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UP Board 2020: सचिव ने सोशल मीडिया पर जारी हुए नोटिस को बताया फर्जी, न करें विश्वास
Sun, 05 Apr 2020 11:05 AM IST
Garima Garg
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Garima Garg
Updated Sun, 05 Apr 2020 11:05 AM IST
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यूपी बोर्ड
- फोटो : अमर उजाला
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UP Board 2020: कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया है। ऐसे में सरकार ने 14 अप्रैल तक लॉकडाउन की घोषणा कर दी है। जनता घरों में रहकर सरकार की मदद कर रही है। बिजनेस सेक्टर से लेकर शिक्षा सेक्टर तक हर क्षेत्र आज इस महामारी के चलते प्रभावित है। ऐसे में बड़े-बड़े संस्थान, सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से जुड़े रहने के लिए अनेक योजनाएं व नोटिस साझा कर रहे हैं।
बता दें कि हाल ही में यूपी बोर्ड के नाम से एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें लिखा है कि बोर्ड की हाई स्कूल एवं इंटर मीडिएट की परीक्षा 2020 का परिणाम बिना मूल्याकंन के घोषित होगा। लेकिन बोर्ड ने इस खबर को फर्जी बताया है। ये जानकारी खुद बोर्ड के सचिव ने दी है।
क्या था मामला-
सोशल मीडिया पर सचिव के नाम से एक पत्र जारी हुआ है, जिसमें लिखा है कि कोविड 19 के चलते उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा में कठिनाई के कारण बोर्ड ने सभी परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण करने का निर्णय लिया है।
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पत्र में यह भी कहा गया है कि यह निर्णय छात्रों के हित में लिया गया है। इस संबंध में सचिव नीना श्रीवास्तव की ओर से कहा गया है कि यह खबर पूरी तरह से आधारहीन है। लॉकडाउन खत्म होते ही मूल्यांकन की तिथि पर फैसला लिया जाएगा।
अंग्रेजी में इस खबर को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...
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बता दें कि हाल ही में यूपी बोर्ड के नाम से एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें लिखा है कि बोर्ड की हाई स्कूल एवं इंटर मीडिएट की परीक्षा 2020 का परिणाम बिना मूल्याकंन के घोषित होगा। लेकिन बोर्ड ने इस खबर को फर्जी बताया है। ये जानकारी खुद बोर्ड के सचिव ने दी है।
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क्या था मामला-
सोशल मीडिया पर सचिव के नाम से एक पत्र जारी हुआ है, जिसमें लिखा है कि कोविड 19 के चलते उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा में कठिनाई के कारण बोर्ड ने सभी परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण करने का निर्णय लिया है।
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पत्र में यह भी कहा गया है कि यह निर्णय छात्रों के हित में लिया गया है। इस संबंध में सचिव नीना श्रीवास्तव की ओर से कहा गया है कि यह खबर पूरी तरह से आधारहीन है। लॉकडाउन खत्म होते ही मूल्यांकन की तिथि पर फैसला लिया जाएगा।
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