Rajasthan Board Exam: बारहवीं बोर्ड की परीक्षा में कांग्रेस पार्टी से जुड़े सवालों का केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने लिया संज्ञान
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने मामले पर कहा था कि राजनीति विज्ञान की परीक्षा में कांग्रेस का महिमामंडन करने की असफल कोशिश की गई।
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राजस्थान के 12वीं बोर्ड की परीक्षा में राजनीति विज्ञान विषय के प्रश्नपत्र में कांग्रेस पार्टी से संबंधित छह प्रश्न पूछे गए थे। अब इस मामले को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने संज्ञान में लिया है। मंत्रालय ने राजस्थान शिक्षा विभाग से मामले की जानकारी मांगी है। दरअसल, 12वीं के प्रश्न-पत्र में राज्य की सत्ता पर काबिज कांग्रेस पार्टी से जुड़े 6 प्रश्न पूछे गए थे। पेपर में एक सवाल कम्युनिस्ट पार्टी के विभाजन और एक सवाल बसपा से भी जुड़ा है। प्रश्न-पत्र सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हुआ था। इसके बाद से ही मामले पर बवाल जारी है।
ये सवाल पूछे गए थे
- 1984 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने कुल कितनी सीटें जीती थी?
- कांग्रेस की सामाजिक एवं विचारधारात्मक गठबंधन के रूप में संक्षिप्त विवेचना कीजिए।
- भारत में प्रथम तीन आम चुनावों में किस दल का प्रभुत्व रहा?
- कांग्रेस ने 1967 का आम चुनाव किन परिस्थितियों में लड़ा व इसका क्या जनादेश मिला? विवेचना कीजिए।
- आम चुनाव 1971 कांग्रेस की पुर्नस्थापना का चुनाव साबित हुआ। इस कथन की व्याख्या कीजिए।
- गरीबी हटाओ का नारा किसने दिया था?
भाजपा और कांग्रेस में बयानबाजी
राजनीति विज्ञान की परीक्षा में कांग्रेस पार्टी से जुड़े सवालों पर कांग्रेस और विपक्षी दल भाजपा के बीच बयानबाजी भी हुई। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने मामले पर कहा था कि राजनीति विज्ञान की परीक्षा में कांग्रेस का महिमामंडन करने की असफल कोशिश की गई। इतिहास को इस तरीके से दर्शाने की कोशिश की है, जैसे कांग्रेस दूध की धुली हो। कांग्रेस के शासन में नए बच्चों के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश हो रही है। वहीं, राज्य के शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला ने मामले पर बचाव करते हुए बताया था कि परीक्षा के प्रश्न-पत्र विशेषज्ञ बनाते हैं। इसमें सरकार की भूमिका नहीं होती। पहले भी राजनीतिक दलों से संबंधित प्रश्न परीक्षा में पूछे जाते रहे हैं।