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LS Elections  : सियासी लड़ाई में सूफियाना अंदाज...फरीदकोट की गलियों में सुरों की बहार, मुकाबिल हैं तीन कलाकार

Fri, 05 Apr 2024 06:24 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, फरीदकोट
अमर उजाला नेटवर्क, फरीदकोट Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 05 Apr 2024 06:24 AM IST
सार

भाजपा ने सूफी गायक हंसराज हंस को उम्मीदवार बनाया है, तो आम आदमी पार्टी ने उनसे मुकाबले के लिए गायक अभिनेता करमजीत अनमोल को टिकट दिया है। दिलचस्प तथ्य यह है कि कांग्रेस के मौजूदा सांसद मुहम्मद सद्दीक भी मशहूर लोकगायक हैं। हंसराज हंस उन्हें पिता समान मानते हैं और मिलने पर पैर छूते हैं। इस सियासी जंग में फरीदकोट की गलियों में सियासी सुर सजेंगे। रमन शुक्ला की प्रस्तुति...

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Sufi style in the political battle of Faridkot...the sound of music and entertainment in the streets
हंसराज हंस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हंसराज हंस : 15 साल से राजनीति में, इस बार गृह राज्य से मैदान में

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सूफी सरताज हंसराज हंस 15 साल से राजनीति में हैं। 2019 में उत्तरी पश्चिम दिल्ली से सांसद थे। इस बार गृह राज्य की सीट से जोर लगा रहे हैं। हंसराज हंस गायकी की दुनिया से 2009 में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के रास्ते सियासत में आए। लेकिन, जालंधर से चुनाव हार गए। वर्ष 2014 में उन्होंने शिअद छोड़ी और दो साल बाद कांग्रेस का हाथ थामा। लेकिन, कुछ ही समय बाद मोहभंग हुआ, तो भाजपा के साथ हो लिए। 2019 में उत्तर-पश्चिम दिल्ली से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे। पद्मश्री से सम्मानित हंसराज हंस ने दिल टोटे टोटे हो गया..., दिल चोरी साडा हो गया...और नाची जो साडे नाल... जैसे मशहूर पंजाबी गाने गाए हैं।

अनमोल छोटे भाई जैसा
हंसराज आप प्रत्याशी करमजीत अनमोल को शानदार कलाकार बताते हैं। कहते हैं, अनमोल छोटे भाई जैसा है। जहां मिलता है, पूरा आदर करता है। मैंने भी उसे कभी विरोधी नहीं माना। अब सियासी गलियारे में जब प्रतिद्वंद्वी की तरह दोनों कलाकार आमने-सामने होंगे, तब देखना होगा कि वे कौन सा सुर छेड़ते हैं।
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करमजीत अनमोल : गायकी और अदाकारी में झंडे गाड़े, अब सियासत की बारी
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी से संकट में फंसी आप की राजनीति को फरीदकोट में चमकाने का दारोमदार पंजाबी फिल्म जगत के हरफनमौला कलाकार करमजीत अनमोल पर है। अनमोल अभिनेता होने के साथ-साथ कॉमेडियन, गायक और फिल्म निर्माता भी हैं। कैरी ऑन जट्टा और लावान फेरे जैसी फिल्मों में काम कर चुके अनमोल ने कॉमेडी नाटकों में भी काम किया है। उन्होंने निक्का जैलदार और मुकलावा जैसी फिल्मों में भी अदाकारी के झंडे गाड़े हैं।
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जिसके पैर छुए, उसी से सामना
अनमोल सूफी गायक हंसराज हंस को अपना बड़ा भाई मानते हैं। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि सियासी मैदान में उतरते ही उनका सामना उस इन्सान से होगा, जिसका वे पैर छूते हैं। हालांकि अनमोल सियासी पारी का आगाज अपने ही अंदाज में करने को बेताब हैं। उन्हें उम्मीद है कि जिस तरह मनोरंजन जगत में नाम कमाया, सियासत में भी वैसी ही कामयाबी हासिल करेंगे।

मुहम्मद सद्दीक : कलाकारों की लड़ाई में फिर जीत के दावेदार
प्रसिद्ध लोकगायक और कांग्रेस सांसद मुहम्मद सद्दीक फरीदकोट से 2019 में पहली बार लोकसभा चुनाव लड़े और जीते। 40 साल तक गायकी में नाम कमाने के बाद सद्दीक ने 2012 में सियासी सफर शुरू किया। वह कांग्रेस से ही पंजाब के भदौर से 2012 व 2017 में विधायक रहे। अब फरीदकोट लोकसभा सीट से दोबारा विजय धुन छेड़ने को बेताब हैं। सद्दीक ने भारत जोड़ो यात्रा से जुड़ा गीत भी लॉन्च किया था। हालांकि अभी तक उनका नाम घोषित नहीं हुआ है।


लोकप्रिय गीत गाए
सद्दीक ने चार दशक में कई लोकप्रिय पंजाबी लोकगीत गाए हैं। उनके गाए अधिकतर गाने बाबू सिंह मान, इंदरजीत हसनपुरी और दीदार संधू ने लिखे हैं। 70 व 80 के दशक में कई पंजाबी गायिकाओं के साथ जोड़ी चर्चित थी। गायिका रंजीत कौर के साथ गाए गीतों ने उन्हें खास पहचान दिलाई।

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