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UGC: उच्च शिक्षण संस्थानों के कैंपस में भी बन सकेंगे वर्किंग वुमन हॉस्टल, सरकार उठाएगी बनाने का खर्चा

Wed, 17 Jan 2024 06:38 AM IST
यशोधन शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: यशोधन शर्मा Updated Wed, 17 Jan 2024 06:38 AM IST
सार

यूजीसी के सचिव प्रोफेसर मनीष जोशी की ओर से सभी राज्यों और विश्वविद्यालयों को इस संबंध में पत्र लिखा गया है। इसमें लिखा है कि महिला व बाल विकास मंत्रालय नौकरीपेशा महिलाओं की सुरक्षा में ध्यान में रखते हुए वर्किंग वूमन हॉस्टल बनाने जा रही है।

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UGC Working women hostels also built in campuses higher educational institutions government bear cost
यूजीसी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेट्रो सिटी, छोटे या बड़े शहरों में अब सुरक्षा को ध्यान में रखकर बेटियां नौकरी नहीं छोड़ेंगी। बेटियों को उच्च शिक्षा के बाद रोजगार से जोड़े रखने के लिए वर्किंग वूमन हॉस्टल की संख्या बढ़ाने की तैयारी चल रही है। इसके लिए विश्वविद्यालयों के कैंपस के अंदर या उसके आसपास भी वर्किंग वूमन हॉस्टल बनाए जाएंगे। इसके लिए यूजीसी ने विश्वविद्यालयों से वर्किंग वूमन हॉस्टल बनाने के लिए 10 दिनों में 10 से 15 चिह्नित जगह बताने का निर्देश दिया है।
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यूजीसी के सचिव प्रोफेसर मनीष जोशी की ओर से सभी राज्यों और विश्वविद्यालयों को इस संबंध में पत्र लिखा गया है। इसमें लिखा है कि महिला व बाल विकास मंत्रालय नौकरीपेशा महिलाओं की सुरक्षा में ध्यान में रखते हुए वर्किंग वूमन हॉस्टल बनाने जा रही है। इसमें विश्वविद्यालयों के पास भी कैंपस या फिर आसपास कोई जमीन हो तो वे उसे बनाने के लिए दे सकते हैं। 
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इसके लिए उन्हें 10 दिन का समय दिया गया है। इसमें विश्वविद्यालय कैंपस के अंदर या अपनी किसी जमीन पर वर्किंग वूमन बनवाते हैं तो उसका सारा खर्चा सरकार की ओर से दिया जा जाएगा। इन वर्किंग वूमन को बनाने का मकसद बेटियों को घर के बाहर दूसरे शहरों में नौकरी के साथ रहने की सुरक्षा मुहैया करवाकर देना है। ताकि रहने के दौरान सुरक्षा के डर से वे नौकरी न छोड़ें।
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इसलिए हॉस्टल की संख्या बढ़ाना जरूरी:
  • महिला श्रमशक्ति में भागीदारी 23.3 फीसदी से बढ़कर 37 फीसदी तक पहुंच गई है।
  • विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (स्टेम) स्नातकों में लगभग 43 फीसदी महिलाएं है। हालांकि उसमें से 14 फीसदी ही आगे अनुसंधान में भविष्य बनाती हैं। क्योंकि घर से दूर रहने व सुरक्षा सबसे बड़ी दिक्कत होती है।
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