फैसले से अलग है। हम फैसले को स्वीकार करते हैं। हम दोनों राज्यों के फैसले का आत्मनिरीक्षण करेंगे और अपनी पार्टी को मजबूत करेंगे। हमने अदाणी, मणिपुर, महिलाओं, ओबीसी, एससी और एसटी के खिलाफ अत्याचार का मुद्दा उठाया है।'
अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा, "आज राकांपा के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक हुई। हमने सभी विधायकों का स्वागत किया और हमने अजित पवार को पार्टी का नेता भी चुना। हमने उनसे पार्टी के संबंध में आगे के फैसले लेने की भी अपील की।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के नतीजों पर राकांपा के संस्थापक शरद पवार ने कहा, "हम कई वर्षों से सार्वजनिक जीवन में हैं, हमें ऐसा अनुभव कभी नहीं हुआ, लेकिन अब जब हुआ है, तो हम इस पर विचार करेंगे। समझेंगे कि ऐसा क्यों हुआ और नए जोश के साथ लोगों के सामने जाएंगे। मैंने चुनाव प्रचार के दौरान राज्य के अलग-अलग जिलों का दौरा किया है। चाहे मेरी पार्टी हो, शिवसेना (यूबीटी) हो या कांग्रेस, सभी ने सामूहिक प्रयास किए, लेकिन परिणाम हमारे प्रयासों के अनुरूप नहीं रहे, कहीं भी तालमेल की कमी नहीं थी।"
चुनाव के नतीजों पर भाजपा नेता नितेश राणे ने कहा, "ये हिंदुत्व की जीत है। हमारे महाराष्ट्र के हिंदू समाज ने जवाब दे दिया है कि हमारे महाराष्ट्र में सिर्फ भगवा ही चलेगा फतवा नहीं चलेगा। ये जनादेश लव जिहाद, जमीन जिहाद और इस्लामीकरण के खिलाफ मिला है। महाराष्ट्र के हिंदू समाज ने सीधा संदेश दिया है कि मस्जिदों में पांच बार बजने वाले लाउड स्पीकर बंद हो जाने चाहिए। सब जगहों पर जो हरी चादर डालने का कार्यक्रम शुरू हुआ था, उसके खिलाफ हमें जनादेश मिला है। अभी महाराष्ट्र में केवल भगवाधारियों का ही राज चलेगा, इसी तरह का जनादेश मिलने की वजह से आने वाले दिनों में उसी तरह की सरकार दिखेगी।"
केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिक पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के अध्यक्ष रामदास आठवले ने रविवार को कहा कि महाराष्ट्र सरकार में उनकी पार्टी को मंत्री पद मिलना चाहिए, क्योंकि राज्य चुनावों में महायुति को दलितों का अधिकतर वोट मिला है।
आठवले वर्तमान में केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार में सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री हैं। केंद्रीय मंत्री ने एक बातचीत में कहा, पहले भी हमने आरपीआई के लिए एक मंत्री पद की मांग की थी। इस बार मुझे लगता है कि आरपीआई को एक मंत्री पद मिलना चाहिए। हमारे समाज को भी यह उम्मीद है। आरपीआई को मंत्री पद देने से महायुति को भी फायदा होगा।
आठवले ने शिवसेना सांसद संजय राउत पर भी निशाना साधा। राउत ने कहा था कि शपथ ग्रहण समारोह महाराष्ट्र में नहीं, बल्कि गुजरात के मोदी स्टेडियम में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राउत ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है।