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Hindi News ›   Election ›   Lok Sabha Elections: Low voting in Rajasthan increases concern, BJP will convince NOTA people

Lok Sabha Elections: राजस्थान में कम मतदान ने बढ़ाई चिंता, नोटा वालों को मनाएगी भाजपा

Sun, 21 Apr 2024 06:33 AM IST
निर्मल कांत अनूप वाजपेयी, जोधपुर।
अनूप वाजपेयी, जोधपुर। Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 21 Apr 2024 06:33 AM IST
सार

लोकसभा की दृष्टि से भाजपा के अहम राज्यों में शामिल राजस्थान जहां पार्टी शत प्रतिशत सफलता की उम्मीद लगाए है वहां दबी जुबान नेता भी कम मतदान को स्ट्रेस बढ़ाने वाला बता रहे हैं। भाजपा ने जिन सीटों पर रिकार्ड और अधिक अंतर से जीत का तानाबुना था वहां मार्जिन कम होने की बात सामने आ रही है।

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Lok Sabha Elections: Low voting in Rajasthan increases concern, BJP will convince NOTA people
राजस्थान में मतदान करती महिला। - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

राजस्थान में पहले चरण की 12 सीटों पर हुए कम मतदान ने भाजपा रणनीतिकारों की बेचैनी बढ़ा दी है। खासकर राज्य की हॉटसीट मानी जा रही जोधपुर, बाड़मेर, पाली-जालौर, कोटा व भीलवाड़ा में जमीनी हलचल तेज हो गई है। भाजपा ने नई रणनीति के तहत इन सीटों पर नोटा को बटन दबाने वाले अपनों को मनाने की रणनीति भी बनाई है। बीते दो चुनाव में राजस्थान में नोटा का बटन दबाने वाले मतदाताओं की संख्या 12 हजार से 20 हजार तक रही है। नोटा को चुनने वालों के लिए ये माना जाता है कि उनकी सत्ताधारी दल से तो नाराजगी है, लेकिन विपक्ष को भी पसंद नहीं करते और इस विकल्प को चुनते हैं।

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आरएसएस के साथ बैठकें...
भाजपा में मंडल और बूथ स्तर पर बैठकों का दौर शुरू होने के साथ स्थानीय स्तर पर संघ परिवार के पदाधिकारियों से भी चर्चा और सलाह ली जा रही है। लोकसभा की दृष्टि से भाजपा के अहम राज्यों में शामिल राजस्थान जहां पार्टी शत प्रतिशत सफलता की उम्मीद लगाए है वहां दबी जुबान नेता भी कम मतदान को स्ट्रेस बढ़ाने वाला बता रहे हैं। भाजपा ने जिन सीटों पर रिकार्ड और अधिक अंतर से जीत का तानाबुना था वहां मार्जिन कम होने की बात सामने आ रही है। राज्य की जिन 13 सीटों पर 26 अप्रैल को वोट पड़ने हैं वहां पहले चरण के मतदान होने के बाद ही अतिरिक्त सतर्कता रखने के साथ रणनीति में बदलाव किया गया है।
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इन सीटों पर यह रही है स्थिति
जिन सीटों पर दूसरे चरण में मतदान होना है उनमें पाली-जालौर सीट पर 2014 में 17,703 और 2019 में 15,180 लोगों ने नोटा का बटन दबाया था। इसी प्रकार बाड़मेर में 2014 में 15,889 और 2019 में 18,996 मतदाताओं ने किसी को भी नहीं चुना था। जोधपुर लोकसभा क्षेत्र में 2014 में 15,085 और 2019 में 11,688 लोगों का किसी भी उम्मीदवार पर विश्वास नहीं जमा। कोटा में 2014 को 12,760 और 2019 में 12,589 लोग नोटा का बटन दबाकर आए थे।
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उम्मीदवारों में लापरवाही...
राज्य के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि मोदी की गारंटी और पार्टी के सिंबल के दम पर जीत सुनिश्चित मान रहे कुछ उम्मीदवार लापरवाह दिख रहे थे उन्हें सक्रियता बढ़ाने और अधिक से अधिक मतदाताओं तक पहुंचने को कहा गया है। उनका कहना है कि पहले चरण में मतदान कम होने से करीब छह सीटों पर कांटे की टक्कर दिख रही है। पिछले चुनाव की तुलना में करीब 6% मत कम पड़े हैं। हालांकि, उनका कहना है कि घटे मतदान प्रतिशत ने चिंता जरूर बढ़ाई है लेकिन कहीं न कहीं आगाह भी किया है इसकी भरपाई करेंगे। आने वाले चार दिनों में हमारा पूरा फोकस मतदान प्रतिशत बढ़ाने का ही रहेगा।

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