फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   UPSC tells Supreme Court Issue regarding extra attempt to appear in exams very complicated

UPSC CSE Extra Attempt: यूपीएससी का कोर्ट में जवाब, सिविल सेवा परीक्षा में एक और मौका देना पेचीदा मसला

Mon, 07 Mar 2022 09:17 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: देवेश शर्मा Updated Mon, 07 Mar 2022 09:17 PM IST
सार

UPSC CSE Extra Attempt: सुनवाई के दौरान संघ लोक सेवा आयोग ने याचिका पर अपना जवाब पेश करते हुए कहा कि उम्मीदवारों को एक और मौका देना बहुत कठिन मसला है। पेचीदगी भरे इस मसले पर नीतिगत विचार करने की आवश्यकता है।

विज्ञापन
UPSC tells Supreme Court Issue regarding extra attempt to appear in exams very complicated
Supreme Court - फोटो : PTI

विस्तार

कोरोना महामारी के कारण संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा मुख्य परीक्षा में एक और मौका मांग रहे तीन उम्मीदवारों की याचिका पर सोमवार, सात मार्च, 2022 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान संघ लोक सेवा आयोग ने याचिका पर अपना जवाब पेश करते हुए कहा कि उम्मीदवारों को एक और मौका देना बहुत कठिन मसला है। पेचीदगी भरे इस मसले पर नीतिगत विचार करने की आवश्यकता है। इसके लिए पीठ ने मामले की सुनवाई 21 मार्च तक के लिए टाल दी है।

विज्ञापन

 

यूपीएससी (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा के तीन उम्मीदवारों ने एक याचिका के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि उन्होंने यूपीएससी 2021 की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की थी, लेकिन बाद में कोविड-19 पॉजिटिव पाए जाने के बाद वे मुख्य परीक्षा के सभी पेपरों में उपस्थित नहीं हो सके थे। याचिकाकर्ता अगली मुख्य परीक्षा में भाग लेने की अनुमति देने या फिर 2021 की परीक्षा का रिजल्ट घोषित करने से पूर्व उनके लिए छूटे हुए पेपरों की विशेष परीक्षा आयोजित करने की मांग कर रहे हैं।  
 

विज्ञापन
विज्ञापन

यूपीएससी की ओर से पेश अधिवक्ता ने शीर्ष अदालत से कहा कि उन्हें इस मुद्दे पर कोई भी फैसला लेने से पहले निर्देश लेने और सभी पहलुओं को रिकॉर्ड में रखने की जरूरत है। अधिवक्ता ने जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस सीटी रविकुमार की पीठ को बताया कि यह एक ऐसा मुद्दा है जो बहुत ही पेचीदा है, इसलिए, मौका दिया जा सकता है या नहीं, यह तय करने में थोड़ा समय लगेगा। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले को 21 मार्च, 2022 को सुनवाई के लिए निर्धारित कर दिया और कहा कि अगली तारीख से पहले सभी पक्षकारों को हलफनामा दायर करने को कहा है।
 

विज्ञापन

संघ लोक सेवा आयोग की ओर से यूपीएससी सिविल सेवा मुख्य परीक्षा सात से 16 जनवरी, 2022 के मध्य आयोजित की गई थी। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने पीठ को बताया कि इन तीन में से दो याचिकाकर्ता यूपीएससी सीएसई (UPSC Civil Services Exam) मुख्य परीक्षा के कुछ शुरुआती पेपर दे चुके थे तथा कोरोना होने के कारण बचे हुए पेपर में भाग नहीं ले सके थे, जबकि तीसरा याचिकाकर्ता कोरोना संक्रमण के कारण किसी भी पेपर में उपस्थित नहीं हो पाया था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed