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Election 2024: लोकसभा चुनाव से पहले दल-बदल तेज, पूर्व सीएम अशोक चव्हाण से लेकर विजेंदर सिंह ने बदली पार्टी

Thu, 04 Apr 2024 01:08 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Thu, 04 Apr 2024 01:08 PM IST
सार

लोकसभा चुनाव को देखते हुए कई नेताओं ने अपनी राजनीतिक निष्ठा बदली है। पार्टी बदलने के पीछे विभिन्न कारण हैं, जिनमें से कुछ टिकट न मिलने से नाराज थे, तो कुछ अपने राजनीतिक भविष्य के चलते पुरानी पार्टी छोड़कर नई पार्टी में शामिल हो गए। तो आइए जानते हैं कि हाल के समय में किन-किन नेताओं ने पार्टियां बदली हैं। 

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lok sabha election 2024 defect leaders name ashok chavan to vijendra sigh who change political parties general
हाल के समय में दल बदलने वाले नेता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देश में चुनावी माहौल चरम पर है और जैसे ही चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे ही नेताओं की दल-बदल की घटनाएं भी बढ़ गई हैं। आम चुनाव की आहट के साथ ही कई नेता विभिन्न कारणों से अपने ठिकाने बदल रहे हैं। यह फेहरिस्त काफी लंबी है, लेकिन इस फेहरिस्त में कई नाम चौंकाने वाले हैं। तो आइए जानते हैं कि हाल के समय में किन-किन नेताओं ने दल-बदल किया है। 
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अशोक चव्हाण
महाराष्ट्र कांग्रेस को बड़ा झटका देते हुए राज्य के पूर्व सीएम अशोक चव्हाण ने बीते दिनों भाजपा की सदस्यता ले ली थी। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि अशोक चव्हाण राज्य ईकाई का अध्यक्ष बनना चाहते थे, लेकिन पार्टी इसके लिए तैयार नहीं थी। ऐसे में माना जा रहा है कि अशोक चव्हाण ने कांग्रेस का दामन छोड़कर भाजपा के साथ अपनी राजनीतिक पारी को बढ़ाने का फैसला लिया। 
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मिलिंद देवड़ा
महाराष्ट्र कांग्रेस के ही अन्य वरिष्ठ नेता मिलिंद देवड़ा ने भी बीते दिनों कांग्रेस के साथ अपना कई दशक पुराना नाता तोड़कर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना की सदस्यता हासिल कर ली थी। मिलिंद देवड़ा का पार्टी बदलना इसलिए भी चौंकाने वाला रहा क्योंकि उन्हें राहुल गांधी का करीबी माना जाता था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मिलिंद देवड़ा मुंबई दक्षिण लोकसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं और माना जा रहा हैं, लेकिन गठबंधन के तहत कांग्रेस यह सीट उद्धव ठाकरे की शिवसेना को दे सकती है। ऐसे में माना जा रहा है कि इसी वजह से मिलिंद देवड़ा ने कांग्रेस छोड़कर एकनाथ शिंदे की शिवसेना का दामन थाम लिया। 
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सीता सोरेन
झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रमुख शिबु सोरेन की बड़ी बहू सीता सोरेन ने बीते दिनों भाजपा की सदस्यता हासिल कर ली थी। सीता सोरेन ने भाजपा में शामिल होने से कुछ घंटे पहले ही झामुमो छोड़ने का एलान किया था। सीता सोरेन को पार्टी में शामिल करके भाजपा ने झारखंड में सत्ताधारी झामुमो को बड़ा झटका दिया है। 

ज्योति मिर्धा
पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा ने भी बीते दिनों कांग्रेस छोड़कर भाजपा की सदस्या हासिल की थी। ज्योति मिर्धा अब भाजपा के टिकट पर नागौर लोकसभा सीट से उम्मीदवार हैं। पेशे से चिकित्सक डॉ. ज्योति मिर्धा ने साल 2009 में भी नागौर से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था, जिसमें उनके लिए प्रचार करने सोनिया गांधी भी आईं थी। 2009 के चुनाव में ज्योति मिर्धा ने डेढ़ लाख से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की थी। ज्योति मिर्धा जाट नेता हैं और उनके दादा नाथूराम मिर्धा भी बड़े नेता रहे हैं। 

राहुल कासवां
राहुल कासवां ने पिछला लोकसभा चुनाव भाजपा के टिकट पर जीता था, लेकिन बीते मार्च में उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता ले ली और अब वह राजस्थान की चुरू लोकसभा सीट पर कांग्रेस के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं। भाजपा ने राहुल कासवां का टिकट काट दिया था और उनकी जगह चुरू से पैरालंपियन देवेंद्र झाझरिया को टिकट दिया है। 

विजेंदर सिंह
अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज विजेंदर सिंह भी 3 अप्रैल को कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा महासचिव विनोद तावड़े ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। विजेंदर सिंह ने 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले राजनीति में कदम रखा और कांग्रेस के टिकट पर दक्षिणी दिल्ली से चुनाव लड़ा, लेकिन वे भाजपा के रमेश बिधूड़ी के सामने चुनाव हार गए। विजेंदर हरियाणा के भिवानी के रहने वाले हैं और जाट समुदाय से आते हैं। ऐसे में भाजपा को हरियाणा और पश्चिमी यूपी की जाट बहुल सीटों पर फायदा मिल सकता है। 

रितेश पांडे
अंबेडकरनगर सीट से सांसद रितेश पांडे ने भी हाल ही में बसपा छोड़कर भाजपा की सदस्यता ली है। रितेश पांडे ने आरोप लगाया कि बसपा में उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा था। 

सुशील कुमार रिंकू
जालंधर लोकसभा सीट से सांसद सुशील कुमार रिंकू ने भी हाल ही में भाजपा का दामन थाम लिया। रिंकू आम आदमी पार्टी से सांसद थे और अब वह भाजपा के कमल को थाम चुके हैं। 

रवनीत सिंह बिट्टू
लुधियाना से सांसद रवनीत सिंह बिट्टू भी कांग्रेस छोड़कर बीते दिनों भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा में शामिल होते हुए रवनीत सिंह बिट्टू को भाजपा ने लुधियाना से अपना उम्मीदवार बनाने का एलान कर दिया। 

परनीत कौर
चार बार की सांसद और पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी परनीत कौर भी हाल ही में भाजपा में शामिल हो गईं। कैप्टन अमरिंदर सिंह पहले ही भाजपा में हैं और परनीत कौर के भी भाजपा में आने की चर्चाएं थीं, जो बीते दिनों सच साबित हुईं। परनीत कौर को कांग्रेस से पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में निष्कासित कर दिया गया था। जिसके बाद परनीत कौर ने आखिरकार भाजपा का दामन थाम लिया। 


सुरेश पचौरी और संजय शुक्ला
मध्य प्रदेश कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे सुरेश पचौरी भी कांग्रेस से करीब 50 वर्षों का नाता तोड़कर बीते दिनों भाजपा में शामिल हो गए। मध्य प्रदेश कांग्रेस के ही एक अन्य नेता संजय शुक्ला भी भाजपा के खेमे में आ गए हैं। 
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