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NMC: त्रिपुरा के निजी मेडिकल कॉलेज को मिली एमबीबीएस कोर्स शुरू करने की मंजूरी, सीएम माणिक साहा ने दी जानकारी

Fri, 06 Sep 2024 07:07 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Fri, 06 Sep 2024 07:07 PM IST
सार

Tripura: त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने जानकारी दी है कि राज्य के एक निजी मेडिकल कॉलेज को 2024-25 शैक्षणिक वर्ष से 150 छात्रों के लिए एमबीबीएस कोर्स शुरू करने की अनुमति मिल गई है। एनएमसी ने त्रिपुरा शांतिनिकेतन मेडिकल कॉलेज को अनुमति दे दी है।
 

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Tripura pvt medical college gets nod to begin MBBS course, Read here
Medical, Doctor - फोटो : istock

विस्तार

Tripura: त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने शुक्रवार को कहा कि राज्य के एक निजी मेडिकल कॉलेज को 2024-25 शैक्षणिक वर्ष से 150 छात्रों के लिए एमबीबीएस कोर्स शुरू करने की अनुमति अधिकारियों से मिल गई है। कांग्रेस विधायक सुदीप रॉय बर्मन द्वारा विधानसभा में लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए साहा ने कहा कि राष्ट्रीय चिकित्सा परिषद (एनएमसी) ने त्रिपुरा शांतिनिकेतन मेडिकल कॉलेज (टीएसएमसी) को अपनी मंजूरी दे दी है।

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एनएमसी की अनुमति के आधार पर, त्रिपुरा विश्वविद्यालय ने पश्चिम त्रिपुरा जिले के रानीरखमार में स्थित मेडिकल कॉलेज को संबद्धता की सहमति भी जारी की है। स्वास्थ्य विभाग का प्रभार संभालने वाले मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल 150 एमबीबीएस सीटों में से 50 प्रतिशत पूर्वोत्तर राज्य के छात्रों के लिए आरक्षित होंगी। हालांकि, कांग्रेस विधायक ने एमबीबीएस कोर्स की अत्यधिक फीस पर चिंता व्यक्त की।
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बर्मन ने कहा, "कथित तौर पर मेडिकल कॉलेज एमबीबीएस कोर्स के लिए करीब 1 करोड़ रुपये ले रहा है, जो राज्य की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को देखते हुए काफी अधिक है। राज्य के कई मेधावी छात्र उच्च कोर्स फीस के कारण कॉलेज में मेडिकल कोर्स नहीं कर पाते।"
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मेडिकल कॉलेज कोलकाता स्थित एक ट्रस्ट के तहत काम करता है। विपक्ष के नेता जितेंद्र चौधरी ने भी निजी मेडिकल कॉलेज को प्रवेश की अनुमति देने के तरीके पर चिंता व्यक्त की। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पूर्वोत्तर राज्य में व्यापार करने में आसानी पर ध्यान केंद्रित कर रही है। 

साहा ने कहा, "अगर हम प्रवर्तन निदेशालय या सीबीआई से मंजूरी मांगते हैं तो कोई भी निवेशक राज्य में नहीं आएगा। हमने पिछले तीन वर्षों से ट्रस्ट की वित्तीय क्षमता का आकलन किया है कि वह कॉलेज का प्रबंधन कर सकता है या नहीं।"


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रशिक्षण उद्देश्यों के लिए राज्य द्वारा संचालित आईजीएम अस्पताल के एक हिस्से का उपयोग करने के लिए अपनी सहमति पहले ही दे दी है।

उन्होंने कहा, "हम कॉलेज के कामकाज पर नजर रख रहे हैं। अगर कुछ अप्रत्याशित होता है, तो हम उचित कदम उठाएंगे।"

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