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Hindi News ›   Education ›   Telangana’s first container school to be inaugurated, KNow about Conatine schools and their facilities

Container School: क्या होता है कंटेनर स्कूल, जो तेलंगाना में खुला है? जानें कैसे होती है इसमें पढ़ाई

Fri, 20 Sep 2024 06:00 AM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Fri, 20 Sep 2024 06:00 AM IST
सार

Telangana: तेलंगाना में पहला कंटेनर स्कूल खोला गया है। इसे बनाने में कुल 13 लाख रुपए की लागत आई। ऐसे में आइए जानते हैं कि कंटेनर स्कूल क्या होते हैं और तेलंगाना के कंटेनर स्कूल में क्या-क्या सुविधाएं हैं।
 

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Telangana’s first container school to be inaugurated, KNow about Conatine schools and their facilities
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Freepik

विस्तार

Container School: तेलंगाना में पहले कंटेनर स्कूल की शुरूआत की गई है। स्कूल का उद्घाटन पंचायत राज और ग्रामीण विकास मंत्री दानसारी अनसूया (सीथक्का) ने किया। स्कूल तेलंगाना के मुलुगु जिले के कन्नैगुडेम मंडल के कंथानापल्ली ग्राम पंचायत की सीमा के अंतर्गत आने वाले सुदूर बंगारुपल्ली गांव में खोला गया है। ऐसे में आइए जानते हैं कि ये कंटेनर स्कूल क्या होता है और इस स्कूल में क्या-क्या सुविधाएं हैं।

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क्या होता है कंटेनर स्कूल?

वन क्षेत्रों या जहां पक्के निर्माण की अनुमति नहीं होती, ऐसी जगह पर शिक्षा देने के लिए कंटेनर स्कूल का कॉन्सेप्ट कारगर होता है। ऐसे क्षेत्रों में स्कूल चलाने के लिए कंटेनर स्कूल एक आदर्श विकल्प है। इसे आसानी से किसी भी क्षेत्र में स्थापित किया जा सकता है। यह एक कंटेनर जैसे आकार का होता है। कंटेनर स्कूलों में पुनर्नवीनीकरण सामग्री का उपयोग होता है, जिससे पर्यावरण को नुकसान कम होता है।

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कैसे होती है कंटेनर स्कूल में पढ़ाई?

कंटेनर स्कूल में भी पढ़ाई सामान्य स्कूलों की तरह ही होती है। यह सामान्य स्कूल से सिर्फ बनावट में अलग होता है। जहां पारंपरिक स्कूल स्थाई होते हैं और अपनी जगह से स्नानंतिरत नहीं हो सकते, वहीं कंटेनस स्कूल को दूसरी जगह स्थापित किया जा सकता है। इसे बनाना भी आसाना होता है।

कंटेनर स्कूल में बिजली, पानी, शौचालय और सौर ऊर्जा जैसी सभी बुनियादी सुविधाओं का इंतजाम भी किया जाता है। इन्हें जरूरत पड़ने पर किसी अन्य स्थान पर आसानी से स्थानांतरित किया जा सकता है, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों में शिक्षा पहुंचाना आसान हो जाता है।

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तेलंगाना के कंटेनर स्कूल के बारे में

तेलंगाना में भी जो कंटेनर स्कूल खुला है, वह वन क्षेत्र में ही खोला गया है। इस स्कूल के जरिए राज्य के वन क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को शिक्षत किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बंगारुपल्ली गांव पहले एक स्कूल था। वह भी झोपड़ी में संचालित था। वन क्षेत्रों में स्थायी इमारतों के निर्माण पर प्रतिबंध के कारण अधिकारी पारंपरिक स्कूल बनाने की अनुमति प्राप्त नहीं कर सके। इन चुनौतियों से निपटने के लिए बच्चों की शिक्षा के लिए एक टिकाऊ और व्यावहारिक समाधान प्रदान करते हुए कंटेनर स्कूल की स्थापना की गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कंटेनर स्कूल 25 फीट लंबा और 25 फीट चौड़ा है, जिसे बनाने में कुल 13 लाख रुपए की लागत आई। इस स्कूल में बिजली, पानी, शौचालय सहित सभी बनुयादी सुविधाएं मौजूद हैं। स्कूल में बेंच के साथ सौर ऊर्चा भी लगाया गया है।

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