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Hindi News ›   Education ›   Union Health Ministry has asked NMC not to charge for the Next Practice Test

NMC: नेक्स्ट की अभ्यास परीक्षा के लिए नहीं देना होगा शुल्क, मंत्रालय ने दिए निर्देश

Thu, 06 Jul 2023 06:18 AM IST
वीरेंद्र शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: वीरेंद्र शर्मा Updated Thu, 06 Jul 2023 06:18 AM IST
सार

अधिसूचना के अनुसार, एनएमसी ने इस परीक्षा में शामिल होने के लिए दो हजार रुपये का शुल्क तय किया था। यह परीक्षा दिल्ली एम्स की ओर से आयोजित की जाएगी।

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Union Health Ministry has asked NMC not to charge for the Next Practice Test
National Exit Test (NExt) - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

इसी महीने होने वाली नेक्स्ट की अभ्यास परीक्षा निशुल्क होगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) से कहा है कि इस परीक्षा के लिए शुल्क नहीं लिया जाए।
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हाल ही में जारी अधिसूचना के अनुसार, एनएमसी ने इस परीक्षा में शामिल होने के लिए दो हजार रुपये का शुल्क तय किया था। यह परीक्षा दिल्ली एम्स की ओर से आयोजित की जाएगी। इसके बाद अगले वर्ष से देश में एमबीबीएस के अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए नेशनल एग्जिट टेस्ट यानी नेक्स्ट लागू होगा। इसी के साथ ही पीजी के लिए नीट परीक्षा खत्म हो जाएगी। 2019 बैच के एमबीबीएस छात्रों के लिए 2024 में पहली नेक्स्ट परीक्षा आयोजित की जाएगी। जानकारी के अनुसार, नेक्स्ट की अभ्यास परीक्षा 28 जुलाई को दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में कराई जाएगी। यह कंप्यूटर आधारित परीक्षा होगी जिसमें बहुविकल्पी प्रश्न पूछे जाएंगे। अभ्यास परीक्षा कराने का उद्देश्य संभावित परीक्षार्थियों को कंप्यूटर आधारित परीक्षा, सॉफ्टवेयर इंटरफेस और परीक्षा केंद्रों की प्रक्रिया से परिचित कराना है।
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एनएमसी ने अभ्यास परीक्षा में भाग लेने के लिए सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के परीक्षार्थियों के लिए दो-दो हजार रुपये, जबकि अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के परीक्षार्थियों के लिए एक-एक हजार रुपए का शुल्क तय किया। दिव्यांग परीक्षार्थियों के लिए यह परीक्षा निशुल्क रखी गई है। एनएमसी के इस फैसले पर कई तरह की आपत्तियां और शिकायत मंत्रालय को मिली हैं जिनके आधार पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने अभ्यास परीक्षा को निशुल्क करने की सलाह दी है।
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फीस वापसी नियम का पालन न करने पर कॉलेजों की मान्यता रद्द होगी : यूजीसी
यदि कोई विश्वविद्यालय, कॉलेज और अन्य उच्च शिक्षण संस्थान विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के फीस वापसी नियमों का पालन नहीं करता है तो उसकी मान्यता रद्द हो सकती है। यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों और राज्यों को इस संबंध में पत्र लिखकर उसके 2018 के फीस वापसी नियमों के पालन का निर्देश दिया है। इसके तहत दाखिले की घोषणा के 15 दिन के भीतर अगर छात्र सीट छोड़ता है तो उसकी 100 फीसदी फीस वापस करनी होगी। यूजीसी के सचिव प्रोफेसर मनीष जोशी ने सभी राज्यों के शिक्षा सचिवों और विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि नियम का पालन न करनेवाले विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की मान्यता रद्द करने, सभी अनुदान रोकने से लेकर अन्य कार्रवाई की जाएगी। 
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