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कहानी चुनाव की: भारत में होता है दुनिया का सबसे महंगा चुनाव, 10 लाख करोड़ खर्च करेंगे सभी राजनीतिक दल

Wed, 13 Mar 2024 06:27 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Wed, 13 Mar 2024 06:27 AM IST
सार

सुरसा के मुख की तरह दिनोंदिन बढ़ता जा रहा चुनावी खर्च पिछले चुनाव में 550 अरब रुपये तक पहुंच गया। पिछले पांच चुनावों की ही तुलना करें, तो यह खर्च पांच गुना से अधिक बढ़ चुका है। 1999 में करीब 100 करोड़ रुपये खर्च हुए थे।

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world most expensive election in India political parties will spend Rs 10 lakh crore lok sabha Election
Election Commission of India - फोटो : Social Media

विस्तार

चुनावों के दौरान राजनीतिक दल पानी की तरह पैसा बहाते हैं। पिछले लोकसभा चुनाव की तरह इस बार भी भारत का चुनाव दुनिया में सबसे महंगा होने वाला है। यदि ग्राम पंचायत से लेकर लोकसभा तक के चुनावों का एक बार का खर्च जोड़ दें, तो यह 10 लाख करोड़ रुपये को पार कर जाता है। कई बड़े राज्यों का बजट मिलाने पर भी इतनी रकम नहीं होती। सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज के मुताबिक, अगर सारे चुनाव एक हफ्ते में कराए जाएं और पार्टियां चुनावी अनुशासन का पालन करें, तो तीन से पांच लाख करोड़ रुपये तक की बचत हो सकती है। हालांकि, इसकी संभावना नहीं है। राव के मुताबिक 2024 के लोकसभा चुनाव में 1.20 लाख करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा उम्मीदवारों के प्रचार अभियान का होगा।

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विधानसभा चुनावों पर सर्वाधिक खर्च
देशभर में 4,500 विधानसभा सीटें हैं। इनका एक बार चुनाव कराने का खर्च तीन लाख करोड़ रुपये आता है। महानगरपालिका की कुल 500 सीटें हैं। इनके चुनाव पर एक लाख करोड़ रुपये खर्च आता है। जिला परिषद की 650, मंडल की 7,000 और ग्राम पंचायत की 2.5 लाख सीटों पर चुनाव में करीब 4.30 लाख करोड़ खर्च होते हैं।

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70 लाख रुपये तक खर्च की सीमा
लोकसभा चुनाव में एक उम्मीदवार 50 लाख से 70 लाख रुपये के बीच खर्च कर सकता है। हालांकि, यह इस बात पर निर्भर करता है कि वह किस राज्य से चुनाव लड़ रहा है। अरुणाचल प्रदेश, गोवा और सिक्किम (खर्च सीमा 54 लाख) को छोड़कर अन्य सभी राज्यों में एक प्रत्याशी प्रचार पर अधिकतम 70 लाख खर्च कर सकता है। दिल्ली के लिए यह सीमा 70 लाख और अन्य केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 54 लाख है। विधानसभा चुनाव के लिए अधिकतम खर्च सीमा 20 लाख से 28 लाख रुपये के बीच है।

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पिछले पांच चुनावों में पांच गुना तक बढ़ा चुनावी खर्च
सुरसा के मुख की तरह दिनोंदिन बढ़ता जा रहा चुनावी खर्च पिछले चुनाव में 550 अरब रुपये तक पहुंच गया। पिछले पांच चुनावों की ही तुलना करें, तो यह खर्च पांच गुना से अधिक बढ़ चुका है। 1999 में करीब 100 करोड़ रुपये खर्च हुए थे।

विस चुनाव में 1760 करोड़ की नकदी जब्त
वर्ष 2023 में 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों पर चुनाव आयोग की पेश रिपोर्ट के अनुसार के इस दौरान 1760 करोड़ रुपये से अधिक की जब्ती की गई है। यह रकम पिछली बार की जब्ती से 7 गुना ज्यादा है। तेलंगाना में सर्वाधिक 659.2 करोड़, राजस्थान में 650.7, मध्य प्रदेश में 323.7, छत्तीसगढ़ में 76.9 और मिजोरम में 49.6 करोड़ रुपये जब्त किए गए हैं।

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