UGC FHEIs Updates: अब तीन फरवरी तक दे सकेंगे विदेशी विश्वविद्यालयों के भारतीय कैंपस खोलने के संबंध में सुझाव
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप देश में विदेशी उच्च शिक्षण संस्थानों के परिसरों की स्थापना के लिए मसौदा दिशा-निर्देशों को अधिसूचित किया था और उसी पर जनता से सुझाव और प्रतिक्रिया आमंत्रित की थी। यूजीसी सचिव रजनीश जैन ने कहा कि यह अनुरोध किया जाता है कि टिप्पणियों/ सुझाव/ फीडबैक को तीन फरवरी, 2023 तक ugcforeigncollaboration@gmail.com पर भेज दिया जाए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने भारत में विदेशी उच्च शिक्षण संस्थानों के परिसरों (FHEIs) की स्थापना को लेकर चल रही कवायद में टिप्पणियां, सुझाव और प्रतिक्रिया जमा करने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर तीन फरवरी, 2023 करने की घोषणा की है। यूजीसी के सचिव रजनीश जैन ने सोमवार को एक सार्वजनिक सूचना में कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से विदेशी उच्च शिक्षा के परिसरों की स्थापना और संचालन के मसौदे पर हितधारकों से टिप्पणियां आमंत्रित की गई थी। इसलिए, उपरोक्त मसौदा विनियमों पर टिप्पणी/ सुझाव/ प्रतिक्रिया प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि बढ़ाने के लिए प्राप्त अनुरोधों के मद्देनजर, मसौदा नियमों पर टिप्पणियां स्वीकार करने की अंतिम तिथि तीन फरवरी, 2023 तक बढ़ाई जाती है।
यूजीसी सचिव रजनीश जैन ने आगे कहा कि यह अनुरोध किया जाता है कि टिप्पणियों/ सुझावों/ फीडबैक को तीन फरवरी, 2023 तक ugcforeigncollaboration@gmail.com पर भेज दिया जाए। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने गुरुवार को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप देश में विदेशी उच्च शिक्षण संस्थानों के परिसरों की स्थापना के लिए मसौदा दिशा-निर्देशों को अधिसूचित किया और उसी पर जनता से सुझाव और प्रतिक्रिया आमंत्रित की।
Last date for receiving comments/suggestions/feedback on the draft UGC (Setting up and Operation of Campuses of Foreign Higher Educational Institutions in India) Regulations, 2023 has been extended to 3rd February, 2023.
— UGC INDIA (@ugc_india) January 16, 2023
For details:https://t.co/zTG4EsyVBy@PMOIndia pic.twitter.com/EyzHz0GDdN
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), 2020 की सिफारिशों के अनुरूप, 2021 में उच्च शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण पर दिशा-निर्देश, जिनमें विश्वविद्यालयों में अंतरराष्ट्रीय मामलों के लिए एक कार्यालय और पूर्व छात्र कनेक्ट सेल स्थापित करने जैसे प्रावधान शामिल हैं, को अधिसूचित किया गया है।
पाठ्यक्रम ऑफलाइन मोड में ही चलाने होंगे
यूजीसी ने एक विज्ञप्ति में कहा कि इन नियमों के तहत पेश किए जाने वाले कार्यक्रमों को ऑनलाइन मोड में अनुमति नहीं दी जाएगी। पाठ्यक्रम ऑफलाइन मोड में ही चलाने होंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में कल्पना की गई है कि दुनिया के शीर्ष विश्वविद्यालयों को भारत में संचालित करने की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके लिए, इस तरह के आवेदकों की सुविधा के लिए एक विधायी ढांचा तैयार किया जाएगा, और ऐसे विश्वविद्यालयों को भारत के अन्य स्वायत्त संस्थानों के समान नियामक, शासन और सामग्री मानदंडों के संबंध में विशेष छूट दी जाएगी।
कमेंट
कमेंट X