फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Election ›   LS Polls 2024: Voting on 20th and challenge for BJP to save 13 seats out of 14 seats in Uttar Pradesh

LS Polls 2024: 20 को मतदान और उत्तर प्रदेश की 14 सीटों में भाजपा के सामने 13 सीटें बचाने की चुनौती

Thu, 16 May 2024 07:00 PM IST
Shashidhar Pathak शशिधर पाठक
Updated Thu, 16 May 2024 07:00 PM IST
सार

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पांचवें और छठवें चरण की सीटों पर सफलता के लिए पूरा जोर लगा दिया है। वह रायबरेली में सपा विधायक मनोज पांडे के घर गए थे।

विज्ञापन
LS Polls 2024: Voting on 20th and challenge for BJP to save 13 seats out of 14 seats in Uttar Pradesh
LS Polls - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

समाजवादी पार्टी के नेता संजय लाठर कहते हैं कि फैजाबाद में चौकाएंगे, भाजपा के लल्लू सिंह को हराएंगे। लाठर के इस नारे में उन्हें जमीन से मिल रहे संदेश की खुशी दिखाई दे रही है। खुशी इसलिए कि फैजाबाद से भाजपा के सांसद लल्लू सिंह तीसरी बार चुनाव लड़ रहे हैं और अयोध्या में अब भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा हो चुकी है। हालांकि लल्लू सिंह हार न मानने वाले नेताओं में हैं। कहते हैं कि नतीजा तो चार जून को आएगा। भाजपा के नेता ज्ञानेश्वर भी कहते हैं कि बड़ी-बड़ी बातें कोई भी कर सकता है। ज्ञानेश्वर के मुताबिक 20 मई को पांचवें चरण की 14 सीटों पर मतदान होगा। 2019 में 13 सीटें भाजपा के पास थीं। इस बार लिखकर रख लीजिए कि सभी 14 सीटों पर भाजपा प्रत्याशी जीतेंगे।

विज्ञापन


अमित शाह चल रहे आखिरी दांव
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पांचवें और छठवें चरण की सीटों पर सफलता के लिए पूरा जोर लगा दिया है। वह रायबरेली में सपा विधायक मनोज पांडे के घर गए थे। गोसाईगंज के सपा विधायक अभय प्रताप सिंह के पास उनका संदेश है। गौरीगंज के सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह के पास निराशा न मिलने का भरोसा है। जौनपुर में अपने प्रयास से केंद्रीय गृहमंत्री ने पूर्व सांसद धनंजय सिंह को साध लिया है। धनंजय की पत्नी श्रीकला धनंजय सिंह शाह से मिल चुकी हैं और यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। प्रतापगढ़, प्रयागराज, कौशांबी में समीकरण साधने के लिए अमित शाह ने रघुराज प्रताप सिंह (राजा भैया) से मंत्रणा की। गृहमंत्री की रैली में राजा भैया को शामिल होना था। मंच पर कुर्सी भी लगी थी, लेकिन खाली रह गई। राजा भैया नहीं आए। बाद में गृहमंत्री की सलाह पर केंद्रीय मंत्री संजीव कुमार बालियान, कौशांबी से 2019 में लोकसभा जीते और वहां के प्रत्याशी विनोद सोनकर समेत अन्य ने राजा भैया से भेंट की। भाजपा के नेताओं को उम्मीद है कि अभी मतदान 20 मई को होगा और उसके पहले बात बन जाएगी। खबर यही है कि अब भाजपा के रणनीतिकार 1-1 सीट के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। ताकि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी का उत्तर प्रदेश में 80 लोकसभा सीटों में से सभी को जीत लेने का दावा सच हो जाए।
विज्ञापन


लखनऊ, अमेठी, रायबरेली, फैजाबाद, कौशांबी हाई प्रोफाइल सीटें बनीं
लखनऊ लोकसभा सीट पर भाजपा का दशकों से कब्जा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह चुनाव लड़ रहे हैं। राजनाथ सिंह के सामने जीत का अंतर बड़ा करने की चुनौती है। लखनऊ की सीट को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता भी कोई बड़ा दावा नहीं करते। लेकिन मोहनलाल गंज का जिक्र होते ही दावे का दौर शुरू हो जाता है। सपा के संजय लाठर कहते हैं कि लिखकर रख लीजिए, यह सीट सपा की है। इसके अलावा फैजाबाद भी जीतेंगे। वहां से नौ बार के विधायक, पूर्व मंत्री अवधेश प्रसाद मैदान में हैं। जातिगत समीकरण भी हमारे पक्ष में हैं। फैजाबाद में चार लाख यादव, चार लाख पासी, चार लाख के करीब मुसलमान मतदाता हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


लाठर कहते हैं कि अमेठी, रायबरेली की जनता खुद वहां भाजपा को हरा रही है। हार का डर देखकर ही भाजपा के शीर्ष नेता हमारे विधायक के घर चक्कर काट रहे हैं। लाठर के मुताबिक अब तो सब जनता को पता है कि राजा भैया का समाजवादी पार्टी को समर्थन मिल रहा है। कौशांबी में भाजपा को हार का डर दिखाई देने लगा है।

समाजवादी पार्टी के सचिव सुशील दूबे का कहना है कि पांचवें चरण की सीटें 2014 के पहले भाजपा के पाले में कितनी होती थीं? प्रयागराज में भी इस बार साइकिल दौड़ेगी। हालांकि सपा के नेता भी मानते हैं बांदा, फतेहपुर, हमीरपुर, झांसी में कांटे की लड़ाई है, लेकिन जालौन में इंडिया गठबंधन का उम्मीदवार भारी है। कैसरगंज में भाजपा के करण भूषण सिंह के बारे में सपा नेता अभी कोई पूर्वानुमान जाहिर नहीं कर रहे हैं। बताते हैं कि बाराबंकी और गोंडा में भी कड़ा मुकाबला चल रहा है। बाराबंकी में भाजपा भितरघात भी झेल रही है।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को शतरंजी चाल पर भरोसा
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव इस समय शतरंज की चाल चल रहे हैं। बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ संयुक्त प्रेसवार्ता के बाद उन्होंने गुरुवार को आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल के साथ संयुक्त प्रेसवार्ता की। अखिलेश की निगाह केजरीवाल के उस वाक्य पर टिकी थीं, जिसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री ने लोकसभा चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी को हटा दिए जाने की सूचना को बल दिया। इसका राजनीतिक संदेश (राजपूत भाजपा से नाराज हैं) अखिलेश को पता है।


अखिलेश यादव चाहते हैं कि यह संदेश उत्तर प्रदेश के गांव-गांव में गूंजे। टीम अखिलेश उत्तर प्रदेश में तीन संदेश को लेकर काफी खुश है। पहली तो यह कि बसपा प्रमुख मायावती भाजपा को चुनाव में फायदा पहुंचा रही हैं। दूसरी, भाजपा का 400 पार सीटों का नारा संविधान बदलने के लिए है। तीसरी, केंद्रीय भाजपा के नेताओं और राज्य के मुख्यमंत्री में समीकरण सध नहीं पा रहे हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed