Planets and their Moons: किस ग्रह के पास हैं कितने चांद, हमारी धरती का चांद उनसे कितना अलग?
Chandrayaan-3: पृथ्वी के पास एक स्थाई प्राकृतिक चंद्रमा है। पृथ्वी के आसपास कुछ मिनी-मून, छद्म-उपग्रह भी आते-जाते रहते हैं। आइए जानते हैं कि सौरमंडल में मौजूद बाकी के ग्रहों के पास कितने चांद हैं।
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Moons: लगभग 100 घंटों से भी कम समय में भारत का चंद्रयान-3, चांद के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र में उतरने का पहला प्रयास करेगा। चंद्रयान-3, न केवल भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) बल्कि लाखों भारतीयों की आशा है, 23 अगस्त, 2023 को अपनी ऐतिहासिक चंद्र लैंडिंग से यह केवल एक दिन दूर है। चांद पृथ्वी का एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह है। पृथ्वी की तरह ही सौरमंडल में मौजूद बाकी के ग्रहों के पास भी उनके चांद, यानी उपग्रह हैं। इनमें से कुछ के पास तो 100 से भी ज्यादा की संख्या में उपग्रह मौजूद हैं। आइए जानते हैं कि किस ग्रह के पास कितने चांद हैं।
पृथ्वी के पास कितने चंद्रमा?
रात को हम अपने आसमान में पृथ्वी के चांद को देखते हैं, लेकिन हमारे सौरमंडल में अन्य ग्रहों पर भी चांद हैं। बात अगर पृथ्वी की करें तो इसके पास केवल एक ही स्थाई प्राकृतिक उपग्रह है, जिसे हम चंद्रमा (Moon) कहते हैं। ओटवोस लोरैंड यूनिवर्सिटी के एस्ट्रोनॉमर गैबोर होरवाथ के मुताबिक, पृथ्वी के आसपास कुछ मिनी-मून, छद्म-उपग्रह आते-जाते रहते हैं और ये अस्थाई होते हैं। ऐसे पिंड पृथ्वी की ग्रैविटी में फंसकर कुछ दिन इसके चारों ओर चक्कर लगाते हैं और सौर मंडल में निकल जाते हैं।
कुल 290 चंद्रमा
सौरमंडल में मौजूद ग्रहों में से पृथ्वी के पास एक चंद्रमा है। इसी प्रकार बाकी के ग्रहों के पास भी अपने-अपने चंद्रमा हैं। सौरमडंल के सभी ग्रहों के चंद्रमाओं को मिलाकर कुल 290 चंद्रमा हैं। नासा/जेपीएल की सोलर सिस्टम डायनेमिक्स टीम के अनुसार, खगोलविदों ने 460 से अधिक प्राकृतिक उपग्रहों का दस्तावेजीकरण किया है जो नेपच्यून की कक्षा से परे छोटी वस्तुओं, जैसे क्षुद्रग्रह, अन्य बौने ग्रह, या कुइपर बेल्ट ऑब्जेक्ट (केबीओ) की परिक्रमा कर रहे हैं।
किस ग्रह के पास कितने उपग्रह
- बुध (Mercury) - 0
- शुक्र (Venus) - 0
- पृथ्वी (Earth) - 1
- मंगल (Mars) - 2
- बृहस्पति (Jupiter) - 95
- शनि (Saturn) - 146
- अरुण यानि यूरेनस (Uranus) - 27
- वरुण यानि नेपच्यून (Neptune) - 14
- प्लूटो (Pluto) - 5
इसके अलावा, नासा/जेपीएल की सोलर सिस्टम डायनेमिक्स टीम के अनुसार, खगोलविदों ने 460 से अधिक प्राकृतिक उपग्रहों का दस्तावेजीकरण किया है जो नेपच्यून की कक्षा से परे छोटी वस्तुओं, जैसे क्षुद्रग्रह, अन्य बौने ग्रह, या कुइपर बेल्ट ऑब्जेक्ट (केबीओ) की परिक्रमा कर रहे हैं।
मंगल के दो उपग्रह
पृथ्वी का चंद्रमा, बाकी ग्रहों के चंद्रमाओं से काफी अलग है। उदाहरण के लिए अगर मंगल के दो चंद्रमाओं में से बड़े वाले (फोबोस) की बात करें, तो यह दिन में तीन बार मंगल की परिक्रमा करता है, और ग्रह की सतह के इतना करीब है कि मंगल के कुछ स्थानों पर इसे हमेशा नहीं देखा जा सकता है। इसके अलावा, डेमोस मंगल के दो चंद्रमाओं में से छोटा है। यह मंगल की परिक्रमा करता है और हर 30 घंटे में मंगल के चारों ओर चक्कर लगाता है।
चांद के बारे में
हर ग्रह के उपग्रह, यानी चंद्रमा के गुणधर्म अलग-अलग होते हैं। आपने ऊपर पढ़ा मंगल कें उपग्रहों के बारे में पढ़ा। इसी तरह हर ग्रह के चांद की खासियतें (घूर्णन, परिक्रमण, वातावरण आदि) अलग-अलग होती हैं। चंद्रमा पृथ्वी का एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह है। इसकी पृथ्वी से औसत दूरी 384,400 किलोमीटर है। पृथ्वी और चंद्रमा ज्वारीय रूप से बंद हैं। उनकी घूर्णन गति इतनी समकालिक है कि हमें चंद्रमा का केवल एक ही भाग दिखाई देता है। 1959 में सोवियत अंतरिक्ष यान के उड़ान भरने से पहले तक मनुष्यों ने चंद्रमा का सुदूर भाग नहीं देखा था। चांद पर ठोस सतह है, जिसपर आसानी से खड़ा हुआ जा सकता है। चंद्रमा का वातावरण बहुत पतला है जिसे बाह्यमंडल कहा जाता है। यह सांस लेने योग्य नहीं है। चंद्रमा के पास अपना कोई चंद्रमा नहीं है और न ही इसके चारों ओर कोई रिंग है। यह पृथ्वी का एक पूरा चक्कर 27.3 दिन में लगाता है।
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