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Ground Report: भगवान जगन्नाथ के प्रिय कमल और शंख में उलझे पुरी के मतदाता, संबित पात्रा-अरूप पटनायक का मुकाबला

Sat, 25 May 2024 05:00 AM IST
निर्मल कांत अनूप वाजपेयी, पुरी (ओडिशा)
अनूप वाजपेयी, पुरी (ओडिशा) Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 25 May 2024 05:00 AM IST
सार

Ground Report: बीजद ने पुरी से पूर्व आईपीएस अरूप पटनायक को उतारा है, जिन्हें पिछली बार भुवनेश्वर से मौका दिया था और पूर्व आईएएस अपराजिता सारंगी से हार गए थे। भाजपा को आस है कि पुरी में मात्र दस हजार वोटों की दूरी इस बार पूरी हो जाएगी।

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Odisha: Voters of Puri entangled in Lord Jagannath's favorite lotus, conch, Sambit Patra-Arup Patnaik contest
पुरी शहर, भाजपा नेता संबित पात्रा और अरुप पटनायक (फाइल) - फोटो : एएनआई/अमर उजाला

विस्तार

भगवान जगन्नाथ की नगरी पुरी के मतदाता इस बार भी दुविधा में हैं। भगवान जगन्नाथ का प्रिय शंख (बीजद) और कमल (भाजपा) के चुनाव निशान में उन्हें एक को चुनना होगा। वर्तमान में यहां से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता पिनाकी मिश्रा सांसद हैं, लेकिन इस बार जनता की अदालत में बीजद की पैरवी में नहीं उतरे हैं।

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बीजद ने पुरी से पूर्व आईपीएस अरूप पटनायक को उतारा है, जिन्हें पिछली बार भुवनेश्वर से मौका दिया था और पूर्व आईएएस अपराजिता सारंगी से हार गए थे। भाजपा को आस है कि पुरी में मात्र दस हजार वोटों की दूरी इस बार पूरी हो जाएगी। कांग्रेस ने पहले यहां से सुचरिता मोहंती को उम्मीदवार बनाया, लेकिन उन्होंने इस बार आर्थिक तौर पर मुकाबला न कर पाने और पार्टी से फंड न मिलने से चुनाव लड़ने से इन्कार कर दिया। जिसके बाद जयनारायण पटनायक को पार्टी का उम्मीदवार बनाना पड़ा।
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मतदान के ठीक पहले भाजपा उम्मीदवार संबित पात्रा का बयान पूरे पुरी में तैर रहा है। भगवान जगन्नाथ पीएम मोदी के भक्त हैं इस पर मचे घमासान के बावजदू कुछ लोग इसे जुबान का फिसलना ही मानते हैं। संबित के पश्चाताप के तौर पर तीन दिन का उपवास और माफी के बाद आम लोगों ने उन्हें माफ भी किया है, लेकिन बीजद के इसे मुददा बना देने से भाजपा की उलझन कम होती नहीं दिख रही है। पुरी में एक विज्ञापन में भाजपा के चुनाव चिह्न कमल के साथ भगवान जगन्नाथ की तस्वीर को लेकर अब आदर्श आचार संहिता के उल्लघंन का मामला उठ गया है। बीजद को लगता है कि भाजपा पुरी के लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ कर रही है। पुरी में भी प्रचार के नाम पर नरेंद्र मोदी के और नवीन पटनायक के बड़े-बड़े होर्डिंग्स दिखाई देते हैं। यहां के मतदाता पीएम मोदी की छवि और आकर्षण को लेकर खुलकर बात करते हैं, लेकिन सीएम नवीन पटनायक भी उनके लिए उतने ही बड़े नायक हैं।
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पुरी का चुनाव 2019 की तरह ही इस बार भी कांटे का दिख रहा है। 2019 में बीजद के पिनाकी मिश्रा को 5,38,000 वोट मिले थे, जबकि भाजपा के संबित पात्रा को 5,26,000 वोट मिले। भाजपा 2014 में तीसरे स्थान पर रही थी। कांग्रेस को टिकट वापस करने वाली पूर्व केंद्रीय मंत्री ब्रजमोहन मोहंती की पत्रकार बेटी सुचरिता मोहंती ने 2014 का चुनाव कांग्रेस के टिकट पर ही लड़ा और दूसरे स्थान पर रही थीं। उन्हें भाजपा से करीब 45,000 अधिक वोट मिले थे। 2009 में भी भाजपा तीसरे स्थान पर थी, हांलाकि तब भी उसे दो लाख से अधिक वोट मिले थे। कांग्रेस को सवा दो लाख वोट मिले थे। 2019 में सुचरिता की जगह कांग्रेस ने पत्रकार सत्यप्रकाश नारायण को मैदान में उतारा, लेकिन कांग्रेस का वोट शेयर 2014 से 2019 में 25 प्रतिशत से घटकर 3.94 रह गया।

रोचक मोड़ पर चुनाव
पुरी में चुनाव रोचक मोड़ पर आ गया है। बीजद लगातार छह चुनाव में यहां जीतती रही है। उसे लगता है कि नवीन पटनायक का नाम और तैयार जमीन पर अरूप पटनायक जीत दर्ज करेंगे। बीजद को कांग्रेस के भीतर विधानसभा चुनावों में टिकट को लेकर उठे सवाल और पिछले दो लोकसभा चुनाव में कमजोर दिखने का लाभ मिल सकता है। भाजपा उम्मीदवार संबित पात्रा ने मामूली अंतर से हार के बाद भी पुरी को छोड़ा नहीं था।

पुरी के लोगों का कहना है कि चुनाव हारने के बावजूद संबित स्थानीय लोगों के लिए उपलब्ध रहे और बीते पांच वर्षों में तैयारी करते रहे। पुरी के मतदाता 25 मई को वोट डालेंगे और 4 जून को नतीजे आने के बाद ही स्पष्ट होगा भगवान जगन्नाथ के प्रिय शंख और कमल में उन्हें अधिक प्रिय क्या लगा।

बीजद का गढ़ रही है यह सीट

  • पुरी लोकसभा सीट बीजद का गढ़ रही है। 1952 में पहली बार कांग्रेस ने जीत दर्ज की। कांग्रेस ने इस सीट पर छह बार जीत दर्ज की है।
  • बीजद के मौजूदा सांसद पिनाकी 2009, 2014 में भी जीते। 1996 में कांग्रेस के टिकट पर सांसद बने। 1991 में जनता दल से जीतने वाले ब्रज किशोर त्रिपाठी 1998, 1999 व 2004 में बीजद से जीते।

 

  • पिनाकी मिश्रा के इन्कार के बाद बीजद ने अपने जिताऊ उम्मीदवार की जगह भुवनेश्वर से पराजित अरूप पटनायक को उम्मीदवार बनाया है। 2019 में साथ हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे भी बीजद के पक्ष में रहे हैं। यहां की सात में पांच सीट बीजद और दो भाजपा के पास है।

पिछले दो चुनाव परिणाम
2019
उम्मीदवार                 दल         मत%
पिनाकी मिश्र            बीजद       47.38
संबित पात्रा             भाजपा      46.35

2014
पिनाकी मिश्र            बीजद      50.33
सुचरिता मोहंती        कांग्रेस      24.99

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