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कभी 50 पैसे थी कमाई, आज है करोड़पति

Sat, 15 Nov 2014 08:54 AM IST
विनीता वशिष्ठ/अमर उजाला
विनीता वशिष्ठ/अमर उजाला Updated Sat, 15 Nov 2014 08:54 AM IST
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Rag to Riches - Success Story of Patricia Narayan owner of Sandheepa Restaurant in Chennai
कभी ये औरत मरीना बीच पर कॉफी और कटलेट बेच कर पचास पैसे रोज कमाती थी। आज इसकी एक दिन की कमाई 10 लाख रुपए से ज्यादा है। चेन्नई में 'संदीपा रेस्टोरेंट' श्रंखला की डायरेक्टर पेट्रिका नारायणन इस बात की मिसाल हैं कि संघर्ष करने वालों पर किस्मत देर से ही सही लेकिन मेहरबान जरूर होती है।
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ईसाई परिवार में जन्मी पेट्रिका ने घरवालों के खिलाफ जाकर एक ब्राह्मण युवक से प्रेम विवाह किया। शादी के बाद पेट्रिका के पति ने नौकरी छोड़ दी और वो शराब और दूसरे नशे करने लगा। इस बीच पेट्रिका ने दो बच्चों को जन्म दिया और पति के अत्याचार सहती रही क्योंकि उनके पिता ने उनकी मदद करने और सहारा देने से साफ मना कर दिया था। हालांकि पेट्रिका की मां चोरी छिपे बेटी की मदद कर दिया करती थी। जब पति के अत्याचार हद से ज्यादा बढ़ गए तो बच्चों के भविष्य की खातिर पेट्रिका ने उस नारकीय जीवन से अलग होना बेहतर समझा।
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पहले दिन की कमाई 50 पैसे

Rag to Riches - Success Story of Patricia Narayan owner of Sandheepa Restaurant in Chennai
जब पेट्रिका ने अपनी शादी समाप्त की तो उसके पास अपना और अपने बच्चों का पेट भरने के लिए कोई जरिया नहीं था। उसे कुकिंग के अलावा कुछ नहीं आता था। लेकिन कुकिंग के हुनर को ही पेट्रिका ने अपना हथियार बनाया और मरीना बीच पर कॉफी कटलेट बेचने का काम शुरू किया। पहले दिन मरीना बीच पर हजारों लोगों के बीच पेट्रिका केवल एक कॉफी बेच सकीं, कीमत थी पचास पैसे।

पेट्रिका हताश हो गई लेकिन उनकी मां ने हौंसला बढ़ाया और कॉफी कटलेट के साथ अचार, मुरब्बा,स्कवेश, भाजी भी रखने की सलाह दी। पेट्रिका ‌दिन भर घर पर बैठकर अचार, मुरब्बे, भाजी बनाती, पैक करती और शाम को मरीना बीच पर पह‌ुंच जाती। वहां एक विज्ञापन बोर्ड की रोशनी में स्टॉल लगाकर अपना सामान बेचती।

पेट्रिका बताती हैं कि ये काम आसान नहीं था। कॉफी बेचने का लाइसेंस पाने में ही उन्हें साल भर लग गया। दूसरा, मरीना बीच पर सैंकड़ों ऐसी ही दुकानें थी जो बड़ी चुनौती थी। लेकिन अपनी मेहनत और लजीज अचार मुरब्बों के बल पर पेट्रिका ने कस्टमर बनाने शुरु किए। पेट्रिका के बनाए अचार और मुरब्बे उनकी मां अपने दफ्तर ले जाती और सहयोगियों को बेचती। इससे पेट्रिका को मदद मिलती। धीरे धीरे मरीना बीच पर पेट्रिका का सामान लोकप्रिय हुआ उनका स्टॉल चल निकला।

50 पैसे से 25,000 रुपए रोजाना तक

Rag to Riches - Success Story of Patricia Narayan owner of Sandheepa Restaurant in Chennai
लगातार होती वाहवाही से पेट्रिका उत्साहित हुई और मरीना बीच पर ही उन्होंने अपने स्टॉल को बड़ा कर लिया। अब पेट्रिका की रोज की कमाई 50 पैसे से 25,000 रुपए तक पहुंच चुकी थी। पेट्रिका बताती है कि उन्होंने अपना एमबीए मरीना बीच पर किया क्योंकि इसी बीच पर उन्होंने बिजनेस और मैनेजमेंट के गुर सीखे।

1998 में अपने स्टॉल की कमाई से बचाए पैसों से पेट्रिका ने स्लम क्लियरेंस बोर्ड के कार्यालय में कैंटीन का कांट्रेक्ट लिया। यहां पेट्रिका के कैफेटेरिया की तारीफ हुई और जल्द ही उन्हें नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पोर्ट मैनेजमेंट में केंटीन चलाने का कांट्रेक्ट मिला। 1998 में पेट्रिका के कामकाज को देखकर उन्हें संगीता ग्रुप्स के नेलसन मनिकम रोड पर स्थित रेस्टोरेंट का डायरेक्टर बनाया गया।

इस सबके साथ साथ पेट्रिका अपने बच्चों को लेकर सजग थी। उनके दोनों बच्चे उच्च शिक्षा ग्रहण कर चुके थे। 2003 में उन्होंने अपनी बेटी प्रतिभा की शादी की। बेटा प्रवीण भी मर्चेंट नेवी में नौकरी कर रहा था। लेकिन एक हादसे ने पेट्रिका को बिजनेस और निजी दोनों मोर्चो पर पूरी तरह तोड़ दिया।
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बेटी की याद में खोला रेस्टोरेंट, आज हैं 18 आउटलेट्स

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2004 में एक सड़क हादसे में पेट्रिका की बेटी और दामाद की मौत हो गई। पेट्रिका पूरी तरह टूट गई और इसका असर उनके कामकाज पर पड़ने लगा। तब उनके बेटे प्रवीण ने मर्चेंट नेवी की नौकरी छोड़कर मां का साथ देना मुनासिब समझा। पेट्रिका ने उस स्थान पर एंबुलेंस सेवा शुरू की जहां उनकी बेटी ने इलाज न मिलने पर दम तोड़ा था।

2006 में पेट्रिका इस दुख से उबर कर फिर कामकाज में जुट गई। उन्होंने चेन्नई में ही अपना पहला रेस्टोरेंट खोला, बेटी की याद में खोले गए इस रेस्टोरेंट का नाम रखा गया 'संदीपा'। पेट्रिका अपने बेटे के साथ इस रेस्टोरेंट में जी जान से जुट गई। उनकी मेहनत और लगन का नतीजा है कि आज चेन्नई में संदीपा के 18 आउटलेट्स चल रहे हैं। संदीपा आउटलेट्स से पेट्रिका को रोज करीब 4 लाख रुपए का मुनाफा होता है।
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