World Chess Day: शतरंज का सबसे लंबा मैच कितने दिन चला, कौन जीता? अक्सर परीक्षा में पूछ लिया जाता है ये प्रश्न
World Chess Day 2025: क्या आप जानते हैं कि शतरंज का सबसे लंबा मैच चार दिनों तक चला था? यह मैच आज से तकरीबन 36 साल पहले खेला गया था। अक्सर ऐसे प्रश्न प्रतियोगी परीक्षा में पूछ लिए जाते हैं। ऐसे में एक एस्पिरेंट होने के नाते आपकों इन सवालों के जवाब पता होने चाहिए।
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Chess Day 2025: विश्व शतरंज दिवस हर साल 20 जुलाई को मनाया जाता है। शतरंज रणनीति और बौद्धिक कौशल से जुड़ा खेल है और पूरी दुनिया में लोकप्रिय है। मेंटल हेल्थ के लिए इस खेल को काफी अच्छा माना जाता है। आमतौर पर शतरंज का एक मैच एक दिन में समाप्त हो जाता है। हालांकि, कभी-कभी इसमें ज्यादा समय भी लग जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस खेल का सबसे लंबा मैच चार दिनों तक चला था...?
आइए जानते हैं कि ये मैच किन लोगों के बीच हुआ था और मैच का परिणाम क्या रहा था। इसके साथ ही शतरंज से जुड़ी कई और ज्ञानवर्धक बातें जानेंगे...
चार दिनों तक चला शतरंज का सबसे लम्बा गेम, परिणाम रहा ड्रॉ
चेस के रिकॉर्ड पर सबसे लंबा शतरंज का खेल 1989 में फिलीपींस में विश्व जूनियर शतरंज चैंपियनशिप के दौरान खेला गया था। ऐसा बहुत कम होता है जब शतरंज का खेल चार दिनों तक चला हो। यह मैच यूगोस्लाविया के इवान निकोलिक और सर्बिया के गोरान आर्सोविक के बीच खेला गया था। यह खेल चार दिनों में 269 चालों तक चला, जिसमें कुल 20 घन्टे लगे थे लेकिन मैच के दौरान कई बार ब्रेक्स लिए गए जिससे यह गेम चार दिनों तक चला।
269 चालों और चार दिनों के खेल तक चला। पचास चालों के नियम के कारण यह मैच ड्रॉ के साथ समाप्त हुआ। आइए अब जानते हैं कि ये पचास चालों का नियम क्या होता है।
50-move Rule in Chess: 50 शतरंज में पचास चालों का नियम क्या होता है?
पचास चालों के नियम के अनुसार, यदि पिछले पचास चालों में कोई भी मोहरा नहीं मरता है, तो खेल को ड्रॉ घोषित कर दिया जाता है। इसे 50-मूव रूल भी कहते हैं।
चेस बोर्ड में कुल कितने खाने होते हैं?
चेस बोर्ड के ऊपर कुल 64 खाने या वर्ग होते है, जिसमें 32 काले रंग ओर 32 सफेद रंग के होते है। प्रत्येक खिलाड़ी के पास एक राजा, वजीर, दो ऊंट, दो घोडे, दो हाथी और आठ प्यादे होते है।
शतरंज के सबसे कम उम्र के विश्व चैंपियन कौन हैं?
यह हर भारतीय के लिए गर्व की बात है कि शतरंज खेल का विश्व चैंपियन वर्तमान में एक भारतीय है। डी गुकेश (D Gukesh Grandmaster) वर्तमान में शतरंज के विश्व चैंपियन हैं। वह सबसे कम उम्र के शतरंज विश्व चैंपियन भी हैं। गुकेश ने तत्कालीन ग्रैंडमास्टर चीन के डिंग लिरेन को हराकर सबसे कम उम्र के शतरंज विश्व चैंपियन का खिताब हासिल किया था।
विश्व शतरंज दिवस का इतिहास (World Chess Day History)
साल 1924 में फ्रांस के पेरिस में आयोजित आठवें समर ओलंपिक खेलों में 20 जुलाई को विश्व शतरंज फाउंडेशन (FIED) की स्थापना की गई थी। यूनेस्को की ओर से एफआईइडी की स्थापना के सम्मान में 20 जुलाई को विश्व शतरंज दिवस मनाने का प्रस्ताव रखे जाने के बाद 20 जुलाई 1966 में प्रथम विश्व शतरंज दिवस मनाया गया। हालांकि, यूएनओ की महासभा की ओर से 12 दिसंबर 2019 को 20 जुलाई को विश्व शतरंज दिवस के रूप में घोषित किया।
शतरंज का पहला गेम कब खेला गया था?
आधुनिक शतरंज का पहला टूर्नामेंट 1851 में लंदन में आयोजित किया गया था। इसमें जर्मन एडोल्फ एंडरसन विजेता रहे थे।
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