Sikkim Election 2024: सिक्किम में एसकेएम की सुनामी में सब बहे, पूर्व सीएम चामलिंग दोनों सीटों से हारे
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
विस्तार
देश में लोकसभा चुनावों के साथ चार राज्यों में विधानसभा के चुनाव भी कराए गए। 32 सदस्यीय सिक्किम विधानसभा के लिए 19 अप्रैल को मतदान कराया गया था। चुनाव नतीजे सामने आ गए हैं। राज्य की 32 सीटों पर कुल 146 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे। सिक्किम के चुनाव नतीजों में लोगों की नजरें दिग्गजों की सीटों पर थी, जिनमें मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व फुटबॉल कप्तान भूटिया शामिल थे। इसके अलावा मुख्यमंत्री की पत्नी से लेकर पूर्व अभिनेत्री, आईएएस अधिकारी तक की किस्मत का भी फैसला हो गया है। सिक्कम के नतीजों में सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम) को बहुमत मिला है। यहां चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार, एसकेएम 31 सीटों पर आगे रही। सिक्किम विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 32 सीटों में से 17 का है। इससे साफ है कि राज्य में एक बार फिर एसकेएम की सरकार बनेगी।
इन सीटों पर सीएम तमांग का दबदबा
सिक्किम के चुनाव में सोरेंग-चाकुंग और रेनॉक सबसे चर्चित सीटें थीं। इन दोनों सीटों से खुद मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग चुनाव मैदान में थे। उन्होंने दोनों ही सीटों पर जीत दर्ज कर ली है। तमांग ने सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) के सोमनाथ पौडयाल को 7,044 मत से हराकर रविवार को रेनॉक विधानसभा सीट जीत ली। वहीं, 7397 के अंतर से सोरेंग-चाकुंग में भी जीत दर्ज की।
पूर्व सीएम को देखना पड़ी हार
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग दोनों विधानसभा सीट -पोकलोक-कामरांग और नामचेयबुंग से हार गए। इसके अलावा, भारत के पूर्व फुटबॉल कप्तान बाईचुंग भूटिया नामची जिले की बारफुंग सीट से हार गए। भूटिया के एसकेएम से रिक्शल धोरजी भूटिया ने 4346 वोट से हराया।
सीएम की पत्नी भी जीतीं
पूर्व सीएम चामलिंग के सामने अन्य प्रमुख चेहरे भाजपा से पूर्व अभिनेत्री पूजा शर्मा थीं। वह नामचेयबुंग सीट पर चौथे नंबर पर रहीं। उन्हें मात्र 374 वोट मिले। इसके अलावा नामची-सिंघीथांग सीट का मुकाबला भी दिलचस्प रहा। यहां मुख्यमंत्री तमांग की पत्नी कृष्णा कुमारी राय ने जीत हासिल की।
आइए जानते हैं सिक्किम विधानसभा चुनाव की हॉट सीटों के बारे में...
