UPSC CSE Prelims: यूपीएससी को दिल्ली हाईकोर्ट का निर्देश, कहा- आंसर की वाली याचिका पर आपत्तियां करें दाखिल
UPSC CSE Prelims: दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को संघ लोक सेवा आयोग से इस वर्ष की प्रारंभिक परीक्षा की उत्तर कुंजी की मांग करने वाली सिविल सेवा उम्मीदवारों के एक समूह की याचिका पर अपनी प्रारंभिक आपत्तियां दर्ज करने को कहा।
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दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को संघ लोक सेवा आयोग से इस वर्ष की प्रारंभिक परीक्षा की उत्तर कुंजी की मांग करने वाली सिविल सेवा उम्मीदवारों के एक समूह की याचिका पर अपनी प्रारंभिक आपत्तियां दर्ज करने को कहा। यूपीएससी के वकील नरेश कौशिक ने जस्टिस चंद्र धारी सिंह को बताया कि 17 उम्मीदवारों की याचिका उच्च न्यायालय के समक्ष विचारणीय नहीं है और याचिकाकर्ताओं को किसी भी राहत के लिए प्रशासनिक न्यायाधिकरण से संपर्क करना चाहिए।
अदालत ने मामले को 26 जुलाई को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करते हुए कहा कि इस स्तर पर, याचिकाकर्ता 1 और 2 यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा, 2023 को रद्द करने और प्रारंभिक परीक्षा और सामान्य अध्ययन पेपर को फिर से आयोजित करने की अपनी अर्जी पर दबाव नहीं बना रहे हैं।
वहीं, याचिकाकर्ताओं के वकील ने यूपीएससी द्वारा जून में जारी प्रेस नोट की आलोचना की, जिसमें कहा गया था कि उत्तर कुंजी अंतिम परिणाम घोषित होने के बाद ही घोषित की जाएगी। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया है कि यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है। उनके वकील ने कहा कि कुछ उम्मीदवार पहले ही चयन प्रक्रिया के खिलाफ केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण का दरवाजा खटखटा चुके हैं।
यूपीएससी के वकील नरेश कौशिक ने कहा कि कानून उच्च न्यायालय को सिविल सेवा भर्ती की प्रक्रिया से संबंधित विवादों पर फैसला करने की अनुमति नहीं देता है और प्रेस नोट भी उसी प्रक्रिया का एक हिस्सा था। जस्टिस सिंह ने कहा, उन्हें अर्थात यूपीएससी के वकील को प्रारंभिक आपत्तियां दर्ज करने दीजिए। मैं केवल प्रेस नोट पर हूं। वहीं, वकील राजीव कुमार दुबे के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता पूरे भर्ती चक्र में आयोग की "मनमानी" से व्यथित हैं।
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