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UGC NET 2020: विशेषज्ञों से जानिए कैसे करनी है हिंदी के लिए तैयारी? कौन-सी किताबें हैं जरूरी 

Thu, 12 Mar 2020 05:47 PM IST
ललित फुलारा ललित फुलारा, एजुकेशन डेस्क,अमर उजाला,
ललित फुलारा, एजुकेशन डेस्क,अमर उजाला, Published by: ललित फुलारा Updated Thu, 12 Mar 2020 05:47 PM IST
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UGC NET 2020: know from experts how to prepare for Hindi? Which books are important
नेट-जेआरएफ - फोटो : अमर उजाला

राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा और जूनियर रिसर्च फेलोशिप के लिए आवेदन की प्रक्रिया 16 मार्च से आरंभ होगी। 15 से लेकर 20 जून के बीच एनटीए नेट की परीक्षा करायेगा। योग्य अभ्यर्थी नेट-जेआरएफ के लिए 16 मार्च से लेकर 16 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। नेट-जेआरएफ निकालने के लिए आपको दो पेपर देने होते हैं, जिनमें से एक पेपर हर विषय के लिए जनरल जबकि दूसरा विषय पर आधारित होता है। 

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यूजीसी- नेट का पहला पेपर 100 नंबर और दूसरा पेपर 200 नंबर का होता है। पहले प्रश्नपत्र में 50 और दूसरे प्रश्नपत्र में 100 अनिवार्य प्रश्न पूछे जाते हैं। दोनों पेपरों के लिए तीन घंटे का समय निर्धारित होता है। हर प्रश्न के सही उत्तर पर अभ्यर्थी को दो नंबर मिलते हैं। अगर आप यूनिवर्सिटी में लेक्चरर बनने का सपना देख रहे हैं, तो नेट में सफलता हासिल करना आपके लिए बेहद जरूरी है।
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'हिंदी साहित्य के साथ ही भारतीय भाषाओं के साहित्य का भी ज्ञान होना चाहिए'
दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज, हिंदी विभाग से सेवानिवृत्त एसोसिएट प्रोफेसर विजया सती कहती हैं कि हिंदी में नेट-जेआरएफ के लिए विद्यार्थियों को हिंदी साहित्य के साथ ही भारतीय भाषाओं और चर्चित कृतियों का ज्ञान होना चाहिए। हिंदी साहित्य के इतिहास के विकास क्रम में योगदान देने वाले सभी लेखकों के बारे में गहनता से पढ़ना चाहिए। विजया सती हिंदी में नेट-जेआएफ देने वाले विद्यार्थियों के लिए डॉक्टर रामस्वरूप चतुर्वेदी की किताब हिंदी साहित्य का स्वरूप और संवेदना का विकास को आधार पुस्तक के रूप में बताती हैं।
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उनका कहना है कि विद्यार्थियों को हिंदी के रचनाकारों का समग्र व्यक्तित्व जानना चाहिए। नेट में हिंदी के पुराने रचनाकारों के भाषा संबंधी प्रश्न भी पूछे जाते हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को रचनाकारों के विकासक्रम, जीवनक्रम और कृतियों के बारे में ध्यानपूर्वक पढ़ना चाहिए। हिंदी भाषा में विदेशी शब्दों को समझना भी बेहद जरूरी है, क्योंकि इस तरह के सवाल भी पूछे जाते हैं।

इसे भी पढ़ें- UGC NET 2020: जानिए कैसे करनी है नेट की तैयारी, 16 मार्च से आवेदन प्रक्रिया शुरू

विजया सती कहती हैं कि हिंदी में नेट-जेआरएफ के लिए हिंदी साहित्य के विकास क्रम और हिंदी भाषा के विकासक्रम का ज्ञान होने जरूरी है। वे कहती हैं कि अभ्यर्थियों को हिंदी साहित्य के अध्ययन के साथ ही हिंदी भाषा के विकास और उद्भव के बारे में भी गहनता से पढ़ना चाहिए। इसके अलावा, हिंदी भाषा में कौन-सा शब्द कहां से आया, इसकी जानकारी होनी चाहिए। विजया सती कहती हैं कि हिंदी के सतही अध्ययन से नेट-जेआरएफ नहीं निकलने वाला। इसके लिए विद्यार्थियों को मेहनत और लगन से पढ़ना  होगा।
 

UGC NET 2020: know from experts how to prepare for Hindi? Which books are important
नेट 2020 - फोटो : अमर उजाला

हिंदी में नेट निकालने के लिए आपको ऐसे करनी है तैयारी?
दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज में तदर्थ प्राध्यापक डॉक्टर प्रकाश उप्रेती का कहना है कि हिंदी विषय में नेट की परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को सबसे पहले अपने विषय को गद्य और पद्य दो भागों में बांट लेना चाहिए। गद्य और पद्य दोनों विधाओं की तैयारी के लिए अलग-अलग मेहनत करनी चाहिए। नेट की परीक्षा दे रहे विद्यार्थियों को रामचंद्र शुक्ल का हिंदी साहित्य का इतिहास किताब जरूर पढ़नी चाहिए, क्योंकि हिंदी के लेखकों की तिथि से संबंधित सारे संदेहों के निराकरण के लिए यह किताब सबसे प्रमाणिक और उपयुक्त है।

 

गद्य साहित्य के इतिहास को समझने के लिए विद्यार्थियों को रामचंद्र तिवारी की हिंदी गद्य साहित्य का इतिहास किताब की मदद लेनी चाहिए। यह किताब गद्य में सारी विद्याओं जैसे कि उपन्यास, कहानी, नाटक, रिपोर्टाज, आत्मकथा, रेखाचित्र, संस्मरण और निबंध के बारे में जानकारी देगी। इस किताब के जरिए अभ्यर्थी आधुनिक काल से लेकर नवीनत (अध्यतन) काल तक सारी जानकारी हासिल कर सकते हैं। हिंदी में नेट देने वाले विद्यार्थियों को सबसे पहले इन दोनों ही किताबों से जरूर गुजरना चाहिए।

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डॉक्टर प्रकाश उप्रेती कहते हैं कि अगर आप इन किताबों को नियमित पढ़ेंगे तो हिंदी में आपका नेट-जेआरएफ जरूर निकलेगा। इन किताबों से आपको सिर्फ ऑब्जेक्टिव ही नहीं विषय की गहराई का ज्ञान मिलेगा। ऑब्जेक्टिव के लिए आप बाजार में मिलने वाली बहुत-सी किताबों को खरीद सकते हैं। बाजार में अलग-अलग लेखकों में से आप किसी की भी वस्तुनिष्ठ किताब पढ़ सकते हैं। भारतीय काव्यशास्त्र के लिए आप डॉक्टर तारकनाथ बाली और पाश्चात्य काव्यशास्त्र के लिए डॉक्टर भगीरथ मिश्र की पुस्तक अहम है। भाषा विज्ञान के लिए विद्यार्थी डॉक्टर भोलनाथ तिवारी को पढ़ सकते हैं।

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