प्रेम सिंह तमांग: सिक्किम के चुनाव में सोरेंग-चाकुंग और रेनॉक सबसे चर्चित सीटों में हैं। इन दोनों सीटों से खुद मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग चुनाव मैदान में थे। दोनों ही सीटों से सीएम चुनाव जीत गए हैं। सोरेंग-चाकुंग में सीएम के सामने भाजपा से तमांग पूरन सिंह सुब्बा और सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) एडी सुब्बा थे। 2019 में यहां सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम) के आदित्य गोले तमांग ने चुनाव जीता था। मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रेम सिंह तमांग ने पोकलोक-कामरांग विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ा था।
एक अन्य चर्चित सीट रेनॉक भी जहां से मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग को बड़ी जीत मिली है। रेनॉक विधानसभा सीट में बहुकोणीय मुकाबला था। यहां सीएम के पुराने मंत्री सहयोगी सोम नाथ पौड्याल (एसडीएफ) प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों में से एक थे। मैदान में अन्य उम्मीदवार कांग्रेस से कपिल प्रसाद सपकोटा और भाजपा से प्रेम छेत्री थे। पिछले विधानसभा चुनाव में रेनॉक में एसकेएम के बिष्णु कुमार शर्मा को जीत मिली थी।
पवन कुमार चामलिंग: सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग को हार का सामना करना पड़ा। चामलिंग विधायक के रूप में रिकॉर्ड नौवीं बार चुनाव लड़ रहे थे। वह इस बार दो विधानसभा सीटों- नामची जिले की पोकलोक-कामरांग और गंगटोक जिले की नामचेयबुंग सीट से चुनाव लड़ रहे थे।
नामचेयबुंग सीट पर मुकाबला चतुष्कोणीय था, जहां प्रमुख प्रमुख चेहरा एसकेएम से राजू बसनेट थे। बसनेट पूर्व नौकरशाह हैं जिन्होंने सरकारी सेवा में 33 वर्ष बिताने के बाद मार्च 2024 में सचिव स्तर के अधिकारी के रूप में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी। चामलिंग के सामने अन्य प्रमुख चेहरे भाजपा से पूजा शर्मा और सिटीजन एक्शन पार्टी-सिक्किम से सेवरिन राय थीं। चामलिंग के खिलाफ उतरीं पूर्व अभिनेत्री पूजा एसकेएम की महिला मोर्चा की प्रदेश महासचिव रह चुकी हैं। वह विधानसभा चुनाव से पहले ही भाजपा में शामिल हुई थीं। 2019 में नामचेयबुंग सीट पर एसडीएफ के प्रसाद शर्मा को सफलता मिली थी।
पोकलोक-कामरांग विधानसभा सीट से भी चामलिंग ने नामांकन किया था। यहां भी चतुष्कोणीय मुकाबले था। पूर्व मुख्यमंत्री चामलिंग के खिलाफ एसकेएम के भोजराज राय दूसरे मुख्य उम्मीदवार थे। इसके अलावा भाजपा ने पार्टी महासचिव अर्जुन राय जबकि सीएपी-सिक्किम ने संजू राय को उतारा था। पिछले चुनाव में पोकलोक-कामरांग सीट से एसडीएफ के पवन चामलिंग जीते थे। हालांकि, नामची-सिंघीथांग सीट से चुने जाने के कारण उन्होंने पोकलोक-कामरांग सीट छोड़ दी थी।
बाईचुंग भूटिया: सिक्किम चुनाव के चर्चित चेहरों में भारत के पूर्व फुटबॉल कप्तान बाईचुंग भूटिया भी हैं। एसडीएफ के उपाध्यक्ष भूटिया नामची जिले की बारफुंग सीट से अपनी किस्मत आजमा रहे थे। हालांकि, उन्हें यहां हार का सामना करना पड़ा। बारफुंग में मुकाबला चतुष्कोणीय था और बाईचुंग भूटिया को एसकेएम के आरडी भूटिया से प्रमुख चुनौती मिल रही थी। इसके अलावा भाजपा से ताशी दादुल भूटिया और सीएपी-सिक्किम ने दादुल लेपचा अन्य प्रमुख उम्मीदवार थे। 2019 में बारफुंग सीट पर एसडीएफ के ताशी तेन्दुप भूटिया ने जीत अर्जित की थी।
कृष्णा कुमारी राय: नामची-सिंघीथांग सीट का मुकाबला भी दिलचस्प रहा। यहां मुख्यमंत्री तमांग की पत्नी कृष्णा कुमारी राय चुनाव मैदान में थीं। यहां से उन्हें बड़ी जीत हासिल हुई है। सीएम की पत्नी के सामने प्रुमख चेहरा एसडीएफ से बिमल राय था। इसके अलावा भाजपा ने अरुणा मंगेर और सीएपी-सिक्किम ने महेश राय पर दांव खेला था। पिछले चुनाव में पोकलोक-कामरांग के साथ-साथ नामची-सिंघीथांग सीट से भी एसडीएफ के पवन चामलिंग जीते थे।