फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   Students blackmailed of zero mark for their facullty, placement cell demand at IIIT Bhopal

छात्रों ने रखी फैकल्टी व प्लेसमेंट सेल की मांग, तो इस बड़े कॉलेज ने दे डाली जीरो नंबर देने की धमकी

Fri, 30 Aug 2019 12:33 PM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया Updated Fri, 30 Aug 2019 12:33 PM IST
विज्ञापन
Students blackmailed of zero mark for their facullty, placement cell demand at IIIT Bhopal
सांकेतिक तस्वीर

एक संस्थान ने अपने विद्यार्थियों को सिर्फ इसलिए जीरो नंबर देने की धमकी दे डाली क्योंकि उन्होंने अच्छी शिक्षा के लिए शिक्षकों और प्लेसमेंट सेल की मांग रखी। यह मामला इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, भोपाल (IIIT Bhopal) का है।

विज्ञापन


पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर आईआईआईटी भोपाल की शुरुआत 2017 में हुई थी। इसके पहले बैच के स्टूडेंट्स अगले साल अपनी डिग्री पूरी करने जा रहे हैं। लेकिन अब तक इस संस्थान के पास अपना कैंपस भी नहीं है। यह मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, भोपाल (MANIT) से संचालित हो रहा है, जिसे NIT भोपाल के नाम से जानते हैं।

विज्ञापन

जानें पूरा मामला

आईआईआईटी भोपाल के पास अब तक न तो कोई डीन है, न स्थाई फैकल्टी और न ही प्लेसमेंट को-ऑर्डिनेटर। यहां के स्टूडेंट्स लगातार स्थाई फैकल्टी और प्लेसमेंट सेल की मांग कर रहे हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन


इन्हीं मांगों को लेकर 200 से ज्यादा स्टूडेंट्स पिछले एक सप्ताह से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वे कक्षाओं का बहिष्कार कर कॉरिडोर में बैठे हैं। इनका प्रदर्शन बंद कराने के लिए संस्थान ने उन्हें परीक्षा में फेल करने तक की धमकी दे डाली। लेकिन कोई खास असर नहीं दिखा। 

स्टूडेंट्स का कहना है कि 'हमें जो शिक्षक पढ़ा रहे हैं वे अस्थाई हैं। अक्सर ऐसा होता है कि कुछ महीने या साल भर तक पढ़ाने के बाद शिक्षक बदल जाते हैं। इसका सीधा असर हमारी पढ़ाई पर होता है। यहां हमारी परेशानियां सुनने वाला भी कोई नहीं है। हमने  मैनिट निदेशक और आईआईआईटी भोपाल की नोडल ऑफिसर से भी बात की। लेकिन वे भी हमारी मदद करने के लिए तैयार नहीं हैं।'

ये भी पढ़ें : क्यों IIT Bombay से बीटेक-एमटेक करने के बाद इस शख्स ने ज्वाइन कर ली रेलवे ग्रुप-डी की नौकरी

बता दें कि मैनिट के निदेशक नरेंद्र सिंह रघुवंशी ही फिलहाल आईआईआईटी भोपाल के मेंटर हैं। जबकि मैनिट की प्रोफेसर ज्योति सिंघई आईआईआईटी की नोडल पदाधिकारी हैं।


जब मीडिया द्वारा नोडल ऑफिसर ज्योति संघई से इस बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने कोई जवाब देने से इनकार कर दिया। हालांकि मैनिट के कुछ अधिकारियों का कहना है कि स्थाई कर्मचारियों की नियुक्ति केंद्र के अंतर्गत आती है। स्टूडेंट्स के विरोध प्रदर्शन के बारे में उनके पैरेंट्स को भी चिट्ठी भेज दी गई है जिसमें कहा गया है कि अगर इनकी ये गतिविधि यूं ही जारी रही तो इन्हें परीक्षआ में जीरो नंबर दे दिया जाएगा।

ये भी पढ़ें : एक साल में इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने वाले कितने युवाओं को मिली नौकरी, सामने आई सच्चाई

अब विरोध कर रहे स्टूडेंट्स का कहना है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे कुछ प्रतिनिधियों को केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय, नई दिल्ली भेजेंगे। स्टूडेंट्स ट्विटर पर भी #IIITBhopalcrisis के नाम से कैंपेन चला रहे हैं।

बता दें कि IIITs में ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (JEE) मेन और एडवांस्ड के जरिए अच्छी रैंक पाने वाले स्टूडेंट्स को दाखिला मिलता है।  

ये भी पढ़ें : 20 साल बाद IIT ने नॉन इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स के लिए खोले दरवाजे, मिल रहा MBA करने का मौका

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed