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Hindi News ›   Education ›   UGC: 1800 graduation books will be available in 12 languages by June 2025

यूजीसी का एलान: जून 2025 तक 12 भाषाओं में मिलेंगी स्नातक की 1800 पुस्तकें, 13 विश्वविद्यालयों की ली जाएगी मदद

Wed, 17 Jul 2024 07:00 AM IST
निर्मल कांत अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 17 Jul 2024 07:00 AM IST
सार

UGC: यूजीसी के अध्यक्ष प्रोफेसर एम जगदीश कुमार ने जून 2025 तक कला, विज्ञान और वाणिज्य प्रोग्राम की 1800 पाठ्यपुस्तकें 12 भाषाओं में तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

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UGC: 1800 graduation books will be available in 12 languages by June 2025
प्रोफेसर एम. जगदीश कुमार - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

शैक्षणिक सत्र 2025 से स्नातक पाठ्यक्रमों के छात्र भी भारतीय भाषाओं में पढ़ाई करेंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अध्यक्ष प्रोफेसर एम जगदीश कुमार ने जून 2025 तक कला, विज्ञान और वाणिज्य प्रोग्राम की 1800 पाठ्यपुस्तकें 12 भाषाओं में तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस संबंध में मंगलवार को एक कार्यशाला में यूजीसी अध्यक्ष ने बताया कि भारतीय भाषाओं में स्नातक पाठ्यक्रमों की किताबें तैयार करने के लिए 13 नोडल विश्वविद्यालयों की मदद ली जाएगी।  

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पहले चरण में कला, विज्ञान और वाणिज्य की किताबें तैयार की जाएंगी। इसके लिए पुस्तक लेखन प्रक्रिया के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी बनाई है। एसओपी में नोडल अधिकारियों और लेखकों की पहचान, शीर्षक, विषय और कार्यक्रम का आवंटन, लेखन और संपादन, पांडुलिपि जमा करना, समीक्षा और साहित्यिक चोरी की जांच, अंतिम रूप देना, डिजाइनिंग, प्रूफ-रीडिंग और ई-प्रकाशन शामिल है। 
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कार्यशाला में शिक्षा मंत्रालय, यूजीसी, भारतीय भाषा समिति समेत विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने इसका उद्घाटन किया था। सरकार के उच्च शिक्षा सचिव के. संजय मूर्ति ने भारतीय भाषाओं में अध्ययन सामग्री बढ़ाने के लिए 'अस्मिता' परियोजना लांच की। इसके तहत अनुवाद और अकादमिक लेखन के माध्यम से भारतीय भाषाओं में अध्ययन सामग्री को बढ़ावा दिया जाएगा। 
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इसका लक्ष्य उच्च शिक्षा के विभिन्न विषयों में भारतीय भाषाओं में अनुवाद और मूल पुस्तक लेखन के लिए मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है। इसके तहत अगले पांच साल में 22 भाषाओं में 1000 किताबें तैयार की जाएंगी।


आईटी, इंडस्ट्री, शिक्षा व रिसर्च में बहुभाषा शब्दकोष
इस मौके पर मूर्ति ने बहुभाषा शब्दकोश भी लॉन्च किया। इससे सभी  भारतीय भाषाओं के शब्दों और उनके अर्थों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसे भारतीय भाषा समिति के सहयोग से केंद्रीय भारतीय भाषा संस्थान (सीआईआईएल) की ओर से विकसित किया जाएगा। इसके अलावा रियल टाइम ट्रांसलेशन आर्किटेक्चर के लिए 'भारतीय भाषा इकोसिस्टम' भी लांच किया गया है।

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