फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   UGC Update University Grants Commission end mandatory PhD requirement for teaching

UGC Update: बिना पीएचडी किए भी बन सकेंगे प्रोफेसर, यूजीसी कर रहा है तैयारी

Sat, 12 Mar 2022 12:10 PM IST
सुभाष कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: सुभाष कुमार Updated Sat, 12 Mar 2022 12:10 PM IST
सार

यूजीसी के चेयरपर्सन प्रोफेसर एम जगदीश कुमार का कहना है कि ऐसे कई विशेषज्ञ हैं जो पढ़ाने के इच्छुक हैं। लेकिन हम वर्तमान नियमों के तहत इन सब की नियुक्ति नहीं कर सकते।  

विज्ञापन
UGC Update University Grants Commission end mandatory PhD requirement for teaching
UGC Update - फोटो : PTI

विस्तार

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) जल्द ही केंद्रीय विश्वविद्यालय में शिक्षण के लिए पीएचडी अनिवार्यता के नियमों में बदलाव कर सकता है। खबरों के मुताबिक इसके लिए आयोग की ओर से प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस और असोसिएट प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस जैसे विशेष पदों का निर्माण किया जा रहा है। 

विज्ञापन

यूजीसी चेयरपर्सन ने बताया कारण
इस मामले पर यूजीसी के चेयरपर्सन प्रोफेसर एम जगदीश कुमार का कहना है कि ऐसे कई विशेषज्ञ हैं जो पढ़ाने के इच्छुक हैं। ऐसे कई लोग हो सकता हैं जिनके पास जमीनी स्तर पर कार्य का अधिक अनुभव हो, कोई बहुत बड़ा नृतक हो सकता है तो कोई अच्छा गायक हो सकता है। लेकिन हम वर्तमान नियमों के तहत इन सब की नियुक्ति नहीं कर सकते। जगदीश कुमार ने बताया कि इन्हीं सब कारणों से विशेष पदों का सृजन किया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

पीएचडी की अनिवार्यता जरूरी नहीं
खबरों के अनुसार अब पीएचडी की अनिवार्यता जरूरी नहीं होगी। विशेषज्ञ को संबंधित क्षेत्र में बढ़िया अनुभव होना चाहिए। सृजित किए जा रहे नए पद स्थायी और अस्थायी दोनों ही हो सकते हैं। इसका फैसला विशेषज्ञ और संस्थान की जरूरत पर निर्भर करेगा। ऐसे विशेषज्ञ जिन्होंने अपनी 60 साल की आयु पूरी कर ली है, वह भी 65 वर्ष की आयु तक फुल-टाईम या पार्ट-टाईम फैकल्टी के रूप में अपनी सेवाएं दे सकेंगे।  

विज्ञापन

समिति के गठन का फैसला
गुरुवार को केंद्रीय विश्वविद्यालयों के वीसी ने जगदीश कुमार के साथ हुई बैठक में शिक्षक और प्रोफेसर के पदों पर नियुक्ति के नियमों में संशोधन के लिए एक समिति के गठन का फैसला किया है। यह बैठक राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन समेत कई अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी।  

10 हजार पद खाली
यूजीसी शिक्षकों के पदों पर जल्द से जल्द नियुक्ति की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए एक केंद्रीकृत पोर्टल का निर्माण करने की भी योजना बना रहा है। शिक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार दिसंबर, 2021 तक केंद्र द्वारा वित्त पोषित संस्थानों में 10 हजार शिक्षकों के पद खाली थे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed