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Hindi News ›   Election ›   Congress Leader Sanjay Nirupam Conunterattack After Expelled From Party Over Anti Party Statement

Sanjay Nirupam: 'इस्तीफे के बाद निष्कासन, बेवजह ए-4 साइज पेपर बर्बाद किया', कांग्रेस पर संजय निरुपम का पलटवार

Thu, 04 Apr 2024 09:10 AM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Thu, 04 Apr 2024 09:10 AM IST
सार

संजय निरुपम मुंबई उत्तर पश्चिम लोकसभा क्षेत्र से टिकट की उम्मीद लगाए बैठे थे। हालांकि, आगामी संसदीय चुनावों के लिए शिवसेना (यूबीटी) ने इस सीट से अपने उम्मीदवार का एलान कर दिया था।

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Congress Leader Sanjay Nirupam Conunterattack After Expelled From Party Over Anti Party Statement
Sanjay Nirupam - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

पूर्व सांसद संजय निरुपम ने गुरुवार को पार्टी से निकाले जाने को लेकर कांग्रेस नेतृत्व पर कटाक्ष किया। उन्होंने दावा किया कि पार्टी ने ऐसा उनकी ओर से अपना इस्तीफा भेजने के बाद किया गया। पार्टी को कार्रवाई के लिए ए-4 साइज का पेपर बर्बाद करने की जरूरत नहीं थी। इससे पहले अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी बयानों की शिकायतों के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार देर शाम निरुपम को तत्काल प्रभाव से छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित करने का फैसला किया था।

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इसके बाद गुरुवार सुबह मुंबई कांग्रेस के पूर्व प्रमुख निरुपम ने एक्स पर कहा, 'ऐसा लगता है कि कल रात मेरा इस्तीफा पत्र मिलने के तुरंत बाद उन्होंने मेरा निष्कासन जारी करने का फैसला किया। ऐसी तत्परता देखकर अच्छा लगा। इससे पहले खरगे को लिखे पत्र में निरुपम ने कहा था कि मैंने आखिरकार आपकी बहुप्रतीक्षित इच्छा को पूरा करने का फैसला किया है। मैं एलान करता हूं कि मैं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं।
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संजय निरुपम ने प्रेस कॉन्फ्रेस कर कांग्रेस को घेरा
संजय निरुपम ने प्रेस कॉन्फ्रेस कर कांग्रेस आलाकमान पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मैंने कल एक घोषणा की और लगभग 10:40 बजे मल्लिकार्जुन खरगे को अपना इस्तीफा भेज दिया। कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से बिखरी हुई पार्टी है और पार्टी के नेताओं ने भी कहा है कि इसकी विचारधारा दिशाहीन है।  उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस पार्टी में एक पावर सेंटर हुआ करता था, लेकिन इस समय कांग्रेस पार्टी में पांच पावर सेंटर हैं और पांचों की अपनी लॉबी है जो आपस में टकराती रहती है। इन पांचों सेंटर में सबसे पहले सोनिया गांधी हैं, दूसरे सेंटर में राहुल गांधी, तीसरे में प्रियंका गांधी, चौथे में अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और आखिरी में कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल हैं। यह सब अपने प्रकार से राजनीति कर रहे हैं।

बताया जा रहा है कि संजय निरुपम मुंबई उत्तर पश्चिम लोकसभा क्षेत्र से टिकट की उम्मीद लगाए बैठे थे। हालांकि, आगामी संसदीय चुनावों के लिए शिवसेना (यूबीटी) ने इस सीट से अपने उम्मीदवार का एलान कर दिया था। इसके बाद निरुपम ने महा विकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन की सीट-बंटवारे की बातचीत के दौरान मुंबई की सीटें उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी को देने के लिए महाराष्ट्र कांग्रेस नेतृत्व की आलोचना शुरू कर दी। इस पर बुधवार को कांग्रेस ने स्टार प्रचारकों की सूची से निरुपम का नाम हटा दिया।

इसके बाद निरुपम ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रही है, इसलिए उसे खुद को बचाने के लिए स्टेशनरी और ऊर्जा का उपयोग करना चाहिए। मुंबई उत्तर से पूर्व सांसद ने यह भी कहा था कि कांग्रेस नेतृत्व को शिवसेना (यूबीटी) द्वारा खुद को कमजोर नहीं होने देना चाहिए।

सीट बंटवारे के मुद्दे पर क्या बोले थे निरूपम?
मुंबई उत्तर से पूर्व सांसद निरुपम ने उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) द्वारा मुंबई की छह लोकसभा सीटों में से चार पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा के बाद बयान दिया था। निरुपम ने कहा था कि कांग्रेस नेतृत्व को खुद को शिवसेना (यूबीटी) के सामने झुकने की इजाजत नहीं देनी चाहिए। संजय निरुपम ने शिवसेना की सूची पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा था 'वे मुंबई में पांच सीटों पर चुनाव लड़ना चाहते हैं और एक दान के रूप में कांग्रेस के लिए छोड़ देंगे। यह निर्णय मुंबई में कांग्रेस को खत्म करने के लिए है। मैं इस निर्णय की निंदा करता हूं।'



निरुपम ने कहा कि ठाकरे ने एकतरफा उम्मीदवारों की घोषणा करके गठबंधन धर्म का पालन नहीं किया। कांग्रेस नेता ने मुंबई उत्तर पश्चिम सीट से अमोल कीर्तिकर को प्रत्याशी बनाए जाने का भी विरोध किया। अमोल खिचड़ी ठेका घोटाले में आरोपी हैं और इसके लिए ईडी द्वारा उनकी जांच की जा रही है।

निरुपम के बारे में जानिए
पूर्व शिवसैनिक निरुपम ने 2005 में शिवसेना छोड़ दी। उन्होंने उत्तर भारतीय फेरीवालों का मुद्दा उठाया और बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए। 2009 में उन्होंने मुंबई उत्तर सीट से चुनाव लड़ा और जीते। निरुपम 2014 में उसी निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के गोपाल शेट्टी के खिलाफ चुनाव हार गए थे।

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