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Hindi News ›   Election ›   LS Election: Interesting election battle in Asansol, Bengal, TMC's 'Bihari Babu' vs BJP's 'Sardar ji'

LS Election: बंगाल के आसनसोल में दिलचस्प हुई चुनावी लड़ाई, टीएमसी के 'बिहारी बाबू' बनाम भाजपा के 'सरदार जी'

Thu, 02 May 2024 02:36 PM IST
मेघा झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: मेघा झा Updated Thu, 02 May 2024 02:36 PM IST
सार

आसनसोल लोकसभा क्षेत्र टीएमसी ने सुपरस्टार शत्रुघ्न सिन्हा को अपना उम्मीदवार बनाया है वहीं भाजपा ने अनुभवी नेता सुरेंद्र सिहं आहलूवालिया को उतारा है, उधर सीपीआई (एम) ने भी जहांआरा खान को इस सीट खड़ा किया है।

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LS Election: Interesting election battle in Asansol, Bengal, TMC's 'Bihari Babu' vs BJP's 'Sardar ji'
आसनसोल में 'बिहारी बाबू' 'सरदार जी' और जहांआरा मैदान में - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आसनसोल लोकसभा क्षेत्र में इस बार का चुनाव अधिक रोचक होगा। इस क्षेत्र में सभी पार्टी ने अपने लोकप्रिय और दिग्गज नेता उतारे हैं। जहां टीएमसी ने सुपरस्टार शत्रुघ्न सिन्हा को अपना उम्मीदवार बनाया है वहीं भाजपा ने अनुभवी नेता सुरेंद्र सिहं आहलूवालिया को उतारा है, उधर सीपीआई (एम) ने भी जहांआरा खान को इस सीट खड़ा किया है। इस सीट पर जमकर चुनाव प्रचार चल रहा है, जहांआरा का कहना है कि किसी भी नेता ने यहां के लोगों की बुनियादी समस्याओं को हल नहीं किया है।
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आसनसोल, पश्चिम बंगाल का लोकसभा क्षेत्र, जहां ग्रामीण क्षेत्रों में पीने की पानी कमी है, अवैध खनन के कारण लोगों पर खतरा मंडराता रहा है। बता दें कि इस क्षेत्र में राज्य के खनन और औद्योगिक क्षेत्र का केंद्र है। रानीगंज, पांडवेश्वर और जमुरिया विधानसभा क्षेत्रों में कोयले की खदानें हैं, जबकि कुल्टी में बड़े कारखाने भी हैं। आसनसोल झारखंड की सीमा से लगा हुआ जिला है, जहां की आबादी का बड़ा हिस्सा हिंदी भाषी है। जो कि यहीं खदानों, कारखानों में काम करते हैं। कई लोग यहां बिहार और यूपी के भी हैं। 
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शत्रुघ्न सिन्हा को 'बिहारी बाबू' भी कहते हैं, वहीं भाजपा के सुरेंद्र सिंह आहलूवालिया को 'सरदार जी' भी कहते हैं।

इस सीट पर 2014 और 2019 में भाजपा सांसद बाबुल सुप्रियो ने जीत हासिल की थी। लेकिन उनके जाने के बाद टीएमसी के शत्रुघ्न सिन्हा ने उपचुनाव में तीन लाख वोटों से जीत हासिल की थी। इस बार फिर से उसी सीट पर उतरे शत्रुघ्न सिन्हा कहते हैं कि इस बार भी क्षेत्र के लोग उनका समर्थन करेंगे। वहीं सीपीआई (एम) ने भी जहांआरा खान जो कि जमुरिया से दो बार सांसद रह चुकी हैं, उनका आरोप है कि न तो सिन्हा और न ही सुप्रियो ने स्थानीय लोगों की समस्याओं को कम करने के लिए बहुत कुछ किया है। ग्रामीण इलाकों में गरीब आदिवासी और अल्पसंख्यक पेयजल की कमी से पीड़ित हैं, लेकिन उस संकट को दूर करने के लिए प्रयास नहीं किए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र में परित्यक्त कोलियरियों से अवैध खनन बड़े पैमाने पर हो रहा है। जिसके कारण अक्सर भूस्खलन होता है, इसे रोका जाना चाहिए। इसके कारण हर साल कुछ जानें जाती हैं। 
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ग्रामीण जल संकट को स्वीकार करते हुए, टीएमसी के पांडवेश्वर विधायक नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती ने कहा कि खदान क्षेत्र में गर्मी के महीनों में जल स्तर कम हो जाता है, जो प्राकृतिक है। हम घरों में पानी का कनेक्शन उपलब्ध कराने का काम कर रहे हैं। यही नहीं हर ब्लॉक में जलाशय बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर स्टॉप-गैप उपाय के रूप में टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जाती है। 

कारखाने दोबारा खुलें तो पलायन खत्म हो
कुल्टी के निवासी संभु माझी ने कहा कि यहां कारखाने बंद हैं। उन्हें फिर से खुलना चाहिए। क्योंकि इनके दोबारा चालू होने से हमें आजीविका की तलाश में पलायन नहीं करना पड़ेगा। वहीं अजय घोष का कहना है कि दामोदर से अवैध रेत खनन भी बढ़ गया है। इसे रोकने की जरूरत भी है।


दो वर्षों में कितनी बार आसनसोल आए शत्रुघ्न सिन्हा
भाजपा के उम्मीदवार सुरेंद सिंह आहलूवालिया जो कि यही क्षेत्र में पले-बढ़े हैं, उनके चुनाव प्रचार में भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी पहुंचे। उन्होंने टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि आसनसोल में दो बार में कितनी बार शत्रुघ्न सिन्हा आए?  पटना साहिब से दो बार के भाजपा सांसद, सिन्हा 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले कांग्रेस में शामिल हो गए थे। 2022 में टीएमसी में चले गए।



 
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