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UGC: टेक्नो ग्लोबल यूनिवर्सिटी शिलांग की मान्यता रद्द, मेघालय सरकार ने यूजीसी से की थी मांग
Fri, 12 Jan 2024 06:36 AM IST
गुलाम अहमद
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: गुलाम अहमद
Updated Fri, 12 Jan 2024 06:36 AM IST
सार
यूजीसी के सचिव प्रोफेसर मनीष जोशी की ओर से बृहस्पतिवार को पब्लिक नोटिस जारी किया गया है। इसमें लिखा है कि राज्य सरकार के आग्रह पर ही इस स्टेट प्राइवेट यूनिवर्सिटी को विश्वविद्यालय सूची से हटाया जा रहा है।
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- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने मेघालय की टेक्नो ग्लोबल यूनिवर्सिटी शिलांग की मान्यता समाप्त कर दी है। इसके बाद इस यूनिवर्सिटी का नाम अपने अधीन विश्वविद्यालयों की सूची से हटा दिया है। यह कदम मेघालय सरकार की ओर से 27 सितंबर 2022 को लिखे पत्र और मांग के आधार पर उठाया गया है। राज्य सरकार ने टेक्नो ग्लोबल यूनिवर्सिटी शिलांग को अस्तित्वहीन या अनुपलब्ध मानते हुए यूजीसी से उसका नाम अपने विश्वविद्यालयों की सूची से हटाने की मांग रखी थी।
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यूजीसी के सचिव प्रोफेसर मनीष जोशी की ओर से बृहस्पतिवार को पब्लिक नोटिस जारी किया गया है। इसमें लिखा है कि राज्य सरकार के आग्रह पर ही इस स्टेट प्राइवेट यूनिवर्सिटी को विश्वविद्यालय सूची से हटाया जा रहा है। इस विश्वविद्यालय को यूजीसी ने जनवरी 2013 में अपनी विश्वविद्यालय सूची में जगह यानी मान्यता दी थी। उधर, विश्वविद्यालय ने भी अपने वेबसाइट पर लिखा है कि जांच के बाद कभी उन्होंने कोई अकेडमिक काम नहीं किया है।
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शिक्षकों को मिलेगी परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग में मास्टर ट्रेनिंग
तकनीकी कॉलेजों के शिक्षकों को परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (एचपीसी) में मास्टर ट्रेनिंग मिलेगी। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) अपने मान्यता प्राप्त कॉलेजों के शिक्षकों को परफाॅर्मेंस कंप्यूटिंग में विशेषज्ञता बढ़ाने के लिए यह ट्रेनिंग देने जा रहा है। इच्छुक शिक्षक 20 जनवरी तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस मास्टर ट्रेनिंग के तहत एक सप्ताह की ऑनलाइन और दो सप्ताह की ऑफलाइन ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रशिक्षण की कक्षाएं 29 जनवरी से शुरू होंगी। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तकनीकी कॉलेजों के शिक्षकों को परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग में मास्टर ट्रेनिंग देने का फैसला लिया गया है।
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एआईसीटीई सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस कम्प्यूटिंग (सी-डैक) के सहयोग से हाइ परफॉर्मेंस कम्प्यूटिंग के क्षेत्र में मास्टर ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू कर रहा है। इसमें अनुमोदित संस्थानों के शिक्षकों को हाई- परफॉर्मेंस कम्प्यूटिंग से जुड़ा प्रशिक्षण मिलेगा। एआईसीटीई ने ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। एचपीसी मास्टर ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए कुल 100 सीटें उपलब्ध है।
प्रोग्राम विशेष रूप से राष्ट्रीय सुपर कंप्यूटिंग मिशन में डिजाइन किया गया
इस प्रोग्राम को केंद्र सरकार के राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (एनएसएम) के तहत विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। एनएसएम सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है जिसका उद्देश्य एचपीसी के क्षेत्र में क्षमता का निर्माण करना है। इस कार्यक्रम के तहत शिक्षकों को एचपीसी के क्षेत्र में उन्नत ज्ञान, कौशल और विशेषज्ञता से लैस किया जाएगा। इस कार्यक्रम के जरिये मास्टर ट्रेनर्स तैयार किए जाएंगे। यह मास्टर ट्रेनर आगे देश भर में अन्य शिक्षकों को शिक्षित और प्रशिक्षित करेंगे। इसके माध्यम से शिक्षकों को एचपीसी के बारे में विस्तार से जानकारी और भविष्य की चुनौतियों से निपटने को भी तैयार किया जाएगा। इस प्रोग्राम से शिक्षकों के प्रशिक्षण और विकास के क्षेत्र में एक नए करियर के अवसर भी बढ़ेगे। कार्यक्रम में एचपीसी के बेसिक फंडामेंटल, कंप्यूटर आर्किटेक्चर, एचपीसी क्लस्टर, लिनेक्स से लेकर शेल स्क्रिप्टिंग आदि को भी शामिल किया गया है।
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