फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   TMC Student Wing Locks RBU VC’s Office, Demands Removal Over Policy Decisions

Kolkata: रवींद्र भारती विश्वविद्यालय में टीएमसी छात्र संगठन का विरोध, कार्यवाहक कुलपति का कक्ष बंद

Tue, 25 Mar 2025 07:38 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Tue, 25 Mar 2025 07:38 PM IST
सार

Kolkata: टीएमसी छात्र संगठन ने रवींद्र भारती विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति शुभ्र कमल मुखर्जी के कक्ष को बंद कर दिया, आरोप लगाया कि वे अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर नीतिगत फैसले ले रहे हैं। विरोध के चलते मुखर्जी ने विश्वविद्यालय न जाने का फैसला किया।
 

विज्ञापन
TMC Student Wing Locks RBU VC’s Office, Demands Removal Over Policy Decisions
Protest (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

Kolkata: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के छात्र संगठन ने मंगलवार को रवींद्र भारती विश्वविद्यालय (RBU) के कार्यवाहक कुलपति शुभ्र कमल मुखर्जी के कक्ष को बंद कर दिया। छात्रों का आरोप है कि मुखर्जी अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर नीतिगत फैसले ले रहे हैं।
विज्ञापन


जब प्रदर्शन हुआ, उस समय मुखर्जी अपने जोड़ासांको कैंपस स्थित कार्यालय में मौजूद नहीं थे। लगभग 50 छात्र संगठन के सदस्यों ने उनके कार्यालय के बाहर धरना दिया और कक्ष का दरवाजा बंद कर दिया। मुखर्जी ने इस स्थिति को "बेहद दुर्भाग्यपूर्ण" बताया।
विज्ञापन


इससे एक दिन पहले भी, टीएमसीपी के सदस्यों ने कार्यवाहक कुलपति को उनके कक्ष में प्रवेश करने से रोका था और उनके इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी की थी।

प्रदर्शन तब शुरू हुए जब मुखर्जी ने विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद (EC) की बैठक बुलाई और कुछ महत्वपूर्ण प्रशासनिक व शैक्षणिक निर्णय लिए।

टीएमसीपी के एक नेता का कहना है कि कार्यवाहक कुलपति को इस तरह की नीति संबंधी बैठकें बुलाने का अधिकार नहीं है, यह केवल पूर्णकालिक कुलपति कर सकते हैं। एक अन्य छात्र नेता ने कहा कि जब तक मुखर्जी को उनके पद से हटाया नहीं जाता, तब तक उन्हें कुलपति कार्यालय में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह विश्वविद्यालय पिछले डेढ़ साल से प्रशासनिक दिक्कतों से जूझ रहा है। राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस, जो कि राज्य विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति हैं, ने 2023 में मुखर्जी को कार्यवाहक कुलपति नियुक्त किया था। तब से वे इस पद पर कार्यरत हैं।

मुखर्जी ने कहा, "यह स्थिति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। वे मुझे उस स्थान पर प्रवेश करने से रोक रहे हैं, जो गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की यादों से जुड़ा है। क्या यह किसी टैगोर प्रेमी के लिए झटका नहीं है?"


उन्होंने यह भी दावा किया कि यह केवल छात्र नहीं, बल्कि कुछ गैर-शिक्षण कर्मचारी और अन्य शक्तियां भी इस विरोध के पीछे हैं। उन्होंने कहा कि वह वर्तमान स्थिति में विश्वविद्यालय नहीं जाएंगे और इस मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed