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Hindi News ›   Education ›   UP Police Recruitment: No Negative Marking Explained, New Marking Scheme and Its Impact on Candidates

UPPRPB: यूपी पुलिस भर्ती में खत्म होगी निगेटिव मार्किंग, पहले क्या थी अंकन योजना? गलत जवाब पर कटते थे इतने अंक

Wed, 31 Dec 2025 02:25 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Wed, 31 Dec 2025 02:25 PM IST
सार

UP Police Negative Marking: यूपी पुलिस आरक्षी, मुख्य आरक्षी और जेल वार्डरों की भर्ती में निगेटिव मार्किंग नहीं की जाएगी। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। ऐसे में आइए जानते हैं कि इन भर्ती परीक्षाओं की अंकन योजना क्या थी और गलत जवाब देने पर कितने अंक कटते थे।
 

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UP Police Recruitment: No Negative Marking Explained, New Marking Scheme and Its Impact on Candidates
UP Police, यूपी पुलिस - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

UP Police Negative Marking: उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने यूपी पुलिस के आरक्षी, मुख्य आरक्षी और जेल वार्डरों की भर्ती में निगेटिव मार्किंग को खत्म करने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अभी तक यूपी पुलिस के आरक्षी व मुख्य आरक्षी के साथ जेल वार्डरों की सीधी भर्ती की लिखित परीक्षा में निगेटिव मार्किंग होती थी। आरक्षी, मुख्य आरक्षी व जेल वार्डर भर्ती की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए ये अच्छी खबर है।

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यूपी पुलिस भर्ती की मार्किंग स्कीम क्या थी?

यूपी पुलिस आरक्षी, मुख्य आरक्षी और जेल वार्डर की लिखित परीक्षा में प्रत्येक सही उत्तर के लिए 2 अंक मिलते थे। हालांकि, इस परीक्षा में निगेटिव मार्किंग के कारण गलत उत्तर देने पर अंक काटे भी जाते थे। अंकन योजना के मुताबिक, गलत उत्तर देने पर 0.50 अंक काट लिए जाते थे। वहीं, बिना जवाब छोड़े गए प्रश्नों पर कोई अंक नहीं कटता था। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो इस परीक्षा में 1/4 की निगेटिव मार्किंग थी।

  • प्रत्येक सही उत्तर के लिए 2 अंक दिए जाते थे।
  • गलत उत्तर देने पर 0.5 अंक कटते थे।
  • बिना जवाब छोड़े गए प्रश्नों पर कोई अंक नहीं कटता था।
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आरक्षी, मुख्य आरक्षी और जेल वार्डर भर्ती में इन विषयों से पूछे जाते हैं प्रश्न

यूपी पुलिस आरक्षी, मुख्य आरक्षी और जेल वार्डर भर्ती परीक्षा में सामान्य हिंदी, सामान्य ज्ञान, संख्यात्मक एवं मानसिक योग्यता परीक्षण और मानसिक योग्यता/बुद्धि/तर्क जैसे विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं।

यह भी पढ़ें: यूपी पुलिस में कांस्टेबल के 32,679 पदों पर निकली भर्ती; जारी हुआ नोटिस

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निगेटिव मार्किग खत्म होने से अभ्यर्थियों को क्या फायदा होगा?

 

  • समय प्रबंधन में सुधार: अब किसी कठिन प्रश्न पर बार-बार सोचने या उसे बाद के लिए छोड़ने की मजबूरी नहीं होगी। उम्मीदवार बिना ज्यादा समय गंवाए प्रश्न हल कर सकेंगे, जिससे पूरे पेपर का टाइम मैनेजमेंट बेहतर होगा।
  • कटऑफ तक पहुंचना होगा आसान: पहले ज्यादा प्रश्न करने पर गलत उत्तर बढ़ने से स्कोर प्रभावित हो जाता था। निगेटिव मार्किंग न होने से यह समस्या खत्म हो गई है। हालांकि इससे मेरिट में प्रतिस्पर्धा तेज होगी, लेकिन कटऑफ तक पहुंचना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है।
  • सामान्य ज्ञान में जोखिम लेने की छूट: सामान्य ज्ञान और करंट अफेयर्स जैसे विषयों में अक्सर अनिश्चितता रहती है। पहले गलत होने पर अंक कटने का खतरा रहता था, लेकिन अब प्रश्न पूरी तरह याद न होने की स्थिति में भी अभ्यर्थी संभावित उत्तर चुन सकते हैं।
  • ज्यादा प्रश्न हल करने का मौका: निगेटिव मार्किंग हटने से अब उम्मीदवारों पर गलत उत्तर का डर नहीं रहेगा। वे पूरे पेपर में अधिक से अधिक सवाल हल कर पाएंगे, जिससे कुल अंकों में बढ़ोतरी की संभावना बनेगी।

जल्द जारी होगा आधिकारिक नोटिस

नई व्यवस्था को लागू करने के लिए उत्तर प्रदेश कैबिनेट बाई सर्कुलेशन से उप्र पुलिस आरक्षी तथा मुख्य आरक्षी सेवा (चतुर्थ संशोधन) नियमावली 2025 और उप्र कारागार प्रशासन व सुधार विभाग जेल वार्डर संवर्ग सेवा (द्वितीय संशोधन) नियमावली 2025 को मंजूरी दी जाएगी। निगेटिव मार्किंग समाप्त होने और नियमावली में संशोधन को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एंव प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) जल्द ही नोटिस जारी करेगा।

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