Sangeeta Kumari Singh Deo: बोलंगीर में राजघराने की बहू पर BJP ने फिर जताया भरोसा, सदन में पूछे 502 सवाल
2022 के बजट सत्र में 67 फीसदी को छोड़ दें तो शेष चार में उनकी उपस्थिति 80 फीसदी से अधिक थी। भाजपा ने उनके ए प्लस प्रदर्शन को मान देते हुए फिर से चुनाव मैदान में उतारा है। संगीता कुमारी सिंह देव ओडिशा के पूर्व पटनागढ़-बलांगीर राजपरिवार की सदस्य हैं।
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ओडिशा के बोलंगीर से मौजूदा सांसद के ए प्लस ग्रेड के रिपोर्टकार्ड के चलते भाजपा ने राजघराने की बहु संगीता कुमारी सिंह देव पर फिर भरोसा दिखाया है। आंकड़ों के मुताबिक निवर्तमान लोकसभा में संगीता की सदन में उपस्थिति 92 फीसदी रही। संगीता ने पांच वर्षों में 502 सवाल पूछे और 49 बहसों में भागीदारी की। सदन के कुल 15 सत्रों में पांच में 100 फीसदी यानी हर बैठक में संगीता बोलंगीर का प्रतिनिधित्व कर रहीं थीं। इसके अलावा पांच सत्रों में हाजिरी 90 फीसदी से अधिक थी।
2022 के बजट सत्र में 67 फीसदी को छोड़ दें तो शेष चार में उनकी उपस्थिति 80 फीसदी से अधिक थी। भाजपा ने उनके ए प्लस प्रदर्शन को मान देते हुए फिर से चुनाव मैदान में उतारा है। संगीता कुमारी सिंह देव ओडिशा के पूर्व पटनागढ़-बलांगीर राजपरिवार की सदस्य हैं। संगीता कुमारी का जन्म 3 दिसंबर 1961 को हुआ था। उनके पैतृक परिवार के पास पांच गांव की संपत्ति थी। पिता अमर सिंह सबसे छोटे थे, जिसके चलते उन्हें विरासत में बहुत कम संपत्ति मिली। उन्होंने सरकारी सेवा को चुना और प्रतिष्ठित आईपीएस अधिकारी के रूप में सेवा दी।
चार बार सांसद
संगीता कुमारी 1998, 1999, 2004 और 2019 में बोलंगीर से सांसद रहीं। 2009 व 2014 में वह अपने ही राजघराने के सदस्य व बीजद नेता कलकेश सिंह देव से पराजित हुई थीं। पिछले चुनाव में संगीता कुमारी 4,98,086 वोट हासिल कर जीती थीं। बीजद प्रत्याशी कलकेश सिंह देव 4,78,570 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे। सिर्फ 19,516 वोटों से जीत के बावजूद भाजपा ने उन पर फिर से भरोसा जताया है।
राजस्थान के राजपूत परिवार से राजघराने की बहू तक
राजस्थान के छोटे राजपूत कुलीन परिवार में जन्मी संगीता मध्यवर्गीय परिवेश में पली-बढ़ीं। दिल्ली विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक किया। अक्तूबर, 1985 में संगीता की शादी कनकवर्धन सिंह देव से हुई, जो ओडिशा में स्थित एक पूर्व रियासत, पटनागढ़-बोलनगीर के पूर्व महाराजा के बेटे और उत्तराधिकारी थे। उनकी इकलौती बेटी निवृत्ति का विवाह जनवरी, 2014 में अरविंद सिंह मेवाड़ के इकलौते बेटे और उत्तराधिकारी लक्ष्यराज सिंह से हुआ।
महिलाओं के काम के घंटों जैसे मुद्दों पर मुखर
संगीता कुमारी संसद के अंदर सामाजिक मुद्दों को लेकर मुखर रही हैं। इनमें एक बेटी वाले परिवारों में बच्ची के कल्याण की नीति, आशा वर्कर के वेतन में बढ़ोतरी, महिलाओं के काम करने के घंटों जैसे मुद्दों पर उन्होंने जमकर अपना पक्ष रखा। इसके अलावा चंद्रयान-3, अयोध्या में गेस्ट हाउस निर्माण, बौद्ध सर्किट और स्वदेश दर्शन योजना जैसे विषयों पर भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।