सात साल बाद दुनिया के टॉप 300 में भारत की एक भी यूनिवर्सिटी नहीं, जानें क्यों
- वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में कुल 500 संस्थानों की सूची जारी
- सात साल बाद टॉप 300 में भारत के किसी संस्थान को नहीं मिली जगह
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इस बार की वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग जारी हो चुकी है। इस सूची में दुनियाभर के कुल 500 विश्वविद्यालयों को जगह दी गई है। लेकिन भारत के लिए यह सूची काफी अच्छी नहीं कही जा सकती। सात साल बाद ऐसा हुआ है जब दुनिया के टॉप 300 में भी भारत की एक भी यूनिवर्सिटी को जगह नहीं मिल पाई है। अब से पहले साल 2012 में ऐसा हुआ था।
हालांकि एक अच्छी बात ये रही कि टॉप 500 में पहले की तुलना में इस बार भारत के ज्यादा विश्वविद्यालयों ने जगह बनाई है। 2018 में भारत के 5 संस्थानों को इस रैंकिंग में जगह मिली थी। जबकि इस बार यह संख्या बढ़कर 6 हो गई है।
किस संस्थान को मिला पहला स्थान? भारत के किस संस्थान ने इस रैंकिंग में किया टॉप? कैसा रहा आईआईटी (IITs) और आईआईएससी (IISc) का प्रदर्शन? क्यों खराब हुई भारत के संस्थानों की रैंकिंग? आगे पढ़ें इन सभी सवालों के जवाब।
लगातार चौथे साल ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी पहले स्थान पर बनी हुई है।
ये हैं इस बार की टॉप 5
- ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, यूके
- कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, यूएस
- कैंब्रिज यूनिवर्सिटी, यूके
- स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी, यूएस
- मैसेच्यूसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, यूएस
पिछले साल भी ये चार संस्थान ही टॉप 5 में थे। रैंकिंग भी लगभग ऐसी ही थी। बस कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी पांचवें स्थान पर था, जो इस बार दूसरे पर आ गया है।
भारत के टॉप 5 संस्थान जिन्हें वर्ल्ड टॉप 500 में जगह मिली
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc), बेंगलुरू - 301-350 के बीच
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) रोपड़ - 301-350 के बीच
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) इंदौर - 351-400 के बीच
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) बॉम्बे - 401-500 के बीच
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) दिल्ली - 401-500 के बीच
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) खड़गपुर - 401-500 के बीच
इसमें सबसे अच्छा प्रदर्शन आईआईटी रोपड़ का रहा, जो पहली बार में ही भारतीय संस्थानों में टॉप पर रहा। जबकि आईआईएससी की रैंक नीचे आ गई है। पिछले साल आईआईएससी को 251-300 के बीच जगह मिली थी।
एशिया में टॉप पर चीन के दो संस्थान हैं। चीन की सिन्हुआ (Tsinghua) यूनिवर्सिटी को वर्ल्ड रैंकिंग में 23वां स्थान और पेकिंग (Peking) यूनिवर्सिटी को को 24वां स्थान मिला है।
- यह रैंकिंग टाइम्स हायर एजुकेशन (THE) ने जारी की है।
- 92 देशों के कुल 1,300 संस्थानों ने इस रैंकिंग में हिस्सा लिया।
- किसी देश से ज्यादा से ज्यादा यूनिवर्सिटीज को इस रैंकिंग में जगह मिलने के मामले में भारत 5वें स्थान पर रहा।
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आगे पढ़ें, क्यों गिरी रैंकिंग
टीएचई के अनुसार, सर्वश्रेष्ठ भारतीय संस्थान को उद्योग जगत से उसके छात्रों को मिलने वाले ऑफर के मामले में अच्छा स्कोर मिलता है। लेकिन जब अंतरराट्रीय पटल पर देखा जाता है तो इन संस्थानों की परफॉर्मेंस अच्छी नहीं होती।
टीएचई रैंकिंग एडिटर एली बॉथवेल का कहना है कि 'तेजी से बढ़ती युवा आबादी, अर्थव्यवस्था और निर्देश माध्यम के तौर पर अंग्रेजी भाषा के प्रयोग को देखते हुए वैश्विक उच्चतर शिक्षा में भारत की काफी संभावनाएं हैं। भारत सरकार अपनी टॉप यूनिवर्सिटीज की वर्ल्ड रैंकिंग में सुधार को लेकर ठोस इरादे भी दिखा जा चुकी है। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि बढ़ती हुई वैश्विक प्रतियोगिता के बीच उच्च स्तरीय निवेश भी किया जाए।'
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