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NEP: अब एनईपी 2020 लागू करने में छात्र बनेंगे ‘सारथी’, विश्वविद्यालय और कॉलेजों को देने होंगे छात्रों के नाम .

Fri, 19 May 2023 05:39 AM IST
वीरेंद्र शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: वीरेंद्र शर्मा Updated Fri, 19 May 2023 05:39 AM IST
सार

यूजीसी अध्यक्ष ने कहा कि देश के सभी विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने, उसकी सही जानकारी और लाभ छात्रों तक पहुंचाने के मकसद से जुलाई में ‘सारथी’ योजना शुरू होने जा रही है।

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universities and colleges students will become sarathi in promoting and implementing the NEP 2020
UGC - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

अब विश्वविद्यालय और कॉलेजों में छात्र  राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)2020 का प्रचार और लागू करने में ‘सारथी’ बनेंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी)के अध्यक्ष प्रोफेसर एम. जगदीश कुमार ने बताया कि कॉलेज या उच्च शिक्षण संस्थान को ‘सारथी’ के लिए तीन छात्रों के नाम देने होंगे। इन्हें ‘सारथी’ या फिर ‘छात्र राजदूत’ भी कहा जा सकता है। इनका काम छात्रों की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें उच्च शिक्षा प्रणाली के विभिन्न सुधारों से अवगत करवाना होगा। या यू कहें, छात्र सामूहिक योगदान से एनईपी 2020 को लागू करने में सहयोग करेंगे।
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यूजीसी अध्यक्ष ने कहा कि देश के सभी विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने, उसकी सही जानकारी और लाभ छात्रों तक पहुंचाने के मकसद से जुलाई में ‘सारथी’ योजना शुरू होने जा रही है। इसके लिए सभी राज्यों, विश्वविद्यालयों, कॉलेजों समेत सभी उच्च शिक्षण संस्थानों से इसी महीने यानी मई से ‘सारथी’ के लिए आवेदन आमंत्रित किये जा रहे हैं। उच्च शिक्षण संस्थानों को एक महीने यानी जून 2023 तक ‘सारथी’ के लिए नामों का चयन करना होगा। उच्च शिक्षण संस्थानों से मिलने वाली सूची के आधार पर यूजीसी इनकी सूची जारी करेगा। इसके बाद 21 जुलाई से नया सत्र शुरू होने पर ओरिएंटेशन प्रोग्राम के साथ ही ये लोग काम करना शुरू कर देंगे। यह योजना एनईपी 2020 के कार्यान्वयन में सक्रिय प्रतिभागियों के रूप में छात्रों को एक साथ लाएगी।
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कैंपस में एनईपी हेल्प डेस्क बनेंगी 
छात्र समूहों के साथ जुड़ने से लेकर संकाय सदस्यों, प्रशासकों और यूजीसी के बीच सार्थक संवाद स्थापित करना। कैंपस में एनईपी की योजनाओं पर संक्षिप्त नोट्स बनाना। कार्यक्रमों, वाद-विवाद, चर्चाओं, प्रतियोगिताओं, प्रश्नोत्तरी, नुक्कड़ के माध्यम से जागरुकता अभियान चलाना। कॉलेज फेस्ट में एनईपी हेल्प डेस्क भी स्थापित किए जाएंगे।  उच्च शिक्षा में विभिन्न सुधारों की जानकारी देने, छात्रों की भागीदारी बढ़ाने और जागरूकता पैदा करने के मकसद से इस योजना को शुरू किया जा रहा है। इसके माध्यम से यूजीसी का मकसद एक ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां छात्र सार्थक रूप से जुड़ सकें। एनईपी 2020 के प्रावधानों का प्रभावी उपयोग करने के लिए छात्रों को सक्रिय प्रतिभागियों के रूप में एक साथ ला सकें।
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यूजी, पीजी और डिप्लोमा के छात्र हो सकते हैं शामिल
कॉलेजों को किसी भी कोर्स के स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा पढ़ाई करने वाले तीन छात्रों का नाम ‘सारथी’ के लिए नामांकित करना होगा। संक्षिप्त लेख और चयनित नामों की सूची यूजीसी को भेजनी होगी। नामांकन के आधार पर यूजीसी नामांकित व्यक्तियों  के नाम की घोषणा करेगा। इन चयनित छात्रों को हाइब्रिड मोड में यूजीसी द्वारा प्रभावी ढंग से अपनी भूमिका निभाने के लिए उन्मुख और निर्देशित किया जाएगा।


यूजीसी को फीडबैक भी देंगे
कैंपस में छात्रों के बीच एनईपी 2020 की पहल के बारे में जागरूकता पैदा करना और उसे बढ़ावा देना। इसके अलावा लागू करने में सहयोग देगा। छात्रों पर एनईपी 2020 की पहल के प्रभाव को समझने और उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए यूजीसी के लिए एक फीडबैक तंत्र स्थापित करने में सहयोग देना है। यूजीसी द्वारा ‘सारथी’ के रूप में मान्यता और प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा।
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