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USA: 'जहां भी हों, ट्रंप के शपथ ग्रहण से पहले वापस लौट आएं', अमेरिकी विश्वविद्यालयों का अपने छात्रों से आग्रह

Fri, 29 Nov 2024 08:58 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Fri, 29 Nov 2024 08:58 PM IST
सार

America: कई अमेरिकी विश्वविद्यालयों ने अपने अंतरराष्ट्रीय छात्रों और कर्मचारियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। संभावना है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण के बाद प्रशासन द्वारा यात्रा प्रतिबंधों को लागू किया जा सकता है। ऐसे में विश्वविद्यालयों ने अपने अंतरराष्ट्रीय छात्रों और कर्मचारियों से अमेरिका लौट आने का आग्रह किया है।
 

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US universities urge foreign students to return to campus ahead of Trump's swearing-in
डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : पीटीआई

विस्तार

America: कई अमेरिकी विश्वविद्यालयों ने अपने अंतरराष्ट्रीय छात्रों और कर्मचारियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें छात्रों और कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे जनवरी 2025 में होने वाले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह से पहले-पहले अमेरिका लौट आएं।

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यात्रा प्रतिबंधों को किया जा सकता है लागू

संभावना है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण के बाद प्रशासन द्वारा यात्रा प्रतिबंधों को लागू किया जा सकता है। ऐसे में विश्वविद्यालयों ने अपने अंतरराष्ट्रीय छात्रों और कर्मचारियों से अमेरिका लौट आने का आग्रह किया है।

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20 जनवरी को होगा शपथ ग्रहण समारोह

डोनाल्ड ट्रंप 20 जनवरी को पद की शपथ लेंगे और उन्होंने घोषणा की है कि वे संयुक्त राज्य अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में अपने पहले दिन अर्थव्यवस्था और आव्रजन (Immigration) के मुद्दों पर कई कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर करेंगे।

अमेरिकी विदेश विभाग, शैक्षिक और सांस्कृतिक मामलों के ब्यूरो और अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा संस्थान के आंकड़ों के अनुसार, भारत और चीन से संयुक्त राज्य अमेरिका में सभी अंतरराष्ट्रीय छात्रों का लगभग आधा (54 प्रतिशत) हिस्सा हैं।

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यूएसए में अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या के मामले में भारत टॉप पर

2009 के बाद 2023/2024 में पहली बार भारत संयुक्त राज्य अमेरिका में अंतर्राष्ट्रीय छात्रों की संख्या में 23 प्रतिशत की वृद्धि के साथ चीन को पीछे छोड़ पहले स्थान पर आ गया। ओपन डोर्स 2024 रिपोर्ट ऑन इंटरनेशनल एजुकेशनल एक्सचेंज' के आंकड़ों के अनुसार, 2023/2024 में संयुक्त राज्य अमेरिका में भारत से अंतर्राष्ट्रीय छात्रों की संख्या 331,602 थी।

चीन 4 प्रतिशत की गिरावट के बावजूद 277,398 छात्रों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। हालांकि, स्नातक और गैर-डिग्री छात्रों को भेजने के मामले में चीन शीर्ष पर बना रहा। यहां से स्नातक और गैर-डिग्री के लिए क्रमशः 87,551 और 5,517 छात्र अमेरिका पहुंचे।

मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) के अंतर्राष्ट्रीय छात्र कार्यालय के एसोसिएट डीन और निदेशक डेविड एलवेल ने राष्ट्रपति चुनावों के बाद एक पोस्ट में कहा कि हर चुनाव के साथ, "जब संघीय स्तर पर प्रशासन में बदलाव होता है, तो नीतियों, विनियमों और कानून में बदलाव हो सकते हैं जो उच्च शिक्षा के साथ-साथ आव्रजन और वीजा स्थिति के मामलों को प्रभावित करते हैं"।

एलवेल ने छात्रों से आगामी शीतकालीन अवकाश के दौरान अपनी यात्रा योजनाओं का आकलन करने का आग्रह किया, यह देखते हुए कि ट्रम्प के तहत नए कार्यकारी आदेश यात्रा और वीजा प्रसंस्करण को प्रभावित कर सकते हैं।

शपथ ग्रहण से पहले लौटें

यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुसेट्स, एमहर्स्ट में ग्लोबल अफेयर्स के कार्यालय ने अपने ऐसे अंतर्राष्ट्रीय छात्रों, विद्वानों, संकाय और कर्मचारियों को सलाह दी है जो शीतकालीन अवकाश के दौरान अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने की योजना बना रहे हैं। सलाह में कहा गया है कि राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण करने से पहले पहले अमेरिका लौटने पर दृढ़ता से विचार करें।

शपथ ग्रहण से पहले शारीरिक रूप से अमेरिका में रहें मौजूद

वेस्लेयन आर्गस की रिपोर्ट में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए यही बेहतर है कि वे सोमवार, 20 जनवरी, 2025 को राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण करने और उनके द्वारा आव्रजन-संबंधी नीतियां लागू करने से पहले 19 जनवरी और उसके बाद वसंत सेमेस्टर के दिनों में अमेरिका में शारीरिक रूप से मौजूद रहें।

राष्ट्रपति के रूप में अपने पहले कार्यकाल के एक सप्ताह के भीतर, ट्रम्प ने जनवरी 2017 में सात मुस्लिम बहुल देशों - इराक, सीरिया, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान और यमन - के नागरिकों पर 90 दिनों के लिए अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने वाले एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे, जिससे समुदायों में बड़े पैमाने पर व्यवधान पैदा हुआ और नागरिक अधिकार संगठनों में आक्रोश और चिंता पैदा हुई।

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