फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   Success Stories ›   Success story of Retail Business King Kishore Biyani

99 रुपये की 'पतलून' से बना दिया 9000 करोड़ का 'पेंटालून', फिर यूं बन गए RETAIL किंग

Wed, 11 Oct 2017 07:33 PM IST
amarujala.com- presented by: राजेश सैनी
amarujala.com- presented by: राजेश सैनी Updated Wed, 11 Oct 2017 07:33 PM IST
विज्ञापन
Success story of Retail Business King Kishore Biyani
किशोर बियानी
क्या आपने किशोर बियानी का नाम सुना है ? आपका जवाब हो सकता है 'हां' या 'नहीं' पर आपने बिग बाजार का नाम जरूर सुना होगा। ये सक्सेस स्टोरी है फ्यूचर समूह के ऑनर और इंडिया में रिटेल बाजार यानि 'बिग बाजार' की शुरुआत करने वाले किशोर बियानी की...
विज्ञापन


 

Success story of Retail Business King Kishore Biyani
डेमो
आपकी जानकारी के लिए बता दें रिटेल किंग के नाम से मशहूर किशोर बियानी को फिर से फोर्ब्‍स इंडिया 100 रिचेस्‍ट 2017 लिस्‍ट में जगह मिल गई है, लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने कितना लंबा सफर तय किया है और जीवन के किन उतार-चढ़ाव से होकर वे गुजरे हैं, ये सभी बातें अपनी स्टोरी के माध्यम से अमर उजाला डॉटकॉम आपको बताएगा। 

बिजनेस की दुनिया में किशोर बियानी ने सबसे पहले1987 में पैंटालूंस नामक कंपनी से शुरूआत की थी। इस कंपनी के नाम के पीछे का भी गजब का लॉजिक है। 1987 में मैंस वियर प्रा. लि. नामक कंपनी पैंटालून का नाम, ऊर्दू शब्द पतलून जैसा मिलता-जुलता था, इसलिए इसे चुना गया।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

Success story of Retail Business King Kishore Biyani
किशोर बियानी
इसी नाम से काम चल निकला। 1991 में गोवा में पेंटालून शॉप शुरू की। साल 1992 में शेयर बाजार से पैसा जुटाया और ब्रांड खड़ा कर दिया। आज इस कंपनी का 9 हजार करोड़ से ज्‍यादा का टर्नओवर है। किशोर बियानी को फोर्ब्‍स इंडिया 100 रिचेस्‍ट 2017 लिस्‍ट में 55वां स्‍थान मिला है। रीटल से उनकी कुल संपत्ति 2.75 बिलियन यूएस डॉलर बताई गई है।

खबरों के मुताबिक किशोर का जन्म राजस्थान में हुआ। परिवार मध्‍यमवर्गीय था। दादा पहले ही राजस्थान से मुंबई आ गए थे। वे यहां धोती-साड़ियों का व्‍यापार करते थे। इसी राह पर चलते हुए किशोर ने 22 साल की उम्र में ट्राउजर बनाने का काम शुरू किया। किशोर की कामयाबी का राज है काम के प्रति उनकी लगन और मेहनत थी। कहा जाता है कि किशोर लोगों की च्‍वाइस को समझकर ही अपने प्रोडेक्‍ट बाजार में लाते हैं। 

 
विज्ञापन

Success story of Retail Business King Kishore Biyani
किशोर बियानी
आज भी अपने किसी फ्रेंचाइजी स्टोर में जाकर बैठ जाते हैं और लोगों की खरीददारी का पैटर्न देखते हैं। ये तरीका कुछ-कुछ वैसा ही है जैसे पुरातन काल में राजा अपनी प्रजा का हाल देखने के लिए जनता के बीच जाया करते थे। 

किशोर पढ़ाई में अच्छे नहीं थे। 22 साल की उम्र में घरवालों ने शादी कर दी। पिता के साथ काम करने लगे पर उन्‍हें उनके काम करने का तरीका बेहद पुराना लगता था। कुछ नया करने की चाह ने किशोर को आज बुलंदियों पर पहुंचा दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Education News in Hindi related to careers and job vacancy news, exam results, exams notifications in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Education and more Hindi News.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed